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मौत की अफवाह सुन परेश रावल की छूटी हंसी, बोले- अभी जिंदा हूं, परेशान होने की जरूरत नहीं

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मुंबई, 14 मई 2021

चीन के वुहान से शुरू हुए कोरोना वायरस ने पिछले साल फरवरी में भारत में भी दस्तक दी। जिसकी वजह से अब तक 2.62 लाख लोगों ने जान गंवाई है, जिसमें कई दिग्गज हस्तियां भी शामिल है। खासतौर पर 2020 बॉलीवुड के लिए काफी बुरा रहा। इस बीच शुक्रवार को किसी ने सोशल मीडिया पर ये खबर फैला दी कि एक्टर परेश रावल का निधन हो गया है। जिसके बाद ये न्यूज ट्रेंड करने लगी, हालांकि कुछ ही देर बाद ये खबर गलत निकली।

सुबह 7 बजे ही उड़ा दी अफवाह

सोशल मीडिया पर एक यूजर ने परेश रावल की फोटो डालते हुए लिखा कि आज दिनांक 14/5/2021 को सुबह 7 बजे फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा रहे परेश रावल जी की मृत्यु हो गई। इसके बाद ये खबर तेजी से वायरल हुई और लोग बिना सच्चाई जाने इसे शेयर करने लगे। कुछ ही देर बाद परेश के करीबियों तक भी ये जानकारी पहुंची और वो भी उनके पास फोन करके हाल चाल जानने लगे, तब जाकर इस मामले की पूरी सच्चाई पता चली।

ट्विटर पर दिया मजेदार जवाब

परेश रावल ने जब इंडस्ट्री में कदम रखा था, तो वो विलेन का ही रोल करते थे, लेकिन अब वो ज्यातार कॉमेडी फिल्मों में ही नजर आते हैं। इसके अलावा वो दोस्तों के साथ भी हमेशा हंसते मुस्कुराते रहते हैं। जब उनके करीबियों ने उन्हें फोन करके निधन की अफवाह बताई तो वो हंसने लगे। साथ ही उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि वो एकदम फिट हैं। इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में अफवाह फैलाने वालों को जवाब दिया। उन्होंने लिखा कि गलतफहमी के लिए माफी चाहता हूं, क्योंकि मैं सुबह 7 बजे सो गया था।

इन फिल्मों में आएंगे नजर

आपको बता दें कि मार्च में परेश रावल कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद उनका इलाज हुआ और वो ठीक हो गए। अभी वो पूरी तरह से फिट हैं। वहीं फिल्मी प्रोजेक्ट की बात करें तो वो हंगामा 2 पर काम कर रहे हैं, जिस वजह से उनकी ओर डायरेक्टर प्रियदर्शन की जोड़ी फिर से धमाल मचाएगी। इसके अलावा राकेश ओम प्रकाश मेहर की फिल्म तूफान 21 मई को रिलीज होने वाली है, जिसमें फरहान अख्तर के साथ परेश भी नजर आएंगे।

 

कोविशिल्ड खुराक के बीच बढ़े अंतराल से प्रभावकारिता पर असर पड़ने की संभावना नहीं : विशेषज्ञ

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नई दिल्ली, 14 मई 2021

कोविशील्ड वैक्सीन की पहली और दूसरी खुराक (डोज) के बीच के अंतर को पहले के 6-8 सप्ताह से बढ़ाकर 12-16 सप्ताह करना एक उचित ²ष्टिकोण है और इससे वैक्सीन की प्रभावशीलता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। डॉक्टरों ने शुक्रवार को यह टिप्पणी की।

डॉ. एन. के. अरोड़ा की अध्यक्षता वाले कोविड वकिर्ंग ग्रुप ने गुरुवार को कोविशील्ड वैक्सीन की दो खुराक के बीच के अंतर को बढ़ाकर 12-16 सप्ताह करने की सिफारिश की थी। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस सिफारिश को स्वीकार भी कर लिया है।

कोच्चि स्थित अमृता अस्पताल में आंतरिक चिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपू टी. एस. ने आईएएनएस से कहा, ” टीके की प्रभावकारिता पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। वैक्सीन की पहली खुराक द्वारा विकसित प्रतिरक्षा स्मृति लंबे समय तक रहने की संभावना होगी।”

एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा विकसित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की ओर से निर्मित वैक्सीन को शुरूआत में 4-6 सप्ताह के अंतराल पर देना निर्धारित किया गया था।

हालांकि इस साल अप्रैल में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह और कोविड के लिए वैक्सीन प्रशासन पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह की सिफारिशों पर इसमें संशोधन करके 6-8 सप्ताह का अंतराल घोषित किया गया।

दोनों सिफारिशें, जिनमें खुराक के अंतराल में संशोधन की बात कही गई थी, वे एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा ब्रिटेन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में किए गए परीक्षणों पर आधारित थीं, जिसमें 17,178 प्रतिभागी शामिल हुए थे।

मार्च में लैंसेट में प्रकाशित अध्ययन में लंबी अंतराल वाले टीकाकरण रणनीति का समर्थन किया गया है। इससे पता चला है कि 12 सप्ताह या उससे अधिक के अंतराल पर दी जाने वाली दो मानक खुराक के बाद कोविशील्ड वैक्सीन की प्रभावकारिता 81.3 प्रतिशत तक देखी गई है, जबकि 6 सप्ताह से कम समय के अंतराल में प्रभावकारिता महज 55.1 प्रतिशत दर्ज की गई थी।

शोधकतार्ओं के एक अंतराष्र्ट्ीय दल के नेतृत्व में किए गए अध्ययन में यह भी दावा किया गया कि एंटीबॉडी उन लोगों में दो गुना अधिक देखी गई, जिन्होंने 12 सप्ताह की अवधि के बाद दूसरी खुराक प्राप्त की। यह उन लोगों की तुलना में दोगुनी देखी गई, जिन्होंने छह सप्ताह के अंतराल में ही दूसरी डोज ले ली थी।

फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम के न्यूरोलॉजी के निदेशक डॉ. प्रवीण गुप्ता ने आईएएनएस को बताया, तीन महीने में टीकाकरण की नीति टीके की प्रभावशीलता से कोई समझौता नहीं करती है, बल्कि यह अंतराल इसे और बेहतर बनाता है।

डॉ. दीपू ने कहा, चूंकि दूसरी खुराक सिर्फ एक बूस्टर खुराक है, यह शरीर में पहले से मौजूद एंटीबॉडी प्रतिक्रिया को बढ़ाएगी, जो टीके की पहली खुराक के परिणामस्वरूप बनी थी। इसलिए कोविड के खिलाफ एंटीबॉडी बढ़ जाएगी।

उन्होंने कहा कि फ्लू जैसी हल्की प्रतिकूल घटनाएं हो सकती हैं, लेकिन कोई बड़ी प्रतिकूल घटना होने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि यह सिर्फ पहले से मौजूद प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बढ़ाने का काम करेगी।

वहीं दोनों खुराक में अंतराल बढ़ने से एक और फायदा गिनवाते हुए डॉ. गुप्ता ने कहा कि टीके की प्रभावकारिता में सुधार के अलावा यह परिवर्तन बड़ी संख्या में लोगों को टीकाकरण की अनुमति भी प्रदान करेगा।

चित्रकूट जेल के अंदर कैदियों के बीच चली गोली, विपक्ष ने सरकार को घेरा, मुख्यमंत्री ने मांगी रिपोर्ट

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लखनऊ, 14 मई 2021

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जेल में शुक्रवार को कैदियों के बीच गोली चल गई। जिसमें दो लोगों की मौत हो गई है। दर्जनों राउंड गोलियां चलीं, जिसमें अंशु दीक्षित नामक बंदी ने फायरिंग कर मेराज और मुकीम उर्फ काला को मार डाला। इसके बाद पुलिस बल ने जेल के अंदर ही अंशु दीक्षित का एनकाउंटर कर दिया। वह भी पुलिस एनकांउटर में मारा गया। पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने बताया कि जेल अधीक्षक द्वारा हमें सूचना मिली कि यहां पर एक बंदी द्वारा अपने सहबंदियों पर फायरिंग हो रही है। डीएम और जिले की पुलिस बल घटना स्थल पर पहुंचे। देखा गया कि उक्त बंदी पर पिस्टल से हमला किया जा रहा था। मौके पर दो लोगों को गोली मार दी गयी। पुलिस ने घेरा बंदी कर उसे आत्मसमर्पण के लिए कहा गया। लेकिन नहीं माना और पुलिस पर फायरिंग करने लगा। आत्मरक्षा के लिए पुलिस ने फायरिंग की जिससे उसको गोली लग गयी।

घटना को अंजाम देने वाले का नाम अंशु दीक्षित था। वह सीतापुर जिले का रहने वाला था। उसके ऊपर आठ मुकदमें हत्या और रंगदारी के दर्ज थे। वह सुल्तानपुर से ट्रान्सफर होकर यहां आया था। अन्य अभियुक्तों में से मुकीम काला जो कि शामली का रहने वाला है। उस पर 65 मुकदमें हैं। मेराज जो कि बनारस का रहने वाला था। उस पर 3 मुकदमें थे। बांकी की जानकारी वाराणसी पुलिस से मांगी गयी है। मामले की विधिक कार्यवाही हो रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा। उस पर कार्यवाही होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट जेल में हुए शूटआउट के मामले में डीजी जेल से रिपोर्ट मांगी है। योगी ने कहा कि अगले 6 घंटे में कमिश्नर डीके सिंह, डीआईजी के सत्यनारायण और एडीजी जेल संजीव त्रिपाठी मामले की जांच कर पूरी रिपोर्ट दें।

विपक्षी दल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने जेल के अंदर फायरिंग को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। सपा के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने कहा यूपी में कहीं भी किसी को ठोक सकता है। यहां पर जंगल राज चल रहा है। जेल में बंद मफिया लोगों के पास पता नहीं कहां से असलहे पहुंच जाते हैं। जेल के अंदर गैंगवार शुरू हो जाता है। यहां पर कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है।

कांग्रेस के प्रवक्ता ने कहा कि जेल के अंदर हत्या होना यह दर्शाता है कि यूपी में किस तरह से अपराधिक गतिविधियां चल रही हैं। सरकार का अपराधियों को संरक्षण प्राप्त है। भाजपा सरकार हर मोर्चे पर फेल है।

12वीं बोर्ड परीक्षा पर कोई नया निर्णय नहीं, अफवाह पर ध्यान न दें: सीबीएसई

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नई दिल्ली, 14 मई 2021

सीबीएसई का कहना है कि 12 वीं बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर फिलहाल कोई नया निर्णय नहीं लिया गया है। परीक्षाओं को रद्द करे जाने जाने की खबरों को बोर्ड ने अफवाह करार दिया है। बोर्ड का यह भी कहना है कि इस विषय में कोई अन्य नया निर्णय भी नहीं लिया गया है।

सीबीएसई ने बारहवीं कक्षा की सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं के संबंध में कुछ मीडिया रिपोटरें का जवाब देते हुए यह बात कही है।

सीबीएसई ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि ” यह स्पष्ट किया जाता है कि सीबीएसई कक्षा 12 परीक्षाओं के संबंध में ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है जैसा कि मीडिया के कुछ वर्गों में अनुमान लगाया जा रहा है। इस मामले में लिया गया कोई भी निर्णय आधिकारिक तौर पर जनता को सूचित किया जाएगा।”

गौरतलब है कि बीते दिनों सोशल मीडिया समेत कई स्थानों पर बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर विभिन्न अपुष्ट सूचनाएं जारी की गई। सीबीएसई बोर्ड ने इस प्रकार की सभी सूचनाओं को खारिज किया है। सीबीएसई बोर्ड ने छात्रों से कहा है कि ” केवल सही एवं सटीक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। छात्रों से जुड़ी प्रत्येक जानकारी सीबीएसई अपनी वेबसाइट पर साझा करती है। सही जानकारी के लिए छात्र सीबीएसई की वेबसाइट चैक करते रहें। ”

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इस वर्ष 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द की जा चुकी हैं। वहीं 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा यह फैसला छात्रों एवं शिक्षकों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए लिया गया है।

इस बीच सीबीएसई ने छात्रों के लिए एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है। कोरोना महामारी के दौरान कक्षा 9 से 12 वीं तक छात्रों की मानसिक सेहत पर ध्यान देने के लिए यह मोबाइल ऐप बनाया गया है। इसके माध्यम से छात्रों की टेली काउंसलिंग की जाएगी। ऐप की मदद से छात्र और अभिभावकों को शिक्षा, स्वास्थ्य व सामाजिक विषयों पर प्रश्नों के उत्तर मिल सकेंगे।

तेलंगाना पुलिस ने आंध्र प्रदेश से आने वाली एम्बुलेंस को वापस भेजा, 2 कोविड रोगियों की मौत

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हैदराबाद, 14 मई 2021

आंध्र प्रदेश के दो मरीजों की एंबुलेंस में ही उस वक्त दर्दनाक मौत हो गई जब तेलंगाना पुलिस ने बिना वैध ऑनलाइन परमिट के उनको अंतरराज्यीय सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी थी। यह घटना शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर पंचालिंगा चौकी पर हुआ। शुक्रवार को मरने वाले दो व्यक्तियों की पहचान नंदयाल और कुरनूल के मूल निवासी के रूप में हुई।

आंध्र प्रदेश से कम से कम 40 एम्बुलेंस को गुरुवार से पुल्लुर टोल प्लाजा से वापस लौटने के लिए मजबूर किया गया था, जब उन्होंने हैदराबाद के रास्ते में राज्य की सीमा पार करने की कोशिश की थी। सूयार्पेट के पास रामपुरम क्रॉस बॉर्डर पोस्ट पर भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया।

तेलंगाना पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आवश्यक ऑनलाइन परमिट नहीं ले जाने वाली एम्बुलेंस को प्रवेश करने की अनुमति नहीं मिलेगी तो कुछ रोगियों के परिजनों ने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश पुलिस द्वारा जारी किए गए परमिट वाले लोगों को भी जबरन वापस कर दिया गया था।

आंध्र प्रदेश में कोविड के मामलों में वृद्धि के साथ गंभीर रूप से बीमार कई रोगियों को हैदराबाद ले जाया जा रहा है, जो बदले में राज्य की राजधानी में बेड्स की उपलब्धता और चिकित्सा देखभाल पर दबाव डाल रहा है।

तेलंगाना पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वह राज्य में केवल उन्हीं मरीजों को प्रवेश की अनुमति दे, जिनके पास अपेक्षित ई-परमिट और अस्पताल से पुष्टि हो।

सीमा पर हुए घटनाक्रम पर आंध्र प्रदेश में जनता और राजनेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं।

एनएसयूआई ने पीएम मोदी और कैबिनेट मंत्रियों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई

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नई दिल्ली, 14 मई 2021

नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने दिल्ली पुलिस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ कोविड-19 संकट के बीच भागने का आरोप लगाते हुए उनके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। कांग्रेस की छात्र शाखा का यह कदम केंद्रीय मंत्री अमित शाह की गुमशुदगी के लिए दर्ज कराई गई रिपोर्ट के दो दिन बाद सामने आया है।

दरअसल, कोरोनावायरस महामारी की दूसरी लहर का कहर देश पर बुरी तरह टूटा है। स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे केंद्र सरकार और मंत्रियों की चारों तरफ से आलोचना हो रही है। नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव नागेश करियप्पा ने जहां पहले गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए पुलिस में उनके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी, वहीं अब उन्होंने पीएम मोदी व अन्य कई कैबिनेट मंत्रियों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

एनएसयूआई महासचिव करियप्पा ने नवीनतम गुमशुदगी की रिपोर्ट मोदी, केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, स्मृति ईरानी, एस. जयशंकर, रविशंकर प्रसाद, धर्मेंद्र प्रधान, नरेंद्र सिंह तोमर, प्रकाश जावड़ेकर, हर्षवर्धन और गजेंद्र सिंह शेखावत के लिए यहां संसद मार्ग थाने में दर्ज कराई है।

करियप्पा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि भाजपा के इन सभी नेताओं को आखिरी बार पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान देखा गया था और इसके बाद से ही यह लापता हैं।

करियप्पा ने कहा कि ऐसे समय में जब देश भर में महामारी की दूसरी लहर चल रही है, मोदी और उनके कैबिनेट मंत्रियों ने लोगों की पीड़ा से आंखें मूंद ली हैं।

एनएसयूआई नेता ने कहा कि राजनेताओं के रूप में, उन्हें पूरे देश के प्रति जवाबदेह होना चाहिए, लेकिन महामारी के संकट के समय में भी प्रधानमंत्री और उनके मंत्री स्थिति से भाग रहे हैं।

करियप्पा ने पिछले सात वर्षों में भाजपा की उपलब्धि के बारे में भी सवाल किया और कहा कि वह केवल जुमले गढ़कर और झूठे वादे करके ही अभी तक टिक पाई है।

करियप्पा ने इस बात पर जोर दिया कि चिकित्सा संसाधनों की कमी के कारण देश भर में लाखों लोग पीड़ित हैं। उन्होंने कहा, लोग मृतकों के अंतिम संस्कार करने को लेकर जगह पाने के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं। तथाकथित नेता कहां हैं, जिन्होंने भारत को वैश्विक लीडर बनाने का आश्वासन दिया था।

इस बीच, एनएसयूआई प्रमुख नीरज कुंदन ने कहा है कि जब लोगों को सख्त जरूरत है, ऐसे समय में प्रधानमंत्री और उनके कैबिनेट सहयोगी गायब हैं।

कुंदन ने कहा, उन्हें तो ऐसे समय पर सबसे आगे होना चाहिए था, जब चिकित्सा उपकरणों की कमी के कारण कई लोगों की मृत्यु हो रही है।

पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ‘फेरीवाला’ बने डॉक्टर, मरीजों की जांच के लिए घर-घर घूमे

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नई दिल्ली/वाराणसी, 14 मई 2021

देश भर के शहरों के बाद गांवों में कोरोना संक्रमण से हालात खराब होते देख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के कुछ चिकित्सकों ने एक नई पहल की है। गावों में फेरीवालों की तरह घर-घर जाकर ये डॉक्टर बुखार और ऑक्सीजन लेवल चेक कराने के लिए गुहार लगाते हैं और फिर जरूरी परामर्श और दवाएं देते हैं। बीएचयू के जुनूनी चिकित्सकों ने इस पहल को ‘ऑक्सीजन फेरीवाला’ नाम दिया है।

दरअसल, बीएचयू के न्यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. विजय नाथ मिश्र, डॉ. अभिषेक पाठक आदि चिकित्सकों ने गांव-गांव संदिग्ध कोरोना रोगियों की पहचान करने की मुहिम शुरू की है। ऑक्सीमीटर, थमार्मीटर जैसे उपकरणों और दवाओं के साथ बीएचयू के डॉक्टरों की टीम बनारस के गांवों में पहुंच रहीं हैं। अब तक यह टीम बनारस के डाफी, रमना गांव में घर-घर जाकर लोगों के ऑक्सीजन लेवल की जांच कर संदिग्ध रोगियों को दवाएं दे चुकीं हैं।

बीएचयू के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विजय नाथ मिश्र ने आईएएनएस को बताया, न्यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने यह पहल की है। ताकि हम गांवों में रहने वालों की इस महामारी से जान बचा सकें। गांवों के लोग संक्रमण की चपेट में आने पर भी उसे मौसमी फ्लू मानकर लापरवाही करते हैं। लापरवाही से जिंदगी खतरे में पड़ जाती है। गांवों में लोगों के पास होम आइसोलेशन की दवाएं और पल्स ऑक्सीमीटर आदि नहीं रहते। ऐसे में डॉक्टरों की टीम गांवों में जाकर लोगों के ऑक्सीजन सेचुरेशन की जांच कर रही है। कोविड 19 के लक्षण वालों को दवाएं दी जा रहीं हैं। गंभीर रोगियों को वाराणसी के अस्पतालों में भर्ती कराने में भी हम मदद कर रहे हैं।

बीएचयू के डॉक्टरों ने सामाजिक संगठनों की मदद से दवाओं की व्यवस्था की है। सेवा भारती जैसे संगठन भी सहयोग कर रहे हैं। ग्राम प्रधानों को ऑक्सीमीटर और दवाएं दी जा रहीं हैं। ताकि गांव में कोरोना संक्रमित रोगियों के उपचार में मदद हो सके।

अब ऑक्सीजन लेवल का पता लगाने के लिए लोगों को अस्पतालों का चक्कर नहीं काटना पड़ रहा है। डॉ. विजय नाथ मिश्र के मुताबिक, यह अभियान लगातार चलता रहेगा। बता दें कि बीएचयू के न्यूरोलॉजी विभाग के 5 डॉक्टरों ने मिलकर इसके पूर्व वाराणसी में महामना ऑक्सीजन प्वाइंट भी शुरू किया है। इससे रोगियों को वैन के माध्यम से ऑक्सीजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

96 घंटे में गुजरात, महाराष्ट्र, केरल तटों से टकराएगा चक्रवात तौकते

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मुंबई, 14 मई 2021

लक्षद्वीप द्वीप समूह और अरब सागर के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। रविवार तक एक शक्तिशाली चक्रवाती तूफान के प्रकट होने की संभावना है और अगले चार दिनों में गुजरात, महाराष्ट्र और केरल के तटों से टकराने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। आईएमडी ने पहले ही मुंबई और ठाणे को येलो अलर्ट जारी कर दिया है, जो तेज हवाओं के साथ अलग-अलग भारी बारिश का संकेत देता है, जबकि गुजरात और केरल के कई जिलों के लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किए गए हैं।
वर्तमान में लक्षद्वीप द्वीप समूह और अरब सागर से विकसित होने वाले चक्रवात तौकते के रविवार को पूर्ण रूप से चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है, जिससे देश के दक्षिणी और पश्चिमी तटीय भागों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है।
आईएमडी ने अपने नवीनतम बुलेटिन में कहा, “इसके अगले 12 घंटों के दौरान गहरे दबाव में और उसके बाद के 12 घंटों के दौरान एक चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। इसके और तेज होने की संभावना है। यह संभवत: आज शाम तक उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा। फिर उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और 18 मई की सुबह तक गुजरात तट के पास पहुंचने की संभावना है।”
आईएमडी ने कहा कि तूफान लक्षद्वीप द्वीप समूह के बड़े क्षेत्रों में आज (14 मई) से लेकर रविवार तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ मध्यम बारिश लाएगा।
आईएमडी के अनुसार केरल में शनिवार, रविवार और सोमवार को अलग-अलग स्थानों पर बहुत ज्यादा बारिश होने की संभावना है।
चक्रवात मुंबई, दक्षिणी कोंकण क्षेत्र के रायगढ़, रत्नागिरि और महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिलों, गोवा और गुजरात के कुछ हिस्सों में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश होगी, जब तक कि यह मंगलवार को गुजरात तट पर नहीं पहुंच जाता।
आईएमडी के पूवार्नुमान के अनुसार, गुजरात में 17 मई से बारिश शुरू होगी, कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी और 19 मई को कच्छ में भारी से बहुत भारी बारिश होगी।
रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में रविवार और सोमवार को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि मुंबई, ठाणे और रायगढ़ में सोमवार को बहुत तेज बारिश होगी। इसके अलावा सतारा, कोल्हापुर, पश्चिमी घाट के कुछ हिस्सों और पुणे में रविवार और सोमवार को गरज के साथ बारिश होगी।
तटीय महाराष्ट्र, विशेष रूप से दक्षिण कोंकण क्षेत्र, शनिवार को 60 किमी प्रति घंटे की गति तक पहुंचने वाले और रविवार को महाराष्ट्र-गोवा तटों पर 80 किमी प्रति घंटे तक की गति तक पहुंचने के अलावा समुद्रों की लहरों से प्रभावित हो सकता है।
अरब सागर में पहले से मौजूद मछुआरों को वापस लौटने की सलाह दी गई है जबकि अन्य को 14-18 मई तक समुद्र में ना उतरने की चेतावनी दी गई है।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, भारतीय नौसेना और अन्य एजेंसियों को अगले कुछ दिनों में किसी भी घटना से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर रखा गया है।

पटना में 6 लोगों में मिला ब्लैक फंगस

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पटना, 14 मई 2021

बिहार में लोगों पर कोरोना का कहर बरपाया हुआ है । पटना में ब्लैक फंगस के ताजा मामलों का भी पता चला है।

पटना के एक निजी अस्पताल और सरकारी अस्पतालों में गुरुवार को ब्लैक फंगस से संक्रमित 6 मरीज मिले। सभी कोविड सर्वाइवर थे। एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने के लिए एक मरीज की सर्जरी की।

डॉक्टर का दावा है कि अगर वह 24 घंटे की देरी करेंगे, तो वह बच नहीं पाएंगे।

ब्लैक फंगस या म्यूकोर्मिकोसिस एक कवक रोग है, जो स्टीरॉयड के साइड इफेक्ट के कारण कोरोना सर्वाइवर में दिखाई देता है। महामारी के चरण के दौरान, कई मरीज कोरोना संक्रमण से बाहर आने के लिए स्टीरॉयड का उपयोग कर रहे हैं ।

निजी अस्पताल के अलावा, एम्स पटना और आईजीआईएमएस में बुधवार को भी ब्लैक फंगस के दो मरीज पाए गए।

सभी छह रोगियों की स्थिति स्थिर है और डॉक्टरों के करीबी निरीक्षण में हैं।

पटना, एम्स के एक डॉक्टर के अनुसार, कम प्रतिरक्षा वाले व्यक्ति काले कवक के शिकार हो सकते हैं। आंखों में सूजन और दर्द, नाक में सूखापन, कम आंखों का दिखना कुछ सामान्य लक्षण म्यूकोर्मिकोसिस के हैं।

उन्होंने आगे सुझाव दिया कि ऐसे कोरोना से बचने को उच्च आद्र्रता, धूल भरे क्षेत्रों, एयर कंडीशनिंग सिस्टम आदि से बचना चाहिए।

मोदी ने पीएम-किसान योजना के तहत 19,000 करोड़ की 8वीं किस्त जारी की

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नई दिल्ली, 14 मई 2021

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत 9.5 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए 19,000 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ की आठवीं किस्त जारी की। इसमें पहली बार पश्चिम बंगाल के लाभार्थियों को भी शामिल किया गया। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किस्त जारी की। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल में पहली बार केंद्रीय योजना से किसानों को लाभ हुआ। अब और भी ज्यादा किसान इस योजना से लाभान्वित होंगे।”

यह किस्त 9.5 करोड़ लाभार्थी किसान परिवारों को 19,000 करोड़ रुपये से अधिक के हस्तांतरण को सक्षम करेगी।

मोदी ने कार्यक्रम के दौरान किसान लाभार्थियों से भी बातचीत की और कहा कि पीएम-किसान के तहत किसानों के बैंक खातों में लगभग 1.35 लाख करोड़ रुपये और कोविड -19 महामारी के दौरान 60,000 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं।

इस वर्ष अब तक, प्रधान मंत्री ने कहा कि “पिछले वर्ष की तुलना में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर लगभग 10 प्रतिशत अधिक गेहूं खरीदा गया है।”

अब तक करीब 58 हजार करोड़ की गेहूं खरीद की राशि सीधे किसानों के खाते में पहुंच चुकी है।