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उत्तराखंड पुलिस के ‘शक्तिमान’ की मौत मामले में मंत्री गणेश जोशी अदालत से बरी

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देहरादून, 23 सितम्बर 2021

पुलिस के शक्तिमान घोड़े की मौत के मामले में पुष्कर सिंह धामी की उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के साथ ही अन्य 4 आरोपियों को न्यायालय ने दोष मुक्त करार दिया. जोशी के खिलाफ मारपीट, बलवे और पशुओं के खिलाफ क्रूरता संबंधी मामले दर्ज थे, जिनमें साक्ष्यों की कमी के आधार पर कोर्ट ने उन्हें पांच साल पुराने एक मामले में बरी कर दिया. इस फैसले के बाद भावुक होते हुए जोशी ने कहा कि सच की जीत आज हुई. जानिए क्या था पूरा मामला और किस तरह जोशी को बरी किया गया.

दरअसल, साल 2016 में बजट सत्र के दौरान भाजपा ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ विधानसभा तक रैली निकाली थी. इस दौरान पुलिसकर्मियों व भाजपा समर्थकों के बीच झड़प भी हुई थी. आरोप था कि इस दौरान भाजपा विधायक गणेश जोशी ने पुलिस की लाठी छीनकर उन्हीं पर बरसाना शुरू कर दिया था. लाठी की कुछ चोटें पुलिस के घोड़े शक्तिमान को भी आईं, जिसके चलते वह घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई थी.

इस सिलसिले में पुलिस ने जोशी के खिलाफ बलवे और मारपीट के अलावा पशु क्रूरता अधिनियम का मामला दर्ज कराया था. गुरुवार को देहरादून के मुख्य न्यायाधीश लक्ष्मण सिंह की कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त किया. इस फैसले के बाद जोशी ने भावुक होते कहा, ‘मैं पहले से कह रहा था कि निर्दोष हूं. आज सत्य की जीत हुई.’ वहीं, जोशी के वकील मनमोहन कंडवाल ने बताया कि साक्ष्यों की कमी और गवाहों के विरोधाभासी बयानों के चलते कोर्ट ने जोशी को दोषमुक्त किया.

 

लग्जरी गाड़ी छोड़कर अचानक रोडवेज बस में चढ़ गए सीएम पुष्कर सिंह धामी, यात्रियों से पूछा-कैसी हैं सुविधाएं

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देहरादून, 23 सितम्बर 2021

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को रोडवेज बस के अंदर अचानक देखकर यात्री दंग रह गए। पहले तो किसी को यकीन ही नहीं हुआ था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड रोडवेज की वॉल्वो और सामान्य बस में जाकर यात्रियों से बातचीत की। सुविधाओं के बारे में लोगों न पूछा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को देहरादून आईएसबीटी का औचक निरीक्षण पर निकले थे।

मुख्यमंत्री ने बैठने की, पेयजल, स्वच्छता, शौचालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिवहन निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के अंदर यात्रियों को बैठने के लिए बैंच की पूरी व्यवस्था की जाय। यह सुनिश्चित हो कि पेयजल आपूर्ति बाधित न हो। शौचालय में स्वच्छता का विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने काउंटर का निरीक्षण कर निर्देश दिए कि यात्रियों सुविधाएं बोर्ड पर चस्पा की जाएं। बुजुर्ग लोगों के लिए सहायता काउंटर बनाने के निर्देश दिए।

उत्तराखंड में जमकर बरसे मेघ,100 दिन में 97 फीसदी बरसा मानसून

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देहरादून, 23 सितम्बर 2021

उत्तराखंड में मानसून ने 100 दिन की अवधि पूरी कर ली है। राज्य में 97 फीसदी मानसूनी बारिश दर्ज हो चुकी है। इसमें कुछ बारिश प्री-मानसून की भी है। प्रदेश में पिछले 100 दिनों में कुल 1110.7 एमएम बारिश हो चुकी है। जो सामान्य स्थिति में 1149.3 एमएम तक औसत के रूप में दर्ज है। इस लिहाजा से प्रदेश में कुल 97 फीसदी बारिश हो चुकी है। जो मानसून खत्म होने से करीब आठ दिन पहले सिर्फ सामान्य से 3 फीसदी के कम के बीच के अंतर पर पहुंच चुकी है। मौसम विशेषज्ञों की माने तो यह अंतर बेहद मामूली है और कुल मिलाकर प्रदेश में मानसून अनुमान के मुताबिक अच्छा व सामान्य गुजरा है।

अक्तूबर पहले हफ्ते हो सकती है विदाई 
मानसूनी सीजन आमतौर पर जून से सितम्बर तक चार माह के अंतराल का माना जाता है। जबकि मानूसन का राज्य में प्रवेश 20 से 22 जून से लेकर विदाई 30 सितम्बर तक मानी जाती है। इस बार मानसून नियत समय से पहले आया और अब इसकी विदाई भी एक हफ्ते देरी से होने का अनुमान लगाया जा रहा है। मौसम निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, है। मानसून के विदाई पर अक्तूबर पहले हफ्ते के बाद ही टिप्पणी की जा सकती है। अभी यह सक्रिय है।

कहां कैसी बारिश?
जिला             वास्तविक    सामान्य    प्रतिशत
अल्मोड़ा         774.2        810.9    -5
बागेश्वर           2112.8      810.9    161
चमोली          1241.4       758.8    64
चम्पावत         895.2        1293.6    -31
देहरादून         1294.9      1491.2    -13
पौड़ी गढ़वाल   790.3        1198.1    -34
टिहरी गढ़वाल  886.8        970.8    -9
हरिद्वार           735.8         951.6    -23
नैनीताल          1213.3      1388.8    -13
पिथौरागढ       1404.6       1506.9    -7
रुद्रप्रयाग         1212.3      1465.9    -17
उधमसिंहनगर  912.9        1044.6    -13
उत्तरकाशी       962.8        1185.4    -19
उत्तराखंड        1110.7       1149.3    -3

गोरक्षा, संस्कृत और संस्कृति की रक्षा को आगे आएं धार्मिक संस्थाएं-सीएम योगी

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गोरखपुर, 23 सितम्बर 2021

मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने सभी धार्मिक संस्थाओं से आह्वान किया है कि वे गोरक्षा, संस्कृत व संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें सरकार पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने भारत और भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए हर भारतीय को तैयार रहने का भी संदेश दिया।

सीएम योगी युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 52वीं व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 7वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह के अंतर्गत गुरुवार को ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की पुण्य स्मृति में श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर धार्मिक पीठ संस्कृत विद्यालय खोले, सरकार इसमें हर स्तर पर सहयोग करेगी। संस्कृत और संस्कृति को प्रोत्साहन हमारे आश्रमों को देना होगा। संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए योग्यता के आधार पर शिक्षकों का चयन करना होगा। अयोग्य व्यक्ति संस्था को नष्ट कर देगा। ऐसे में योग्य को तराशने की जिम्मेदारी धर्माचार्यों व आश्रमों को लेनी होगी। इससे संस्कृत, संस्कृति की रक्षा के साथ गोरक्षा भी होगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गोरक्षा के लिए सरकार तीन व्यवस्थाओं पर कार्य कर रही है। पहला निराश्रित गोवंश के लिए आश्रय स्थल बनाए गए हैं जहां वर्तमान में छह लाख गोवंश संरक्षित हैं। दूसरा सहभागिता योजना के तहत यदि कोई व्यक्ति आश्रय स्थलों से चार गोवंश लेकर उन्हें पालता है तो प्रति गोवंश के लिए सरकार उसे प्रतिमाह 900 रुपये देती है। जबकि गाय का दूध व अन्य सभी उत्पाद उसी व्यक्ति के हिस्से में आता है। तीसरी व्यवस्था कुपोषित महिलाओं व बच्चों के लिए की गई है। इसमें भी संबंधित परिवार को एक गाय व उसके पालन के लुई प्रतिमाह 900 रुपये दिए जा रहे हैं।

सीएम ने इस बात का उल्लेख करते हुए कहा कि एक भी धार्मिक संस्था ने सरकार से गाय नहीं ली है। हमें यह समझना होगा कि धर्म की रक्षा तभी होगी जब हम उसके मूल और मूल्यों को जानेंगे। गोरक्षा भाषणों से नहीं बल्कि श्रद्धा और  व्यवस्था से जोड़ने से होगी।

गोरखनाथ मंदिर में गोबर गैस की ऊर्जा से पकता है प्रसाद

गोरक्षा के क्षेत्र में गोरक्षपीठ के योगदान को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखनाथ मंदिर में प्रसाद गाय के गोबर से मिली ऊर्जा से पकता है। यहां गोबर गैस के ईंधन का प्रयोग किया जाता है। खेतों में उतपन्न अन्न भी गोबर की खाद से प्राप्त होता है।

राष्ट्रीयता की भावना को जीवन पर्यंत आगे बढ़ाते रहे महंत दिग्विजयनाथ

ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए सीएम योगी ने कहा कि ब्रह्मलीन महंतश्री जीवन पर्यंत राष्ट्रीयता की भावना को आगे बढ़ाते रहे। गोरखपुर में उनका आगमन दैवयोग से हुआ था। वह इतिहास प्रसिद्ध उस राणा राजवंश से थे जिसने राष्ट्र रक्षा में किसी भी प्रकार का बलिदान देने से संकोच नहीं किया। वंशानुगत संस्कार को वह आजीवन अपने आचरण में परिलक्षित करते रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली शिक्षक के प्रति श्रद्धा और सम्मान में, जिन्हें नौकरी से निकाल दिया गया था, उन्होंने 1932 में किराए के कमरे में महाराणा प्रताप स्कूल की शुरुआत की जो महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की आधारशिला बनी। वर्तमान में इसके अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य व सेवा के क्षेत्र में संचालित चार दर्जन संस्थाएं राष्ट्रीयता की उनके अभिनव यज्ञ की साक्षी हैं।  हर धार्मिक पीठ को धर्म, अध्यात्म की शिक्षा के साथ देश की सभ्यता और संस्कृति के लिए क्या करना चाहिए, महंत दिग्विजयनाथ ने इसके मानक तय किए। उनके इस अभियान में ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ ने अहर्निश अभिवृद्धि की। सीएम ने कहा कि साम्प्रदायिक व जातीय विभेद से परे समग्र समाज को एकजुट करने के लिए वह आजीवन मूल्यों के प्रति समर्पित रहे। छुआछूत और अस्पृश्यता के खिलाफ निरन्तर आवाज उठाते रहे।

नया भारत बनने को अग्रसर है देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश नया भारत बनने को अग्रसर है। यह भारत नित नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। ऐसे में हर नागरिक को भी यह आत्मावलोकन करना चाहिए कि देश के प्रति उसके क्या दायित्व हैं। सदियों से ददबी भावनाओं को सम्मान मिलना ही चाहिए। उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज की रक्षा तभी होगी जब सब मिलकर आगे बढ़ेंगे, तभी भारत ताकतवर भारत बनेगा। विभाजित स्वर भारत विरोधियों की चपेट में आएगा। इस बात को ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ अच्छे से समझते थे। इसी कारण उनका जीवन सामाजिक समरसता व एकजुटता को समर्पित रहा। हमें भी समय रहते समाज की विसंगतियों को दूर करना होगा।

संस्कृत और संस्कृति के प्रति प्रतिबद्ध रही है गोरक्षपीठ : स्वामी वासुदेवानंद

कार्यक्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद ने कहा कि भारतीयता की प्रतिष्ठा दो कारणों से रही है, संस्कृत और संस्कृति। गोरक्षपीठ की संस्कृत, संस्कृति और संस्कार के लिए प्रतिबद्ध परंपरा है। योगी आदित्यनाथ उसी परंपरा के संवाहक हैं। उन्होंने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ व ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ का स्मरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

योगी में हैं महंत दिग्विजयनाथ जैसे गुण : स्वामी वासुदेवाचार्य

अयोध्या से पधारे जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ महाराणा प्रताप के वंश के थे और राष्ट्रीयता और किसी के आगे न झुकने का जैसा गुण उनमें था, आज वही योगी आदित्यनाथ में भी है। देश के स्वतंत्र होने के बाद उन्होंने अयोध्या में श्रीराम लला को विराजमान किया। आज उनके सुयोग्य प्रशिष्य योगी आदित्यनाथ अयोध्या के समग्र विकास के लिए सतत प्रयास कर रहे हैं। स्वामी वासुदेवाचार्य ने सीएम योगी की तुलना प्रतापी सम्राट विक्रमादित्य से की और उन्हें आज के दौर का विक्रमादित्य बताया। रोहतक स्थित बाबा मस्तनाथ पीठ से आए अलवर, राजस्थान से सांसद महंत बालकनाथ ने कहा कि जिस प्रकार हिमालय देश की सीमाओं को रक्षा करता है उसी प्रकार गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ व ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ ने देश के अंदर राष्ट्रीयता, धर्म व संस्कृति की रक्षा की। अयोध्या के स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य ने कहा कि राष्ट्र के प्रति समर्पण गोरक्षपीठ की परंपरा है। अपने गुरुजनों की इसी परंपरा को योगी आदित्यनाथ कुशलता व सफलता से आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि जो गुरुजनों के पथ का अनुसरण करता है उसकी चर्चा युग-युगांतर तक बनी रहती है। श्रद्धांजलि समारोह को प्रयागराज के स्वामी गोपाल दासजी, जूनागढ़ गुजरात से आए महंत शेरनाथ, जूना अखाड़ा गाजियाबाद के महंत श्रीनारायण गिरि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर स्वामी राघवाचार्य, दिगम्बर अखाड़ा अयोध्या के महंत सुरेशदास, महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो यूपी सिंह, गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल अतुल वाजपेयी आदि भी उपस्थित रहे।

गाजियाबाद में बढ़ेंगे महिला रोजगार के अवसर, सीएम योगी ने दी शहर में पिंक वेंडिंग जोन बनाने की मंजूरी

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गाज़ियाबाद, 23 सितम्बर 2021

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में महिलाओं के लिए पिंक वेंडिंग जोन बनाने की मंजूरी दे दी है। दरअसल, गाजियाबाद की महापौर आशा शर्मा ने निगम के पांचों जोन में बनने वाले वेंडिंग जोन में 10-10 क्योस्क महिलाओं के लिए बनाने का प्रस्ताव रखा था। मुख्यमंत्री ने इसे सराहनीय कदम बताते हुए आगे बढ़ाने का कहा है।

गाजियबाद में बुधवार को रात्रि प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनप्रतिनिधियों से शहर में चल रहे विकास कार्यों पर चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने को कहा। इसके अलावा महानगर और लोनी में जलभराव की समस्या को भी दूर करने को कहा। महापौर आशा शर्मा ने मुख्यमंत्री को बताया कि शहर की कई बड़ी परियोजनाएं बनकर तैयार हैं। ऑडिटोरियम, शॉपिंग कॉप्लेक्स और दो गार्बेज फैक्ट्री तैयार हैं। 26 तालाबों का सौंदर्यीकरण करा दिया है।

महापौर ने मुख्यमंत्री से योजनाओं का उद्घाटन कराने के लिए समय मांगा। महापौर के अनुसार, योगी आदित्यनाथ ने अगले माह समय देने की बात कही है। इसके अलावा महापौर ने कविनगर, वियजनगर, मोहननगर, वसुंधरा और सिटी जोन में पिंक वेंडिंग जोन बनाने की बात कही। महपौर ने मुख्यमंत्री को बताया कि पांचों जोन में 10-10 क्योस्क महिलाओं के लिए आवंटित किए जाएंगे। उस क्षेत्र में महिला पुलिसकर्मी तैनात रहेंगी। मुख्यमंत्री ने पिंक वेंडिंग जोन बनाने के लिए मंजूरी दे दी है। महापौर ने बताया कि जल्द काम शुरू करा दिया जाएगा।

इंदिरापुरम के हस्तांतरण पर भी चर्चा हुई

राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल द्वारा इंदिरापुरम का जीडीए से नगर निगम को हस्तांतरण का मामला भी मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया गया। सांसद ने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव के माध्यम से इसे तुरंत हल कराने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री ने चल रहे विकास कार्यों को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए।

लूट की घटनाओं पर चिंता जताई

मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पवन कुमार से कानून-व्यवस्था पर बात की। उन्होंने लूट की घटनाओं पर चिंता जताई। साथ ही लूट की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कहा। महिला अपराध पर नियंत्रण करने के लिए भी दिशा-निर्देश दिए।

सुनील शर्मा ने गंगाजल और अस्पताल का मुद्दा उठाया

साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा ने बताया कि उन्होंने खोड़ा में गंगाजल आपूर्ति और टीएचए में सरकारी अस्पताल के मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। खोड़ा में लंबे समय से गंगाजल आपूर्ति का प्रस्ताव नगर पालिका की ओर से शासन स्तर पर भेजा जा चुका है। साहिबाबाद विधायक का कहना है कि मुख्यमंत्री ने तत्काल दोनों मामले में तेजी लाने के निर्देश अफसरों को दिए हैं।

जल निकासी पर योजना बनाने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री ने शहर और लोनी की जल निकासी के आदेश जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह को दिए। बता दें कि बारिश के दौरान जल निकासी नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। सड़कों पर पानी भरा रहता है।

भयमुक्त हो गया यूपी

हापुड़। हापुड़ के पिलखुवा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साढ़े चार साल में वेस्ट यूपी समेत पूरे राज्य को दंगा मुक्त करते हुए विकास कराया गया है। सख्त लहजे में उन्होंने दंगाइयों को चेतावनी दी कि अगर दंगा किया तो सात पीढ़ी जुर्माना भरेंगी।

परियोजनाएं समय पर पूरा करने के लिए कहा

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह से विकास योजनाओं की जानकारी ली और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए कहा। गुणवत्ता का भी ध्यान रखने की बात कही। वीके सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया काफी योजनाएं पूरी हो गई हैं। उनका जनता को लाभ मिल रहा है।

अयोध्या मंदिर से आठ मूर्तियां हुई चोरी…

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अयोध्या, 23 सितम्बर 2021

अयोध्या में एक सदी पुराने मंदिर से आठ प्राचीन मूर्तियां चोरी हो गईं। बुधवार को मूर्तियां गायब मिलीं, जिसके बाद हैदरगढ़ थाने में मामला दर्ज कराया गया।

अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शैलेश कुमार पांडे ने कहा, “मूर्तियों को एक मंदिर से चुराया गया था। शुरू में कहा गया था कि नौ मूर्तियां गायब थीं, लेकिन बाद में एक मूर्ति मंदिर परिसर से बरामद कर ली गई। हमने चोरी का मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू हो गई है।”

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंदिर एक शाही परिवार के वंशज आनंद कुमार सिंह की निजी संपत्ति पर बनाया गया है।

मंदिर का प्रबंधन राम जानकी ट्रस्ट नामक एक निजी ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। इसे सिंह के पूर्वजों ने एक सदी पहले बनवाया था। मंदिर में कई मूर्तियां हैं।

बुधवार को मंदिर के पुजारी ने मंदिर के अंदर के गेट का ताला टूटा हुआ और मूर्तियां गायब पाईं।

सर्किल ऑफिसर सत्येंद्र भूषण तिवारी ने कहा, “गुमशुदा मूर्तियां धातु से बनी थीं और तीन से नौ इंच लंबी थीं और एक सदी से अधिक पुरानी थीं। हमने चोरों को ट्रैक करने के लिए दो टीमों का गठन किया है। हम डॉग स्क्वायड की फोरेंसिक यूनिट और खुफिया विभाग की मदद ले रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “मंदिर में कोई सीसीटीवी कैमरा या सुरक्षा गार्ड नहीं है। एक पुजारी मंदिर की देखभाल करता है और रात में इसे बंद कर देता है।”

कमला पति त्रिपाठी के परिवार के ललितेश पति ने कांग्रेस छोड़ी

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वाराणसी, 23 सितम्बर 2021

कांग्रेस को गुरुवार को एक और झटका लगा जब उसके सबसे पुराने परिवारों में से एक के परिवार ने पार्टी से नाता तोड़ लिया। पूर्व विधायक ललितेश पति त्रिपाठी, दिवंगत कमला पति त्रिपाठी के परपोते, ने घोषणा की कि वह कांग्रेस छोड़ रहे है क्योंकि समर्पित और वफादार पार्टी कार्यकतार्ओं और कैडर को किनारे और उपेक्षित किया जा रहा था।

एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है क्योंकि वह मौजूदा स्थिति में खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।

हालांकि, उन्होंने कहा, वह राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पार्टी की सेवा करने का मौका देने के लिए धन्यवाद देना चाहते हैं।

पूर्व विधायक ने कहा कि उन्होंने अपनी भविष्य की कार्रवाई का फैसला नहीं किया है, लेकिन समाज के गरीबों और हाशिए के वर्गों के लिए काम करना जारी रखेंगे।

ललितेश पति ने कुछ दिनों पहले यूपी कांग्रेस के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, जिससे उनके पार्टी छोड़ने की भी अटकलें तेज हो गई थीं।

कमला पति त्रिपाठी परिवार विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के स्तंभों में से एक रहा है, और पार्टी कार्यकतार्ओं में सबसे अधिक सम्मानित है। इसके अलावा परिवार कांग्रेस का ब्राह्मण चेहरा भी रहा है।

सूत्रों के मुताबिक ललितेश पति यूपीसीसी अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के अपमानजनक व्यवहार से नाराज थे, जिन्होंने उन्हें उचित सम्मान नहीं दिया।

ललितेश तीसरे वरिष्ठ और महत्वपूर्ण कांग्रेसी नेता हैं जिन्होंने हाल के महीनों में राज्य नेतृत्व की कथित मनमानी के कारण पार्टी छोड़ दी है।

इससे पहले पूर्व सांसद अन्नू टंडन और फिर जितिन प्रसाद ने कांग्रेस छोड़ दी थी।

अन्नू टंडन जहां समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं, वहीं जितिन प्रसाद भाजपा में शामिल हो गए हैं।

मायावती बोलीं, भाजपा के विकास के दावे खोखले

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लखनऊ, 23 सितम्बर 2021

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को भाजपा सरकार पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा के विकास के दावों के खोखले होने का पदार्फाश हो गया है। मायावती ने गुरुवार को ट्वीट के माध्यम से लिखा कि यूपी के लोगों की प्रति व्यक्ति आय सही से नहीं बढ़ने अर्थात यहां के करोड़ों लोगों के गरीब व पिछड़े बने रहने सम्बंधी रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़े इस आमधारणा को प्रमाणित करते हैं कि भाजपा के विकास के दावे हवाहवाई व जुमलेबाजी हैं। यहां इनकी ‘डबल इंजन’ की सरकार में ही ऐसा क्यों।

उन्होंने कहा कि यूपी चुनाव से पहले यहां भाजपा के विकास के दावों के खोखले होने का पदार्फाश होने से अब यह पार्टी धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ व हिन्दू-मुस्लिम विवाद आदि के पुराने संकीर्ण मुद्दे पर वापस आ गई है, लेकिन लोग फिर से इनके छलावे में आने वाले नहीं हैं, जो उनके मूड से भी स्पष्ट है।

इससे पहले मायावती ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा ‘बदलाव के 4.5 वर्ष’ का विज्ञापन व दावे अधिकांश हवा-हवाई व जमीनी हकीकत से बहुत दूर हैं। इनकी कथनी व करनी में अन्तर होने के कारण खासकर यहां की बढ़ती गरीबी, बेरोजगारी व महंगाई आदि से जनता की बदहाली जग-जाहिर है।

महंत की मौत की जांच के लिए प्रयागराज पहुंची सीबीआई टीम

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प्रयागराज, 23 सितम्बर 2021

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रमुख महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत की जांच के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) की पांच सदस्यीय टीम प्रयागराज पहुंच गई है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने बुधवार देर रात महंत की मौत की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की सिफारिश की थी।

महंत नरेंद्र गिरि ने कथित तौर पर प्रयागराज के बाघंबरी मठ में आत्महत्या करके अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली और अपने पीछे एक 7-पृष्ठ का सुसाइड नोट छोड़ दिया, जो एक तरह की वसीयत भी है।

राज्य सरकार ने उन परिस्थितियों की जांच के लिए मंगलवार को 18 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का भी गठन किया था, जिसके कारण संत की मौत हुई थी।

एसआईटी सूत्रों के मुताबिक, नरेंद्र गिरि के फोन की कॉल डिटेल की जांच में अब पता चला है कि महंत नरेंद्र गिरि ने हरिद्वार के कुछ प्रॉपर्टी डीलरों को कई कॉल किए और प्राप्त किए। कथित तौर पर बाघंबरी मठ की हरिद्वार में काफी संपत्ति है।

सूत्रों ने बताया कि एसआईटी ने प्रॉपर्टी डीलरों समेत 18 लोगों को पूछताछ के लिए तलब किया है।

इस बीच, महंत की मौत के तुरंत बाद ली गई एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। वीडियो क्लिप उनके निधन की परिस्थितियों को और उलझा देती है।

वीडियो में, महंत द्वारा कथित तौर पर अपनी जीवन लीला समाप्त करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पीली नायलॉन की रस्सी को तीन भागों में कटा हुआ देखा जा सकता है।

रस्सी का एक भाग महंत के पास पड़ा पाया गया, दूसरा भाग पंखे पर लटका हुआ तथा तीसरा भाग मेज पर पड़ा हुआ देखा गया।

दिलचस्प बात यह है कि जब पुलिस अधिकारी कमरे में प्रवेश करते हैं तो पंखा पूरी गति से चलता हुआ दिखाई देता है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को आश्रम के लोगों से पूछते हुए सुना जा सकता है कि किसने पंखा चालू किया – वही पंखा जिस पर महंत ने कथित तौर पर फांसी लगाई थी।

रस्सी काटकर महंत के शव को नीचे लाने वाले सर्वेश ने कहा, पता नहीं, पंखा किसने चला दिया। शायद यह गलती से चालू हो गया।

महंत नरेंद्र गिरि की सुरक्षा में तैनात दर्जन भर पुलिस कर्मी भी जांच के घेरे में रहेंगे।

महंत को वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी, लेकिन जिस समय उन्होंने कथित तौर पर अपना जीवन समाप्त किया, उस समय कोई भी पुलिस कर्मी मौजूद नहीं था। पुलिस को सूचना देने से पहले ही जब रस्सी काटी गई और महंत के शव को नीचे उतारा गया तो सुरक्षाकर्मी भी मौजूद नहीं थे।

इन कर्मियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस के आला अधिकारियों ने विभागीय जांच भी शुरू कर दी है।

गिरि को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए आनंद गिरि पहले ही आरोप लगा चुके हैं कि महंत की मौत के लिए अजय सिंह और अभिषेक मिश्रा सहित उनके सुरक्षाकर्मी जिम्मेदार हैं। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षाकर्मियों के पास ऐसी संपत्ति है, जो उनकी आय से अधिक है और इसकी जांच की जानी चाहिए।

पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने पुष्टि की कि नरेंद्र गिरि की सुरक्षा में शामिल नौ से 10 पुलिस कर्मियों को पूछताछ का सामना करना पड़ रहा है।

 

जौली ग्रांट एयरपोर्ट टर्मिनल उद्घाटन के लिए आएंगे सिंधिया, उत्तराखंड को उड़ानों और हेलीकॉप्टर यात्रा की सौगात

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देहरादून, 22 सितम्बर 2021

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये केंद्रीय एविएशन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मंगलवार को बातचीत की. इस मीटिंग में दोनों नेताओं ने कई अहम प्रोजेक्ट को लेकर बात की. इस बातचीत के दौरान यह तय हुआ कि सिंधिया 7 अक्टूबर को मुख्यमंत्री धामी के साथ देहरादून के जौलीग्रांट में बने नये टर्मिनल का लोकार्पण करेंगे. हेली समिट के दौरान देहरादून-पंतनगर-पिथौरागढ़-पंतनगर-देहरादून हवाई सेवा का फ्लैग ऑफ भी किया जाएगा. यह सेवा पवनहंस द्वारा दी जाएगी तो देहरादून-पिथौरागढ़ हेली सेवा को भी जल्द मंज़ूरी दिए जाने की बात कही गई.

सिंधिया ने कहा कि उत्तराखंड में उड़ानों के तहत देहरादून-श्रीनगर-देहरादून, देहरादून-गौचर-देहरादून, हल्द्वानी-हरिद्वार-हल्द्वानी, पंतनगर-पिथौरागढ़-पंतनगर, चिन्यालीसौड़-सहस्त्रधारा-चिन्यालीयौड़, गौचर-सहस्त्रधारा-गौचर, हल्द्वानी-धारचूला-हल्द्वानी तथा गौचर-सहस्त्रधारा-गौचर हेली सेवाओं को स्वीकृति प्रदान की गई. उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के लिए जो 13 हेलीपोर्ट चिह्नित किए गए हैं, उनमें से 11 की डीपीआर तैयार हो चुकी है. मसूरी हेलीपोर्ट की डीपीआर भी जल्द तैयार होगी.

सिंधिया ने कहा, वैट घटाया जाए
जौलीग्रांट एयरपोर्ट से शहरों की कनेक्टिविटी और बढ़ाई जाएगी, वहीं पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की कार्यवाही में और तेजी लाए जाने की बात भी हुई. सिंधिया ने सुझाव दिया कि उत्तराखंड में वैट के चार्जेज़ एटीएफ पर अधिक हैं, इन्हें कम किया जाए तो राज्य में एयर कनेक्टिविटी और तेज़ी से बढ़ेगी. राजस्व में भी वृद्धि होगी. सीएम धामी ने इन सौगातों के लिए सिंधिया का आभार माना.

सीएम ने हेली सेवा को बताया मील का पत्थर
सीएम धामी ने देहरादून-पिथौरागढ़ हेली सेवा की स्वीकृति पर कहा कि यह सेवा सीमान्त क्षेत्र पिथौरागढ़ के विकास के लिए यह मील का पत्थर साबित होगी. इस हेली सेवा की मांग मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार से पहले भी की थी. धामी ने बताया कि राज्य में चिह्नित 13 हेलीपोर्ट में से 8 के लिए टेंडर प्रक्रिया गतिमान है, जो 20 अक्टूबर तक पूरी हो जाएगी.