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उत्तराखंड में ‘दलित CM’ वाले बयान से अटकलों का दौर शुरू, क्या हरीश रावत नहीं बनना चाहते CM?

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देहरादून, 22 सितम्बर 2021

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ‘परिवर्तन यात्रा’ रैली में अपने हालिया बयान से राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाज़ार गर्म कर दिया है. उत्तराखंड में ‘दलित मुख्यमंत्री’ वाले बयान के बाद सबसे पहले तो यही स्पष्ट संकेत आ रहा है कि रावत खुद को ‘मुख्यमंत्री’ पद की दौड़ से बाहर रखना चाह रहे हैं. दूसरी तरफ, उनके इस बयान का सीधा ताल्लुक राज्य में जाति की राजनीति को बढ़ावा देने के तौर पर समझा जा रहा है. यहां यह बात याद रखने की है कि उत्तराखंड की आबादी का करीब 18 फीसदी हिस्सा दलितों की संख्या का है.

रावत ने बीते सोमवार को ‘परिवर्तन यात्रा’ रैली में कहा कि वह उत्तराखंड का मुख्यमंत्री किसी दलित को बनते देखना चाहते हैं. पूर्व मुख्यमंत्री का यह बयान पंजाब कांग्रेस द्वारा एक दलित को राज्य का मुख्यमंत्री चुनकर इतिहास रचने के कुछ दिनों बाद आया. चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम बनाए जाने के बाद पंजाब में कांग्रेस के प्रभारी रावत ने सभा में कहा, “कांग्रेस ने एक ऐसी महिला के बेटे को मुख्यमंत्री बनाकर इतिहास रच दिया, जिसने जीवन भर गोबर के उपले बनाए.” यही नहीं, आगे रावत ने दलितों का कर्ज़ चुकाने की बात कुछ ऐसे कही.

‘दलितों का कर्ज चुका देंगे’ : प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के प्रमुख रावत ने कहा, “यह कम महत्वपूर्ण है कि आज दलित मतदाताओं की संख्या क्या है, बल्कि अधिक महत्वपूर्ण यह है कि उन्होंने कांग्रेस को सत्ता में बने रहने में कितनी मदद की है. अवसर आने पर हम उनका ‘कर्ज’ चुका देंगे. मैं उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि कांग्रेस उनकी उम्मीदों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ेगी.” अब सियासी गलियारों में इस बयान का पूरा अर्थ क्या निकल रहा है?

आखिर क्या है मतलब? उत्तराखंड में सबसे बड़े कांग्रेस नेता होने के नाते उनकी टिप्पणी उन लोगों को हैरान करने वाली है, जो 2022 में राज्य में पार्टी की सत्ता में वापसी की स्थिति में रावत को ही सीएम पद की दौड़ में सबसे आगे देख रहे थे. रावत ने कहा, “महाभारत में अभिमन्यु की तरह, मैं जाल में फंस सकता हूं. मैं तभी चुनाव लड़ूंगा, जब आलाकमान मुझसे ऐसा बोलेगा. मैं नहीं चाहता कि मेरी वजह से पार्टी में कोई विवाद हो. मैंने 2002, 2007 और 2012 में भी चुनाव नहीं लड़ा था. इस बार मैं 2002 की तरह ही काम करना चाहता हूं.” भाजपा इस बयान को कैसे देख रही है?

भाजपा ने कहा, ‘विरोधाभास’ : रावत के इस बयान को आड़े हाथों लेते हुए भाजपा ने कहा कि यह उत्तराखंड में जातिगत राजनीति को हवा देने की कोशिश है. रावत के मशविरे को खारिज करते हुए बीजेपी ने कहा कि उनका बयान विरोधाभासी है. कांग्रेस पार्टी सार्वजनिक तौर पर जो शिक्षा देती है, उस पर खुद अमल नहीं करती. भाजपा ने साफ तौर पर इसे वोटरों को रिझाने की सियासत करार दिया.

पाकिस्तानी नागरिक पर हाईकोर्ट ने जासूसी की सजा रखी बरकरार, पुलिस को चकमा देकर हुआ फरार

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देहरादून, 22 सितम्बर 2021

हाईकोर्ट नैनीताल ने जासूसी करने के आरोपी पाकिस्तानी नागरिक आबिद अली मामले में अपना निर्णय सुनाते हुए आरोपी की सजा को बरकरार रखा है। जासूसी के मामले में सजा होने के बाद पाकिस्तानी नागरिक आबिद अली पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया है। इसके बाद पुलिस की एक टीम माहीग्रान में उसके घर उसे गिरफ्तार करने पहुंची। पुलिस को चकमा देकर वह फरार हो गया। पुलिस और खुफिया विभाग उसकी तलाश में जुटा है।

सरकार को निर्देश दिए है कि उसके बेलबोंड को निरस्त कर उसे हिरासत में लिया जाय। पूर्व में कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई न्यायमूर्ति रवींन्द्र मैठाणी की एकलपीठ में हुई । हाईकोर्ट में आबिद उर्फ असद अली उर्फ अजीत सिंह निवासी लाहौर (पाकिस्तान) की रिहाई याचिका पर दिए निर्णय में कहा है कि उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत पाए गए है। उसने पासपोर्ट एक्ट के दुरुपयोग किया है।

रुड़की पुलिस ने किया था गिरफ्तार
25 जनवरी 2010 में हरिद्वार के गंगनहर कोतवाली पुलिस द्वारा आबिद अली उर्फ असद अली उर्फ अजीत सिंह निवासी लाहौर (पाकिस्तान) को ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट, विदेश एक्ट और पासपोर्ट एक्ट में थाना कोतवाली रुड़की गंगनहर में गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से मेरठ, देहरादून, रुड़की और अन्य सैन्य ठिकानों के नक्शे मिले थे। उससे बरामद एक पेन ड्राइव व कई गोपनीय जानकारी से जुड़े दस्तावेज मिले थे। पुलिस ने रुड़की के मच्छी मुहल्ला स्थित उसके ठिकाने पर छापा मारा तो वहाँ से बिजली फिटिंग के बोर्ड तथा सीलिंग फैन में छिपाकर रखे गए करीब एक दर्जन सिमकार्ड भी बरामद किये।

निचली अदालत से मिली सजा
निचली अदालत ने 19 दिसंबर 2012 को उसे दोषी पाते हुए सजा सुनवाई थी। इसके विरुद्ध अभियुक्त के अधिवक्ता द्वारा अपील दायर की गई। सुनवाई करते हुए अपर जिला जज (द्वितीय) हरिद्वार ने अभियुक्त को बरी करने के आदेश पारित किए गए। लेकिन इसके बाद जेल अधीक्षक के स्तर से कोर्ट तथा एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर बताया गया कि अभियुक्त विदेशी नागरिक है और इसके लिए उसको रिहा करने से पहले उसका व्यक्तिगत बंधपत्र व अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी आवश्यक हैं। अपर जिला जज ने जेल अधीक्षक के पत्र के संदर्भ में स्पष्ट किया कि इसके लिए अलग से आदेश पारित करने की आवश्यकता नहीं है। एसएसपी के आदेश पर उसे रिहा कर दिया गया।

सरकार ने हाईकोर्ट में आदेश को चुनौती दी
निचली अदालत के आदेश को सरकार ने हाइकोर्ट में विशेष अपील दायर कर चुनौती दी। सरकार द्वारा कहा गया कि निचली अदालत ने बिना ठोस सबूत पाते हुए पाकिस्तानी नागरिक को रिहा करने के आदेश दिए है। जिसे निरस्त किया जाय। उसके खिलाफ जासूसी करने के कई सुबूत है।

केदारनाथ-बदरीनाथ सहित चार धाम में लौटी रौनक, दर्शन को 69 हजार ई-पास जारी

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देहरादून, 22 सितम्बर 2021

केदारनाथ-बदरीनाथ सहित चार धाम यात्रा को लेकर तीर्थ यात्रियों में विशेष उत्साह नजर आ रहा है। चारों धामों के लिए 69217 ई पास जारी किए जा चुके हैं।चारधाम यात्रा को उत्तराखंड से बाहर के श्रृद्धालुओं को देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जरूरी है। ई-पास को देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट पर भी रजिस्ट्रेशन किया सकता है। चारों धामों में अभी तक छह हजार से अधिक तीर्थ यात्री दर्शन कर चुके हैं। 20 व 21 सितंबर को श्री बदरीनाथ धाम में श्री बदरीनाथ धाम में 8237, श्री केदारनाथ धाम में 1435, श्री गंगोत्री धाम में 5750, यमुनोत्री के लिए 1981 ई पास जारी हुए।

अभी तक कुल 69217 ई पास जारी हुए। इनमें श्री बदरीनाथ धाम के लिए 24226, केदारनाथ को 23125, गंगोत्री 13456, यमुनोत्री 8410 ई पास जारी हो चुके हैं। चारों धामों में मंगलवार को कुल 1316 तीर्थ यात्री दर्शन को पहुंचे। इसमें श्री बदरीनाथ धाम में 445, श्री केदारनाथ 429, श्री गंगोत्री 158, श्री यमुनोत्री धाम में 284 तीर्थ यात्रियों ने शाम तक दर्शन किए।

यहां पंजीकरण जरूरी है
चारधाम यात्रा को उत्तराखंड से बाहर के श्रृद्धालुओं को देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल http://smartcitydehradun.uk.gov.in  में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। ई पास को देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट www.devasthanam.uk.gov.in या http:// badrinah- Kedarnath.uk.gov.in   पर भी रजिस्ट्रेशन किया सकता है। प्रत्येक श्रद्धालु  को कोविड नेगेटिव रिपोर्ट अथवा  वैक्सीन की डबल डोज लगी होने का सर्टिफिकेट जमा करना है। उत्तराखंड  प्रदेश के लोगों को स्मार्ट सिटी पोर्टल में पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है।

यमुनोत्री पैदल मार्ग पर तय नहीं हो पाया शुल्क

चारधाम यात्रा के प्रथम पड़ाव यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग पर जिला पंचायत उत्तरकाशी ही जल्द मार्ग पर चलने वाले डंडी कंडी व घोडे खच्चरों का शुल्क तय करेगी। समय पर यात्रा सुचारू न होने के कारण वर्तमान समय में घोड़े व डंडी कंडी का संचालन का शुल्क संचालकों ने स्वयं ही तय किया है। प्रदेश में चारधाम यात्रा को प्ररांभ हुए चार दिन हो गए हैं।

लेकिन यमुनोत्री पैदल मार्ग पर जिला पंचायत ने डंडी कंडी तथा घोड़े संचालन की व्यवस्था अपने हाथ में नही ली है। यात्रा देर से प्ररांभ होने के कारण जिला पंचायत की ओर से शुल्क भी तय नहीं किया गया है। जबकि यह पूरी व्यवस्था जिला पंचायत प्रशासन की होती है। जिला प्रशासन की ओर से तय शुल्क पर ही घोड़े व डंडी कंडी संचालक तीर्थ यात्रियों से पैंसा लेते हैं। पूर्व में जिला पंचायत टेंडर प्रकिया से यमुनोत्री पैदल मार्ग पर घोड़े व डंडी का संचालन करता था। इस बार टेंडर प्रक्रिया के बजाय स्वयं ही इनका संचालन करेगा।

यात्रा के लिए कम समय रहने के कारण इस वर्ष जिला पंचायत स्वयं ही डंडी कंडी संचालित करेगा। जिसके लिए कार्यवाही गतिमान है। जल्द ही शुल्क निर्धारित कर यह व्यवस्था सुचारू कर दी जायेगी।
संजय सिंह, एएमए, जिला पंचायत 

घोड़े व डंडी कंडी का शुल्क निर्धारण की फाइल जिलाधिकारी कार्यालय को भेज दी गई है। जल्द ही यमुनोत्री पैदल मार्ग पर घोड़े व डंडी कंडी के संचालन की व्यवस्था जिला पंचायत  शुरू करेगी।
चंदन सिंह, यात्रा प्रभारी/कर अधिकारी जिला पंचायत उत्तरकाशी

गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर घंटों फंसे रहे यात्री
मौसम विभाग की चेतवानी के बाद जिले में गत सोमवार रात को जमकर भारी बारिश हुई। जिसके चलते गंगोत्री हाईवे पर नेतला व यमुनोत्री हाईवे पालीगाड़ के पास भारी मलबा आने के कारण बंद हो गया। इससे गंगोत्री व यमुनोत्री धाम की यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि पांच घंटे की मशक्कत के बाद दोनो हाईवे सुचारू हो गए थे।

प्रदेश में चारधाम यात्रा पर हाईकोर्ट की रोक हटने के बाद तीर्थ यात्रियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। दिन प्रतिदिन यात्रियों की संख्या में भी भारी इजाफा देखने को मिल रहा है। लेकिन बारिश यात्रियों की राह में मुस्किल में डाल रही है। मंगलवार को गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन प्रभावित सक्रिय होने से यात्रियों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गत रात्रि में हुई बारिश के कारण गंगोत्री हाईवे  नेताला के पास यातायात के लिए बंद हो गया। नेताला में हाईवे पर भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया। जिससे हाईवे करीब पांच घंटे तक बाधित रहा।

मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही बीआरओ के मजदूर जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंचे और  कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे को यातायात के लिए बहाल किया। इस बीच काफी संख्या में गंगोत्री धाम दर्शन के लिए जाने वाले यात्री हाईवे पर फंसे रहे। वहीं दूसरी ओर यमुनोत्री हाईवे पर पालीगाड के पास भी चटटानी बोल्डर आने से यमुनोत्री धाम की यात्रा घंटों ठप रही। एनएच बड़कोट ने हाईवे को लगभग 4 घंटे बाद आवाजाही के लिए खोला। पालीगाड के पास भूस्खलन नासूर बनता जा रहा है। यहां हल्की फुल्की बरसात में भी हाईवे पर यातायात ठप हो जाता है, जिस कारण यमुनोत्री धाम की यात्रा प्रभावित हो रही है।

 

तो क्या हरिद्वार के अखाड़ों में भी छिपा है महंत नरेंद्र गिरी की मौत का राज ?

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हरिद्वार, 22 सितम्बर 2021

अपने गुरु नरेंद्र गिरी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार हुए आनंद गिरी और नरेंद्र गिरी के बीच विवाद हरिद्वार के अखाड़े में ही शुरू हुआ था। उसी विवाद के कारण नरेंद्र गिरी का मन उखड़ गया था। और उन्हीं इस कदर अपनी जीवन लीला समाप्त करनी पड़ी। पिछले छह महीनों में अखाड़ों में कई संतों के अलावा प्रॉपर्टी डीलरों से भी नरेंद्र गिरी की मुलाकात हुई थी। श्रीमहंत की कॉल डिटेल इस बात को बयां कर रही है।

विवाद के बाद गुरु शिष्य एक दूसरे के खिलाफ हो गए। अखाड़ों की चार दीवारी में उस बात का दबा दिया गया था। जिस बात को लेकर दोनों के बीच इस कदर विवाद हुआ कि नरेंद्र गिरी को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। भले ही प्रयागराज में नरेंद्र गिरी का निधन हुआ हो, लेकिन श्रीमहंत को हरिद्वार के अखाड़े में हुई वो ही बात दिल और मन में चुब रही थी, जो आंनद गिरी ने संतों के सामने की थी।

सोशल मीडिया पर भी आनंद गिरी ने नरेंद्र गिरी के खिलाफ भड़ास निकाली थी। और तरह तरह के एक आरोप प्रत्यारोप किये थे। हरिद्वार के अखाड़े में ही मौत का राज छिपा हुआ है। कि उस विवाद वाले दिन आनंद गिरी ने ऐसा क्या कह दिया था कि उन्हें अखाड़े के साथ साथ प्रयागराज की बधांबरी गद्दी से उन्हें हटाना पड़ा था। अखाड़े से निष्कासित करने के साथ ही उनकी एंट्री को बेन करना पड़ा था।

बाद में भले ही दोनों के बीच समझौता हुआ हो, लेकिन विवाद की कहानी हरिद्वार के अखाड़े से ही शुरू हुई थी। यूपी के पुलिस अधिकारी के अलावा भाजपा नेता का मध्यस्थता कराने में नाम आने के अलावा हरिद्वार के एक संत ने भी इस मध्यस्तथा में भूमिका अदा की थी। फोन पर आनंद गिरी की बात कराई थी। यह वही संत है जिनको अखाड़े से लेकर आनंद गिरी और नरेंद्र गिरी के बीच की बात मालूम है। निरंजनी अखाड़े के सचिव राम रतन गिरी ने बताया कि दोनों के बीच समझौत हो गया था। विवाद जैसे कोई बात नहीं थी।

कुंभ में आगे दिखे आनंद गिरी

हॉल ही में संपन्न हुए कुंभ मेले में आनंद गिरी संतों में सबसे आगे नजर आ रहे थे। नरेंद्र गिरी की अनुपस्थित में आनंद गिरी ने बड़े संतों के साथ ही शाही स्नान भी किया था। जुलूस में भी सबसे आगे वो ही नजर आते दिख रहे थे।

छह महीनों में हुआ सब कुछ:कुंभ की तैयारियों को लेकर बैठक लेने के लिए जब भी नरेंद्र गिरी हरिद्वार आते थे तो उनके साथ अधिकांश आनंद गिरी भी आया करते थे। जनवरी से पहले ही आनंद गिरी हरिद्वार आ गए थे। छह महीने पहले सब ठीक था। लेकिन अप्रैल के बाद हुआ और दोनों के बीच दूरियां पैदा हो गई।

अवैध धर्मांतरण और हवाला से विदेशी फंडिंग में मौलाना कलीम गिरफ्तार

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मेरठ, 22 सितम्बर 2021

यूपी एटीएस ने मुजफ्फरनगर के फुलत निवासी मौलाना कलीम सिद्दीकी को देशव्यापी धर्मांतरण का सिंडिकेट चलाने और हवाला से विदेशी फंडिंग के मामले में गिरफ्तार किया है। मेरठ से मुजफ्फरनगर जाते हुए मंगलवार रात को मौलाना कलीम समेत 5 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें से मौलाना कलीम को गिरफ्तार दिखाया गया है। इनका संबंध धर्मांतरण में पूर्व में गिरफ्तार किए गए उमर गौतम से भी बताया गया है।

लखनऊ में एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि मौलाना कलीम सिद्दीकी देशव्यापी धर्मांतरण का सिंडिकेट चला रहे थे। साक्ष्यों के आधार पर इस बात का खुलासा यूपी एटीएस द्वारा किया गया है। बताया कि पिछले 15 साल से यह काम जारी था और इसके लिए विदेशों से फंडिंग कराई जा रही थी। हवाला के जरिए भी पैसा लाया जा रहा था। मदरसों की आड़ में भी फंडिंग की जा रही थी। बताया कि धर्मांतरण के मामले में पूर्व में गिरफ्तार उमर गौतम को जिस संस्था से पैसा ट्रांसफर किया गया, उसी संस्था से मौलाना कलीम की संस्था को भी पैसा ट्रांसफर किया गया है। इसके अलावा करीब 3 करोड़ की रकम के ट्रांसफर होने के साक्ष्य मिले हैं, जिनमें से डेढ़ करोड़ बहरीन से भेजे गए हैं।

मौलाना कलीम ने दिल्ली में जामिया इमाम वलीउल्ला नामक ट्रस्ट संचालित किया हुआ है, जिसे लेकर जांच की जा रही है। धर्मांतरण को लेकर प्रिंट में इलेक्ट्रॉनिक रूप में लिखा गया साहित्य भी एटीएस ने साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि इस मामले में जांच के लिए पुलिस की 6 टीमें लगाई गई हैं।

मंगलवार रात लोकेशन न मिलने से मचा था हड़कंप

मुजफ्फरनगर के रतनपुरी क्षेत्र के ग्राम फुलत के प्रसिद्ध मदरसे के प्रबंधक मौलाना कलीम का कई घंटे से मोबाइल फोन बंद होने और उनकी कोई लोकेशन नहीं मिलने से हड़कंप मच गया था। उनके साथ चार लोग और थे। किसी की भी देर रात तक लोकेशन नहीं मिली थी। मौलाना कलीम के जानकार मौलाना इदरीश का कहना है कि दिल्ली से वह फुलत मदरसे में आने के लिए निकले थे। रास्ते में वह मेरठ में एक निजी निमंत्रण पर पहुंचे थे और वहां से फुलत मदरसे के लिए रवाना हुए थे। इसके बाद से उनका मोबाइल फोन बंद रहा और उनकी लोकेशन नहीं मिल रही थी। वहीं, मेरठ के थाना लिसाड़ी गेट में भी काफी लोग जमा हो गए थे।

अभिनेत्री सना खान का निकाह कराने पर आए थे काफी चर्चा में

पूर्व में मौलाना कलीम ने अभिनेत्री सना खान का निकाह भी कराया था। इसको लेकर काफी चर्चा बनी रही थी। मौलाना कलीम इस मामले को लेकर काफी चर्चा में बने रहे थे।

गोरखपुर को जल्‍द मिलेगी सैनिक स्‍कूल की सौगात, मुख्‍य सचिव ने दिया ये आदेश

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गोरखपुर, 22 सितम्बर 2021

उत्‍तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के ‌जरिए जिले में चल रही 10 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की प्रगति देखी। उन्होंने सैनिक स्कूल की समीक्षा के दौरान डीएम को तत्काल धन जारी करने के निर्देश दिए ताकि निर्माण कार्य शुरू हो सके।

समीक्षा के दौरान श्री तिवारी ने निर्देश दिए कि सभी काम अपने तय समय पर पूरे हो जाएं और विशेष रूप से गुणवत्ता का ध्यान रखें। किसी परियोजना को बेवजह न रोकें। कहा कि जो परियोजनाएं पूरी हो गई है, लेकिन अभी तक मैनपावर, उपकरण व फर्नीचर के अभाव में क्रियाशील नहीं सकी है, उन्हें तत्काल क्रियाशील कराया जाए। साथ ही यह भी कहा कि ऐसी सभी परियोजनाएं, जिनकी अभी तक स्वीकृति लम्बित है, उनका परीक्षण कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय ले लिया जाए ताकि समय से कार्य शुरू हो सके।

बैठक के दौरान कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने बताया कि 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत के लोक निर्माण विभाग की सड़कों के 17 में से 14 काम इसी साल दिसंबर 2021 तक पूरा हो जाएगा। गोरखपुर के पहली सिक्स लेन सड़क नौसड़-पैडलेगंज का काम अप्रैल जबकि जिला लेज बाईपास फोरलेन का काम फरवरी 2022 में पूरा हो जाएगा। इसी तरह मानीराम-बालपुर-टिकरिया मार्ग के चौड़ीकरण का काम सितंबर 2022 तक पूरा हो सकेगा। कमिश्नर ने बताया कि कुआनो नदी के बनकटा घाट पर सेतु पहुंच मार्ग दिसम्बर 2022 की जगह मार्च 2022 में ही पूरा हो जाएगा। कम्हरिया घाट पर घाघरा नदी पुल का 92 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। पानी भरा होने की वजह से काम रूका हुआ है। नवम्बर 2021 में कार्य शुरू कर मार्च 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बरगदवा चौराहे से फर्टिलाइजर मार्ग पर नकहा जंगल के पास आरओबी, मनीराम के ओमकार नगर तिराहे से बालापुर टिकरिया मार्ग पर स्थित आरओबी, ट्रांसपोर्टनगर महेवा से रूस्तमपुर चौराहे तक फ्लाईओवर का निर्माण, मनीराम-पीपीगंज के मध्य आरओबी तथा चौरी चौरा-सोनबरसा मार्ग पर आरओबी का निर्माण स्वीकृति की प्रक्रिया में है। इसपर मुख्य सचिव ने सम्बन्धित प्रशासकीय विभागों से जल्द स्वीकृति प्रदान करने का निर्देश दिया। कमिश्नर ने बताया कि रामगढ़ तल स्थित वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी एवं झील मनोरंजन परियोजना का करीब 87 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। बाकी काम भी अगले महीने तक पूरा हो जाएगा। इसी तरह राप्ती नदी पर नौसड़ से कालेसर तक आठ किमी समानान्तर सड़क के सौन्दर्यीकरण परियोजना के बारे में उन्होंने बताया कि जल भराव की वजह से वर्तमान में काम रूक गया अब तेज गति से काम होगा।

यूपी को मिलेगी 1193 नए फ्लाईओवर और आरओबी की सौगात, जानें क्या है तैयारी

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लखनऊ, 22 सितम्बर 2022

विकास को फ्लाईओवरों और आरओबी के नेटवर्क से यूपी नई उड़ान देने जा रहा है। प्रदेश सरकार आने वाले समय में प्रदेश की जनता को 1193 नए फ्लाईओवर और आरओबी का तोहफा देने की तैयारी कर रही है। प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग नितिन रमेश गोकरण के मुताबिक हम तेजी से सेतु और आरओबी बना रहे हैं। जल्‍द से जल्‍द योजनाओं को पूरा किया जा रहा है।

राज्‍य सरकार प्रदेश में 121 नए आरओबी 305 दीर्घ सेतुओं और 767 लघु सेतुओं समेत कुल 1193 नए पुलों के निर्माण पर तेजी से काम कर रही है। इनमें से 260 सेतु ऐसे हैं जिनका शिलान्‍यास पिछली सरकारों में वर्षों पहले हुआ लेकिन निर्माण कार्य नहीं शुरू हो सका। कई योजनाओं को अगले कुछ दिनों में पूरा करने की तैयारी चल रही है। नए सेतुओं के नेटवर्क के साथ यूपी देश के सबसे अधिक फ्लाईओवर और सुगम यातायात वाले राज्‍यों में शामिल हो जाएगा। निर्मित हो चुके 124 दीर्घ सेतुओं में से 89 सेतु ऐसे हैं जो पिछली सरकारों में कई वर्षों से अधूरे पड़े थे। राज्‍य सरकार द्वारा बनाए गए 54 आरओबी में से 35 पिछली सरकारों में लंबे समय से अधूरे पड़े थे। लोक निर्माण विभाग और राज्‍य सेतु निगम ने पुलों और आरओबी निर्माण के मामले में पिछली सरकारों को मीलों पीछे छोड़ दिया है। सेतुओं का सबसे बड़ो नेटवर्क खड़ा कर राज्‍य सरकार ने प्रदेश में विकास के साथ ही रोजगार की भी बड़ी राह खोल दी है।

Mahant Narendra Suicide: आनंद और आद्या के बाद संदीप तिवारी को भी किया गिरफ्तार

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प्रयागराज, 22 सितम्बर 2021

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के आत्महत्या मामले में अब यूपी पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने मामले के तीसरे आरोपी संदीप तिवारी को भी गिरफ्तार कर लिया है. संदीप लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी का बेटा है. गौरतलब है कि पुलिस ने मामले में आनंद गिरि और आद्या तिवारी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है. उल्लेखनीय है कि महंत नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में खुद की मौत के लिए जिम्मेदार आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी को बताया था.

नरेंद्र गिरि ने लिखा था कि तीनों उन्हें ब्लैकमेल करते हैं और मानसिक तौर पर प्रताड़ित करते हैं. साथ ही उन्होंने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से इन तीनों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की थी.

14 दिन की न्यायिक हिरासत में आनंद

वहीं महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले में आरोपी आनंद गिरी की न्यायिक हिरासत को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने आनंद गिरि को कोर्ट में पेश किया था जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया. गौरतलब है कि नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था. जिसके बाद पुलिस ने आनंद गिरि को हरिद्वार से गिरफ्तार किया था.

संगठन से भी बाहर हुआ आनंद

वहीं नरेंद्र गिरी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी आनंद गिरी को अब युवा साधु संतों के संगठन युवा भारत साधु समाज ने भी अपने संगठन से निकाल दिया है. हरिद्वार स्थित गरीब दास आश्रम में बुधवार को बैठक का आयोजन किया गया. इस बैठक के दौरान संगठन ने कार्रवाई करते हुए आनंद गिरी को संगठने से निष्कासित कर दिया. आनंद गिरि संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर था, उसे इस पद से अब हटा दिया गया है.

सीएम योगी के लुक में नजर आए ‘जूनियर सीएम’, साथ में चल रहे थे ‘ब्लैक कमांडो’, भीड़ लगा रही थी जयश्रीराम के नारे

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नोएडा, 22 सितम्बर 2021

सीएम योगी का लुक एक बच्चे को इतना भाया कि योगी आदित्यनाथ की नकल करने में पीछे नहीं रहा। इस बच्चे ने योगी की तरह भगवाधारी कपड़े पहने और सिर से बाल भी मुंडवा लिए। इसके बाद साथ में दो ब्लैक कमांडो भी रख लिए। यह नजारा जिसने भी देखा तो वही चौंक गया। हर कोई इस बच्चे को जूनियर सीएम के नाम से संबोधित करते देखा गया। दरअसल बुधवार को सीएम योगी नोएडा और ग्रेटर नोएडा के दौरे पर थे। इस दिन सीएम योगी के कई कार्यक्रम होने थे।

सीएम योगी के कार्यक्रम में शामिल होने के दादरी का रहने वाला अंकित जो कि सीएम योगी आदित्यनाथ के लुक में नजर आया। अंकित को सीएम के लुक में देखकर एक बार सभी भौचक रह गए। जिस तरह से सीएम योगी के साथ गनर चलते हैं वैसे ही इस बच्चे के साथ भी ब्लैक कमांडो की ड्रेस में दो और बच्चे दिखे, जो बंदूक लिए सीएम योगी के लुक वाले बच्चे के साथ चल रहे थे। इसके साथ ही बच्चे के पीछे भीड़ भी चल रही थी जो जय श्रीराम के नारे लगाते जा रही थी। बीच सड़क पर छोटे योगी और उनके साथ चल रही ब्लैक कमांडो को देखकर सभी हैरान रह गए।

हापुड़ में बोले सीएम योगी- दंगाइयों को कह दिया था, दंगा करोगे तो सात पीढ़ियां भी नहीं कर पाएंगी भरपाई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिन पश्चिम यूपी के दौरे पर हैं। मुरादाबाद, संभल, बिजनौर के बाद मंगलवार को वह नोएडा और हापुड़ पहुंचे। हापुड़ में उन्होंने कहा कि आज विकास की ढेर सारी योजनाओ को लेकर हम यहां आए हैं। सरकार ने विकास के मामले में भेदभाव किसी के साथ नहीं किया। जब हम 2017 में चुनाव प्रचार में आते थे, पश्चिमी उत्तरप्रदेश की हर जनता,मां बहन बेटियों की यही मांग रहती थी कि क्या सुरक्षा मिलेगी। सीएम ने कहा कि हमने सरकार आने के बाद अक्षरशः पालन भी किया। दंगा करने वाले दंगाइयों को कह दिया था कि दंगा करोगे तो उसकी भरपाई करने में सात पीढियां भी काफी नहीं होगी।

 

बक्सर में विश्वकर्मा पूजा पर स्कूल में बुलाई गयी बार डांसर

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