प्रधानमंत्री मोदी की परिकल्पना से हुआ रामलला का सूर्य तिलक, अक्षय तृतीया पर 18 मूर्तियों की होगी स्थापना

प्रधानमंत्री मोदी की परिकल्पना से हुआ रामलला का सूर्य तिलक, अक्षय तृतीया पर 18 मूर्तियों की होगी स्थापना

अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का कार्य पूरे उत्साह और आस्था के साथ आगे बढ़ रहा है। इस पवित्र कार्य की हर पहलू में विशेष योजना और संकल्पना झलक रही है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंदिर निर्माण की अद्यतन स्थिति, मूर्तियों की स्थापना और आगामी आयोजन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भगवान राम के सूर्य तिलक की परिकल्पना स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की थी, जिसे अब साकार रूप दिया गया है।

चंपत राय ने कहा कि रामनवमी के दिन रामलला के तिलक पर सूर्य की किरणें पड़ें, इसकी संकल्पना प्रधानमंत्री मोदी ने तीन साल पहले दी थी। वैज्ञानिकों ने इस पर शोध कर इसे तकनीकी रूप से संभव बनाया है और अब स्थायी रूप से सूर्य की किरणें रामलला के तिलक पर पड़ेंगी, जो श्रद्धालुओं के लिए एक अद्वितीय अनुभव होगा।

ट्रस्ट महासचिव ने बताया कि अक्षय तृतीया, जो कि 30 अप्रैल को है, के शुभ अवसर पर अयोध्या के मंदिर परिसर में 18 प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। ये सभी मूर्तियां राजस्थान के जयपुर में मकराना के सफेद संगमरमर से तैयार की गई हैं और अब अपने अंतिम रूप में पहुंच चुकी हैं। 15 अप्रैल के बाद इन्हें अयोध्या लाया जाएगा और विधिवत पूजन के पश्चात इनकी स्थापना की जाएगी।

मूर्तियों में भगवान राम के साथ-साथ लक्ष्मण, अगस्त्य ऋषि, निषादराज, अहिल्या, शबरी आदि की प्रतिमाएं भी शामिल हैं। राम दरबार की मूर्तियां मुख्य मंदिर में स्थापित की जाएंगी जबकि अन्य सप्त मंदिरों में भी देवताओं की मूर्तियों की स्थापना की जाएगी।

चंपत राय ने बताया कि जून महीने में तीन दिवसीय भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसमें मुख्य मंदिर और परकोटे के सप्त मंदिरों की मूर्तियों का विधिवत प्राण प्रतिष्ठा किया जाएगा। यह आयोजन सभी ट्रस्टों की उपस्थिति में संपन्न होगा।

राम मंदिर निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। अप्रैल के अंत तक निर्माण में लगी तीन टावर क्रेनों का कार्य पूरा कर लिया जाएगा और उन्हें हटा दिया जाएगा, जिससे परकोटे का निर्माण कार्य बाधित न हो। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर के शिखर का पूजन पहले ही संपन्न हो चुका है और अब ध्वज दंड भी मंदिर में पहुंच चुके हैं, जिनका सामूहिक पूजन कर शिखर पर स्थापित किया जाएगा।

राम मंदिर के मुख्य चार द्वार भी तैयार किए जा रहे हैं। ये चारों द्वार हिंदू धर्म की चार परंपराओं पर आधारित होंगे और महापुरुषों के नाम पर जाने जाएंगे। साथ ही तीन विशेष मूर्तियां मंदिर में ऐसे स्थानों पर लगाई जाएंगी जहां श्रद्धालु उनके साथ तस्वीर ले सकें, जिससे उनकी भक्ति यात्रा का स्मरणीय अनुभव और भी खास बन सके।

अयोध्या नगरी में राम मंदिर न सिर्फ एक धार्मिक केंद्र बन रहा है, बल्कि यह भारतीय सांस्कृतिक विरासत और आस्था का प्रतीक भी बन रहा है। प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच, वैज्ञानिक तकनीक और परंपरागत आस्था का यह संगम देश के लिए गौरव का विषय है।

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