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ममता के ‘खेला होबे’ वाले बयान पर बीजेपी का पलटवार, कहा- निष्पक्ष चुनाव नहीं होने देना चाहती TMC

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नई दिल्ली, 4 मार्च 2021

बंगाल में वोटिंग की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। एक ओर ममता बनर्जी टीएमसी के साथ अपनी सत्ता बचाने में जुटी हैं, तो वहीं दूसरी ओर बिहार की जीत से उत्साहित बीजेपी को इस बार अच्छी सीटों के साथ सत्ता में आने की उम्मीद है। हाल ही में सीएम ममता ने हुबली में एक रैली की थी। उस दौरान उन्होंने कहा था कि ‘खेला होबे’ यानी खेल होगा। जिस पर अब बीजेपी ने पलटवार किया है।

बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के मुताबिक हुबली में ममता बनर्जी ने कहा कि हम तो खेला करेंगे, खेला क्या होता है मतलब पोलिंग बूथ पर कब्जा, मतदाताओं को डराना, निष्पक्ष चुनाव न होना। ये सब खेला करने की कोशिश TMC करना चाहती है और इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमने सारी जानकारियों से चुनाव आयोग को अवगत कराया। उन्होंने आगे कहा कि एक षड्यंत्र करते हुए 128 नगर पालिका और नगर निगम में TMC के नेताओं को प्रशासक नियुक्त कर दिया, संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने राजनीतिक कार्यकर्ताओं को प्रशासक बनाकर सारी नगरपालिकाओं को अपने अंडर ले रखा है। इससे लगभग 2 करोड़ लोग प्रभावित होंगे।

TMC विधायक ने भी कही खेल की बात

वहीं एक रैली को संबोधित करते हुए टीएमसी विधायक हमीदुल रहमान ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने कहा था कि जिसका नमक खाते हैं, उसे धोखा नहीं देते। चुनाव के बाद हम गद्दारों से मिलेंगे और उनके साथ खेल होगा। हम दोबारा से ममता दीदी को सीएम के रूप में देखना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस महागठबंधन (कांग्रेस, लेफ्ट) को वोट देना, भाजपा को रास्ता देने के समान है। हमीदुल के इस बयान के खिलाफ भी बीजेपी ने चुनाव आयोग में शिकायत की है।

Maharashtra:उद्धव के बयान पर अबु आजमी आग बबूला- ‘मुस्लिम मंत्रियों में शर्म बची है तो दें इस्तीफा’

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मुंबई, 4 मार्च 2021

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की ओर से भाजपा के हिंदुत्व पर हमला बोले जाने के बाद खुद उनकी सत्ताधारी गठबंधन में ही बवाल मच गया है। सपा नेता अबु आजमी ने बाबरी मस्जिद पर दिए गए सीएम के बयान को ना सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण कहा है, बल्कि सरकार में शामिल मुस्लिम मंत्रियों से कहा है कि अगर उनमें थोड़ी भी शर्म है तो उन्हें इस्तीफा देकर सरकार से बाहर निकल जाना चाहिए। सीएम ने बुधवार को ही राज्यसभी में वो बयान दिया था, जिसपर उनकी सहयोगी पार्टी आग बबूला है। अबु आजमी ने कहा है अब उद्धव सरकार सेक्युलर नहीं रह गई है और वह गठबंधन सरकार चलाने के लिए तय किए गए एजेंडे से भटक गई है। उन्होंने शरद पवार को भी इसपर चिट्ठी लिखने की बात कही है।

उद्धव जी भूल गए हैं कि वह सीएम हैं- अबु आजमी

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने शिवसेना के हिंदुत्व पर भाजपा की ओर से सवाल उठाए जाने को लेकर एक दिन पहले उसके खिलाफ विधानसभा में ही मोर्चा खोल दिया था। तब उन्होंने यह कह दिया था कि जब बाबरी मस्जिद तोड़ी गई तो वो सारे (भाजपा वाले) भाग गए थे। अब समाजवादी पार्टी के अबु आजमी ने उनके उसी बयान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बजट सत्र के दौरान विधानसभा में दिए गए मुख्यमंत्री के बयान पर आजमी ने कहा है- ‘उद्धव जी भूल गए हैं कि वह सीएम हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मस्जिद गिराना आपराधिक कृत था। दुर्भाग्य से सीएम आपराधिक कार्य को कबलू रहे हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि ये सरकार कॉमन मिनिम प्रोग्राम के आधार पर बनी थी और अब मुख्यमंत्री मंदिर मस्जिद के बारे में बात करने लगे हैं।

उद्धव ठाकरे ने बाबरी मस्जिद पर क्या कहा था?

दरअसल, विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधने के लिए बाबरी मस्जिद का मुद्दा छेड़ दिया था। उन्होंने कहा था, ‘बाबरी मस्जिद गिरने के बाद सभी लोग भाग गए, लेकिन वो शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे थे, जिन्होंने इसकी जिम्मेदारी ली और कहा कि अगर मेरे शिवसैनिकों ने ये किया है तो मुझे उनपर गर्व है।’ ठाकरे ने भाजपा के हिंदुत्व पर हमला करते हुए कहा था कि वह बाल ठाकरे की पार्टी को इसकी शिक्षा ना दे। यही नहीं उन्होंने बीजेपी को जम्मू और कश्मीर में महबूबा मुफ्ती से हाथ मिलाने कि लिए भी निशाने पर लिया था। लेकिन, शायद उन्हें यह इल्म नहीं था कि वह अपने ही बयान से अपने गठबंधन में ही चिंगारी भड़का देंगे।

मुस्लिम मंत्रियों में शर्म बची है तो दें इस्तीफा-अबु आजमी

महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी शिवसेना की अगुवाई वाली महा विकास अघाड़ी सरकार को समर्थन दे रही है। लेकिन, मुख्यमंत्री का बयान उसे इतना नागवार गुजरा है कि पार्टी नेता और विधायक अबु आसिम आजमी ने सरकार में शामिल सभी मुस्लिम मंत्रियों से इस्तीफा देने को कहा है। उन्होंने कहा है कि एमवीए सरकार के मुस्लिम मंत्रियों को थोड़ी शर्म दिखानी चाहिए और सरकार से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा है कि ‘यह सरकार सेक्युलर नहीं है। मुख्यमंत्री भूल चुके हैं कि यह कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के आधार पर बनी है। लेकिन, मुख्यमंत्री आपराधिक कार्यों के बारे में बातें कर रहे हैं, जैसे कि बाबारी मस्जिद विध्वंस के बारे में। यहां तक कि सरकार के मुस्लिम मंत्री भी सीएए-एनआरसी और मुस्लिम आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे भुला चुके हैं।’

गठबंधन में दरार, क्या करेंगे उद्धव और पवार ?

महाराष्ट्र विधानसभा में सपा के दो एमएलए हैं और वह उद्धव सरकार को समर्थन दे रही है। आजमी ने कहा है कि वह इस मामले में एनसीपी चीफ शरद पवार को भी खत लिख रहे हैं। शिवसेना के एक नेता ने सत्ताधारी गठबंधन में पड़ी इस दरार पर नाम जाहिर नहीं होने देने की शर्त पर कहा है कि यह एमवीए से जुड़ा मसला है, इसलिए इसपर सिर्फ मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और शरद पवार या फिर महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख ही इसपर कुछ भी बोल सकते हैं। वैसे आंकड़ों के आधार पर सपा की नाराजगी से महाराष्ट्र सरकार की सेहत पर फिलहाल तो असर नहीं पड़ने वाला, लेकिन यह उसकी एकता की जड़ें जरूर हिला सकता है।

 

बागियों को TMC विधायक की ‘धमकी’, कहा- चुनाव बाद उनके साथ होगा खेल

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नई दिल्ली, 4 मार्च 2021

पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया जारी है। जिस वजह से वहां पर नेताओं में जुबानी जंग और ज्यादा तेज हो गई है। हाल ही में ममता सरकार को कई बड़े झटके लगे थे, जहां शुभेंदु अधिकारी, राजीब बनर्जी, जितेंद्र तिवारी समेत कई दिग्गज नेता टीएमसी का साथ छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए। इसके बाद से बागी नेताओं ने सीएम ममता के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। अब टीएमसी के बागियों को पार्टी के विधायक हमीदुल रहमान ने धमकी दी है, जिस पर विवाद गर्मा गया। साथ ही इसके खिलाफ चुनाव आयोग में भी शिकायत की गई है।

एक रैली को संबोधित करते हुए टीएमसी विधायक हमीदुल रहमान ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने कहा था कि जिसका नमक खाते हैं, उसे धोखा नहीं देते। चुनाव के बाद हम गद्दारों से मिलेंगे और उनके साथ खेल होगा। हम दोबारा से ममता दीदी को सीएम के रूप में देखना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस महागठबंधन (कांग्रेस, लेफ्ट) को वोट देना, भाजपा को रास्ता देने के समान है। अपना वोट खराब मत करना। हर घर ने दीदी के विकास के विजन को महसूस किया है।

EC पहुंचे बीजेपी नेता

वैसे हमीदुल रहमान का ये बयान 2 मार्च का है, जो सोशल मीडिया पर अब तेजी से वायरल हो रहा। इस बयान की बीजेपी ने भी आलोचना की है। साथ ही बीजेपी नेताओं का एक दल नई दिल्ली स्थित चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचा। साथ ही इस बयान को आयोग के प्रकाश में लाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

कब होंगे मतदान?

बंगाल में 27 मार्च, 1 अप्रैल, 6 अप्रैल, 17 अप्रैल, 22 अप्रैल, 26 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोट डालने के बाद 2 मई को वोटों की गिनती होगी। इस तरह से चुनाव की घोषणा होने से लेकर चुनाव प्रक्रिया पूरे होने तक कुल 66 दिन लग जाएंगे। हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव की तारीखों पर भी अंगुली उठा चुकी हैं। उसके मुताबिक बीजेपी के कहने पर चुनाव आयोग डेट रख रहा है।

 

मुंबई की मशहूर Karachi Bakery ने कारोबार समेटा, MNS का दावा-हमने बंद कराया

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मुंबई, 4 मार्च 2021

मुंबई की मशहूर कराची बेकरी ने हमेशा के लिए अपना शटर गिरा लिया है। पिछले दिनों बांद्रा की यह प्रतिष्ठित दुकान अपने नाम की वजह से विवादों में आ गई थी। लेकिन, अब इसने कहा है कि दुकान बंद करने का उस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि कारोबार ठीक से नहीं चलने के चलते ऐसा किया जा रहा है। पाकिस्तानी शहर कराची के नाम पर होने के चलते मनसे की ओर से इसपर विवाद खड़ा किया गया था। यह बेकरी एक सिंधी ने स्थापित की थी, जो 1947 में देश के विभाजन के वक्त पाकिस्तान से जान बचाकर भारत आ गए थे।

बिजनेस घटने के चलते मशहूर कराची बेकरी बंद

पिछले साल नवंबर में कराची बेकरी का नाम तब देशभर में सुर्खियों में आया था, जब राज ठाकरे की पार्टी मनसे के उपाध्यक्ष हाजी सैफ शेख ने इसके नाम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया था और उसके मालिक से इसका नाम बदलने को कहा था। उन्हें लगता था कि यह नाम ‘देश-विरोधी’ और ‘देशभक्ति की भावना के खिलाफ’ है। लेकिन, टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक कराची बेकरी के मैनेजर रामेश्वर वाघमारे ने कहा है कि दुकान एमएनएस कार्यकर्ताओं की धमकी की वजह से नहीं, बल्कि कारोबार घटने और ज्यादा किराए की वजह से बंद कर दी गई है। उन्होंने कहा, ‘हमने पुराना लीज एग्रीमेंट खत्म हो जाने के बाद दुकान बंद कर दिया है। हमारे मकान मालिक ज्यादा किराया मांग रहे थे, जिसे दे पाना हमारे लिए मुमकिन नहीं था।……….कोविड-19 लॉकडाउन के चलते पहले ही कारोबार ठप हो गया था। हमने पहले कुछ महीने के लिए बंद किया, लेकिन आखिरकार पूरी तरह से बंद करने का फैसला कर लिया। ‘

मनसे का दावा-हमने बंद करवाया

लेकिन, एमएनएस नेता शेख इसका क्रेडिट लेने की कोशिश में लगे हैं। बुधवार को उन्होंने ट्विटर पर लिखा- ‘कराची नाम के चलते कराची बेकरी पर एमएनएस के उपाध्यक्ष की अगुवाई में हुए भारी विरोध प्रदर्शन के चलते मुंबई की एकमात्र कराची बेकरी दुकान आखिरकार बंद हो गई है।’ क्या मुंबई में कोई नई दुकान खुलेगी या इस ब्रांड को खत्म हो जाने दिया जाएगा, इसपर इसके मैनेजर ने कहा कि इसका फैसला इसके मालिक ही करेंगे। उन्होंने कहा- ‘नाम बदले जाने का कोई कारण नहीं था। बेकरी का कारोबार सभी तरह के लाइसेंस के साथ पूरी तरह से कानूनी था और सरकारी एजेंसियों से उसकी मंजूरी मिली हुई थी। हमारा फैसला बिजनेस के मद्देनजर लिया गया है। अगर कोई इसकी क्रेडिट लेना चाहते हैं तो उन्हें लेने दीजिए।’

 

बंगाल चुनाव: क्या TMC दे रही है संकेत, ‘जय श्रीराम’ के साथ गूंजेंगे ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे

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कोलकाता, 4 मार्च 2021

लगता है कि बीजेपी के तुष्टिकरण के आरोपों से परेशान टीएमसी चुनाव से पहले पूरी तरह सॉफ्ट हिंदुत्व की ओर बढ़ चली है। 26 फरवरी को चुनाव तारीखों के ऐलान से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का अपने घर पर पूजा करवाने की बात खुद उनकी पार्टी के लोग कह चुके हैं। अब जानकारी आ रही है कि वो 11 फरवरी को नंदीग्राम से अपना नामांकन दाखिल करेंगी। ममता का 11 फरवरी को पर्चा भरना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह महाशिवरात्रि का पवित्र दिन है। टीएमसी सुप्रीमो इसबार सबसे मुश्किल चुनावी टक्कर का सामना कर रही हैं, ऐसे में उनका बदला हुआ सियासी अंदाज आगे क्या गुल खिलाता है, यह देखना दिलचस्प हो गया है।

जय श्रीराम’ के साथ गूंजेंगे ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे!

ममता बनर्जी की सियासत में अचानक आया यह करवट बहस का अलग विषय है। लेकिन, अगर ऐसा होता है तो इसका मतलब यही होगा कि इसबार भाजपा वाले अगर ‘जय श्रीराम या जय सियाराम’ के जयकारे लगाएंगे तो टीएमसी के लोग ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ का ‘जयघोष’ करेंगे। गौरतलब है कि चुनाव तारीखों की घोषणा से पहले भी ममता बनर्जी ने अपने आवास पर विस्तार से पूजन का आयोजन करवाया था और दावा किया जा रहा है कि इसके लिए पुरी के भगवान जगन्नाथ मंदिर से पंडितों को बुलाया गया था। अबतक बीजेपी टीएमसी पर ‘राम द्रोही’ होने का आरोप लगाती आई है। खासकर जब नेताजी पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में लगे जय श्रीम के नारे पर सीएम जिस कदर सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं, उसके बाद भाजपा को उनके खिलाफ इस मुद्दे को तूल देने का मौका मिल चुका है।

क्या भाजपा को उसकी पिच पर बैटिंग का ऑफर दे रही है टीएमसी?

अभी तक की जानकारी के मुताबिक टीएमसी की मुखिया 11 मार्च को सुबह महाशिवरात्रि के शुभ मुहूर्त पर नंदीग्राम पहुंचकर पर्चा भरेंगी। हो सकती है कि नामांकन से पहले वह भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना भी करें, जैसा कि तारीखों के ऐलान वाले दिन वह अपने घर पर कर भी चुकी हैं। माना जा रहा है कि इससे बहुसंख्यक मतदाताओं के बीच वो खुद को शिव भक्त होने का सबूत दे सकती हैं। यही नहीं शायद उनकी पार्टी को लगता है कि इसके जरिए बीजेपी के आक्रामक हिंदुत्व की धार को वह कुंद कर सकती हैं। क्योंकि, विपक्षी पार्टी हमेशा से उनपर सिर्फ मुस्लिमों के हित में ही काम करने का आरोप लगाती रही है। वैसे अगर तृणमूल के रणनीतिकार ये सोच रहे हैं कि वह इससे ‘जय श्री राम बनाम ‘हर-हर महादेव’ का शंखनाद कर सकते हैं तो यह बहुत ही जल्दबाजी है। क्योंकि, यह एक तरह से भाजपा को उसकी पिच पर ही पहले बैटिंग थमाने से कम नहीं है।

बदली-बदली ममता बनर्जी

अगर थोड़ा और पीछे जाएं तो पिछले साल अक्टूबर में शारदीय नवरात्र के दौरान भी मुख्यमंत्री अपनी कथित हिंदू-विरोधी छवि बदलने की पूरजोर कोशिश करती नजर आ चुकी हैं। वह सक्रिय तौर पर दुर्गा पूजा के आयोजनों में शामिल हो चुकी हैं और कई सामुदायिक पूजा पंडालों का उद्घाटन भी कर चुकी हैं। विभिन्न दुर्गा पूजा मंडपों में उनके पहुंचने और पूजा से जुड़ी धार्मिक विधियों में शामिल होने की भी तस्वीरें आ चुकी हैं। एक महीने बाद वह कोलकाता में कालीघाट में ही काली पूजा में भी शामिल हो चुकी हैं।

नंदीग्राम में सुवेंदु अधिकारी से मिल सकती है टक्कर

असल में ममता के लिए इस बार बंगाल की लड़ाई तो बहुत बड़ी है ही, नंदीग्राम का संग्राम भी आसान नहीं रहने वाला है। उन्होंने यहां पर अपने खास रहे सुवेंदु अधिकारी को ललकारा है, जिनका यह गढ़ माना जाता है। आज वो टीएमसी से बगावत करके बीजेपी का कमल उठा रहे हैं। हालांकि, उनके पिता सिसिर अधिकारी अभी भी ममता की पार्टी के सांसद हैं। टीएमसी सुप्रीमो ने पिछले 18 जनवरी को जैसे ही नंदीग्राम से चुनाव लड़ने वाला मास्टरस्ट्रोक चला था, अधिकारी ने भी उन्हें खुली चुनौती दे डाली थी और दावा किया था कि अगर बीजेपी उन्हें उनकी ही सीट से टिकट देती है तो वह बनर्जी को 50 हजार से ज्यादा वोटों से हरा देंगे। पहले मुख्यमंत्री ने कहा था कि वो सिर्फ नंदीग्राम से ही चुनाव लड़ेंगी, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि वह इसके साथ ही अपनी भवानीपुर सीट से भी चुनाव मैदान में उतरेंगी।

West Bengal Assembly Elections 2021: गायिका अदिति मुंशी सहित बंगाली फिल्म जगत के कई कलाकार TMC में शामिल

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कोलकाता, 4 मार्च 2021

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए तारीखों का ऐलान हो चुका है। 294 विधानसभा सीटों के लिए पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में चुनाव होगा। मतदान 27 मार्च को शुरू होगा। इसके बाद 1 अप्रैल, 6 अप्रैल, 10 अप्रैल, 17 अप्रैल, 22 अप्रैल, 26 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। नतीजे 2 मई को घोषित किए जाएंगे।

इसे लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। गुरुवार को बंगाली फिल्‍म से जुड़े कई लोगों ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया। एक्‍टर और डायरेक्‍टर धीरज पंडित, एक्‍ट्रेस सुभद्रा मुखर्जी, गायिका अदिति मुंशी और बीजेपी नेता उषा चौधरी ने टीएमसी की सदस्‍यता ली।

अदिति मुंशी नॉर्थ 24 परगना के टीएमसी यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष देबराज चक्रवर्ती की पत्नी हैं। आपको बता दें कि शुक्रवार को टीएमसी अपने उम्‍मीदवारों की लिरूट जारी कर सकती है। जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक टीएमसी एक साथ ही 294 सीटों के लिए उम्‍मीदवारों की घोषणा करेगी। ऐसा इसलिए क्‍योंकि ममता बनर्जी शुक्रवार को अपना लकी डे मानती है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी उन्‍होंने उम्मीदवारों की लिस्ट शुक्रवार को ही जारी की थी।

 

क्या ‘मेट्रो मैन’ श्रीधरन होंगे बीजेपी के CM पद के उम्मीदवार? केंद्रीय मंत्री ने दिया ये जवाब..

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नई दिल्ली, 4 मार्च 2021

Kerala Assembly elections 2021: ‘मेट्रो मैन’ ई. श्रीधरन (E Sreedharan) के अगले माह होने वाले केरल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP‍) का सीएम कैंडिडेट होने का ट्वीट करने के कुछ घंटों के बाद केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन (Union Minister V Muraleedharan) ने इस बारे में स्थिति स्‍पष्‍ट की है. मुरलीधरन ने एक बयान में साफ किया है कि पार्टी ने इस बारे में पार्टी ने अभी कोई फैसला नहीं किया है. मुरलीधरन ने ANI से बातचीत में कहा, ‘कुछ बयान थे कि ई. श्रीधरन केरल में सीएम कैंडिडेट होंगे. मैंने मीडिया रिपोर्ट में सुना कि पार्टी ने उन्‍हें सीएम कैंडिडेट घोषित कर दिया है. इसके बाद मैंने पार्टी अध्‍यक्ष से बात की, जिन्‍होंने ऐसा कोई बयान न देने की बात कही. इसलिए इसे घोषणा के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. मैं यह स्‍पष्‍ट कर रहा हूं.’

केरल बीजेपी ने श्रीधरन को राज्‍य में पार्टी का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की सिफारिश की है. हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होकर सियासत के मैदान में कदम रखने वाले श्रीधरन (E. Sreedharan) ने एक बयान में कहा था कि उनका मुख्य लक्ष्य केरल में पार्टी को सत्ता में लाना है और वह मुख्यमंत्री पद संभालने के लिए तैयार रहेंगे. उन्होंने कहा था कि  यदि भाजपा को इस साल अप्रैल-मई में होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत मिलती है तो उनका ध्यान बड़े स्तर पर आधारभूत संरचना का विकास करना और राज्य को कर्ज के जाल से निकालना होगा.

‘मेट्रो मैन’ के नाम से मशहूर और आधारभूत ढांचे से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं के विकास में अपनी कुशलता दिखा चुके श्रीधरन ने कहा था कि अगर पार्टी चाहेगी तो वह विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और पार्टी कहेगी तो मुख्यमंत्री का पद भी संभाल सकते हैं.श्रीधरन ने NDTV से बात करते हुए कहा था कि वह BJP को सांप्रदायिक पार्टी के तौर पर नहीं देखते हैं, बल्कि यह देश से प्रेम करने वालों की पार्टी है. श्रीधरन ने कहा कि केरल में हिन्दू और ईसाई लड़कियों को बहलाने-फुसलाने का काम किया जा रहा है, जिसे बीजेपी लव जिहाद (Love Jihad) का नाम देती है. 88 साल की उम्र में राजनीति में प्रवेश संबंधी सवाल पर उन्‍होंने कहा था, मैं अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों को लेकर बहुत व्यस्त था. मैं अभी भी समाज और खासकर अपने राज्य केरल के लिए कुछ करना चाहते हैं. राजनीति में आने की उनकी यही वजह है. श्रीधरन ने कहा कि पिछले 15-20 सालों में केरल में एलडीएफ या यूडीएफ की सरकार रही, लेकिन राज्य में बड़ा बदलाव नहीं देखा गया. 20 साल में एक भी इंडस्ट्री केरल में नहीं लगी. भ्रष्टाचार भी चरम पर है.

अनुराग कश्‍यय और अन्‍य पर छापे में करोड़ों की ‘छिपी’ संपत्ति का पता चला, आयकर अफसरों का दावा

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नई दिल्ली, 4 मार्च 2021

फिल्‍मकार अनुराग कश्‍यप, एक्‍टर तापसी पन्‍नू और अन्‍य के यहां चल रही छापेमारी में करोड़ों की अनियम‍ितता का खुलासा हुुुआ है. पीएम नरेंद्र मोदी सरकार के आलोचकों को ‘निशाना बनाए जाने’ के आरोपों के बीच आयकर विभाग के सूत्रों ने गुरुवार को यह बात कही. सूत्रों ने बताया क‍ि आयकर विभाग 3 मार्च से 2 बड़े फिल्म प्रोडक्शन हाउस, एक अभिनेत्री और मुम्बई की 2 टैलेंट मैनेजमेन्ट कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.ये छापे मुंबई,दिल्ली ,पुणे और हैदराबाद में मारे जा रहे हैं. आयकर विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, 28 जगहों पर छापेमारी में इस बात के सबूत मिले हैं कि फ़िल्म प्रोडक्शन हाउस की दर्शाई गई कमाई के मुकाबले ज्यादा आय है. सूत्र बताते हैं कि कंपनी के अधिकारी इस तरह के 300 करोड़ रुपये का हिसाब नहीं दे पाए. फिल्म निर्देशकों और शेयर होल्‍डर्स के बीच प्रोडक्शन हाउस के शेयर लेन-देन में हेरफेर और कम-मूल्यांकन से संबंधित सबूत लगभग 350 करोड़ की राशि के मिले हैं और आगे की जांच की जा रही है.

सूत्रों के अनुसार, प्रमुख अभिनेत्री द्वारा 5 करोड़ रुपये की नकद प्राप्ति के साक्ष्य बरामद किए गए हैं. आगे की जांच चल रही है. इसके अलावा, प्रमुख प्रोड्यूसर्स, डायरेक्टर्स द्वारा खर्चो को लेकर फर्जीवाड़े का पता चला जाए, ऐसा कर लगभग 20 करोड़ की हेराफेरी की गई ह. अभिनेत्री के मामले में भी ऐसा ही पाया गया है  दो टैलेंट मैनेजमेंट कंपनियों के कार्यालय परिसर में, ईमेल, व्हाट्सएप चैट, हार्ड डिस्क आदि के रूप में भारी मात्रा में डिजिटल डेटा जब्त किया गया है जिसकी जांच चल रही है. तलाशी के दौरान 7 बैंक लॉकर मिले हैं, जिनकी जांच चल रही है. सभी परिसरों में तलाश जारी है.

भारत के ‘रहने के लिए बेहतर’ शहरों की सूची में इस शहर ने मारी बाजी, Delhi टॉप टेन में नहीं

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नई दिल्ली, 4 मार्च 2021

केंद्र सरकार ने देश के रहने लायक शहरों की सूची (Ease of Living Index) जारी की है. देश के रहने लायक शहरों में पहला स्थान बेंगलुरु (Bengaluru) को मिला है, जबकि पुणे, अहमदाबाद, चेन्नई, सूरत, पुणे, नवी मुंबई, कोयंबटूर, वडोदरा, इंदौर और ग्रेटर मुंबई को शीर्ष 10 शहरों की सूची में स्थान मिला है. हालांकि नई दिल्ली टॉप टेन में नहीं है, उसे 13वां स्थान मिला है.

10 लाख से ज्यादा आबादी वाले रहने लायक की श्रेणी में 49 शहरों का आकलन किया गया. इसमें श्रीनगर को सबसे आखिरी स्थान मिला. वहीं इससे कम आबादी वाले शहरों को भी मिलाकर 111 शहरों की समीक्षा की गई. गुरुवार को यह (Livability index) जारी किया गया. केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यह इंडेक्स जारी किया. 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों में शिमला ने पहला पायदान हासिल किया है.

नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ने 10 लाख से कम आबादी की श्रेणी में ‘नगरपालिका प्रदर्शन सूचकांक’ में पहला स्थान हासिल किया है. इंदौर ने 10 लाख से अधिक आबादी की श्रेणी में ‘नगरपालिका प्रदर्शन सूचकांक’ में शीर्ष स्थान हासिल किया है. इंदौर नगर निगम (आईएमसी) की आयुक्त प्रतिभा पाल ने गुरुवार को कहा, ‘‘नगरपालिका प्रदर्शन सूचकांक में इंदौर के शीर्ष स्थान हासिल करने से हमारा हौसला बढ़ा है और हम बेहतर काम के लिए प्रेरित हुए हैं.

हम बुनियादी ढांचा क्षेत्र की कई अहम परियोजनाएं पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। स्थानीय नागरिकों को अलग-अलग सेवाओं की सुविधाजनक आपूर्ति की दिशा में भी हमने अच्छा काम किया है। नगरपालिका प्रदर्शन सूचकांक की स्पर्धा में हमें इन कारकों का फायदा मिला.

8.5 फीसदी ब्याज ही मिलेगा PF डिपॉज़िट पर, EPFO ने नहीं किया दर में बदलाव

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नई दिल्ली, 4 मार्च 2021

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने 2020-21 के EPF डिपॉज़िट पर 8.5 फीसदी ब्याज दर तय की है. श्रम व रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने इसकी पुष्टि की है. यानी इस वित्तवर्ष में PF पर ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. PF सब्सक्राइबर्स को पिछली दरों पर ही उनके डिपॉजिट पर ब्याज मिलेगा. बता दें कि EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़ (CBT) की श्रीनगर में गुरुवार को अहम बैठक हुई है, जिसमें यह घोषणा की गई है.

श्रम व रोजगार मंत्रालय की ओर से एक प्रेस रिलीज कर बताया गया है कि ट्रस्टीज़ बोर्ड ने 2021 के लिए ब्याज दरें वहीं रखी हैं क्योंकि ‘EPFO ने कर्ज और शेयरों से आय प्राप्त की है, जिसके चलते वो अपने सब्सक्राइबर्स को ऊंचे रिटर्न दे पा रहा है.’

पिछले साल कोरोनावायरस के बीच एक तो लोगों को पीएफ का पैसा नहीं मिला था, ऊपर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को पेश किए गए बजट में PF पर ब्याज से होने वाली कमाई पर टैक्स से छूट की सीमा को सीमित करने की घोषणा की गई थी. ऐसे में अगले वित्त वर्ष के लिए सरकार क्या ब्याज दरें रखती है, इसपर सबकी नजरें थीं.

बजट में आए नए प्रावधान के मुताबिक, अब ऐसे PF खाताधारक जिन्हें ढाई लाख रुपये तक के सालाना अंशदान पर ब्याज मिलता है, सिर्फ उन्हें ही टैक्स से छूट मिलेगी. इसके अलावा किसी भी हाई-इनकम PF खाताधारक को, जिसका सालाना अंशदान ढाई लाख रुपये से ज़्यादा है, ब्याज से होने वाली आय पर आयकर देना होगा.