नई दिल्ली: देश में मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर आई है। ‘फिजिक्स वाला’ (Physics Wallah) के संस्थापक और CEO अलख पांडे ने ऐलान किया है कि डेढ़ लाख से अधिक छात्रों को मुफ्त कोचिंग दी जाएगी। उनका कहना है कि शिक्षा हर किसी के लिए सुलभ होनी चाहिए और आर्थिक तंगी किसी भी प्रतिभाशाली छात्र की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए।
इस बीच, नीट-यूजी परीक्षा 2024 में ग्रेस मार्क्स विवाद को लेकर मामला तूल पकड़ चुका है। इस मुद्दे पर अलख पांडे सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गए हैं। उनका आरोप है कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने परीक्षा में मनमाने ढंग से 70-80 अंक तक ग्रेस देकर मेरिट लिस्ट को प्रभावित किया है।
शिक्षा में क्रांति लाने वाले अलख पांडे का सफर
अलख पांडे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के रहने वाले हैं। बचपन में उनका सपना अभिनेता बनने का था, लेकिन आर्थिक परिस्थितियों ने उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उतरने के लिए मजबूर कर दिया। आठवीं कक्षा से ही उन्होंने ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया और बाद में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने लगे। हालांकि, आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी।
2016 में, उन्होंने यूट्यूब चैनल “फिजिक्स वाला” की शुरुआत की। उनके रोचक और आसान शिक्षण शैली ने उन्हें छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया। कुछ ही सालों में उनके चैनल ने जबरदस्त सफलता हासिल की और आज ‘फिजिक्स वाला’ भारत के सबसे बड़े एडटेक प्लेटफॉर्म्स में से एक बन चुका है।
नीट परीक्षा विवाद पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अलख पांडे
अलख पांडे ने नीट-यूजी 2024 में ग्रेस मार्क्स देने की प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनकी याचिका पर वकील जे साई दीपक ने अदालत में दलील दी कि लगभग 20,000 छात्रों ने इस फैसले का विरोध किया है और इस संबंध में 1,500 से अधिक छात्रों को अनुचित ग्रेस मार्क्स देने के ठोस प्रमाण हैं।
उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि इस मामले की गहराई से जांच हो और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई जाएगी लेकिन मामले की सुनवाई अन्य याचिकाओं के साथ की जाएगी।
छात्रों के लिए ‘फिजिक्स वाला’ का बड़ा ऐलान
इस विवाद के बीच अलख पांडे ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग की घोषणा कर दी है। ‘फिजिक्स वाला’ प्लेटफॉर्म डेढ़ लाख से अधिक छात्रों को फ्री में कोचिंग देने की योजना बना रहा है। इसके तहत नीट और आईआईटी-जेईई की तैयारी करने वाले छात्रों को बेहतर संसाधन और शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
अलख पांडे का कहना है,
“हम शिक्षा को सभी के लिए सुलभ बनाना चाहते हैं। पैसा किसी भी छात्र की सफलता में बाधा नहीं बनना चाहिए। यही वजह है कि हम आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था कर रहे हैं।”
क्या है ग्रेस मार्क्स विवाद?
नीट-यूजी 2024 परीक्षा में एक पेपर लीक और तकनीकी खामियों के चलते कुछ छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए गए थे। इसका खुलासा होने के बाद कई छात्रों और शिक्षाविदों ने इस फैसले पर सवाल उठाए। छात्रों का आरोप है कि ग्रेस मार्क्स ने योग्य छात्रों के साथ अन्याय किया है और मेरिट लिस्ट को प्रभावित किया है।
NTA के खिलाफ बढ़ते विरोध के कारण यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। अदालत इस पर जल्द ही सुनवाई कर सकती है।
अलख पांडे ने शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए जो पहल शुरू की है, वह छात्रों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकती है। वहीं, नीट परीक्षा विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित करेगा। अब देखना होगा कि क्या NTA अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा या अदालत कोई सख्त कदम उठाएगी?




