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नई दिल्ली, 13जनवरी 2021

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल जम्मू और कश्मीर में तैनात सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाने के लिए कश्मीरी युवकों को उकसाने में कर रही है.

जोएंट इंटेलीजेंस मल्टी सेंटर ने 100 से ज्यादा ऐसे साइबर प्लेटफॉर्म्स का पता लगाया है जो भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल जम्मू और कश्मीर में तैनात सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाने के लिए कश्मीरी युवकों को उकसाने में कर रही है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकतर ऐसे सोशल मीडिया हैंडल पाकिस्तान से ऑपरेट किए जा हैं और इनका जुड़ाव पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से है. पीओके और कुछ अन्य देशों से भी इस खुराफात को अंजाम दिया जा रहा है. इस काम के लिए आईएसआई ने आईटी प्रोफेशनल्स को तैनात कर रखा है. पाकिस्तान में फर्जी प्रोफाइल्स बनाकर उनका इस्तेमाल प्रोपेगेंडा वॉर और कश्मीरी युवकों को कट्टरपंथ की ओर उकसाने के लिए किया जा रहा है.

भारतीय खुफिया एजेंसियों और काउंटर टेरर एन्ड काउंटर रेडिकलाईजेशन (CTCR) डिपार्टमेंट ने गृह मंत्रालय को यह जानकारी दी है. सोशल मीडिया पर अलग-अलग नाम से बने अकाउंट्स के जरिए आतंकी कश्मीर में मौजूद आतंकियों को हमले का निर्देश दे रहे हैं. ये अकाउंट्स टेलीग्राम, फेसबुक और ट्विटर पर सक्रिय है.

सोशल मीडिया पर एक ऐसे ही अकाउंट के जरिये हाल में सुरक्षा एजेंसियों के कैम्प और पुलिस स्टेशन पर ग्रेनेड हमले के साथ साथ लोन वोल्फ अटैक करने के लगातर निर्देश दिए गए.

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान से आने वाली हवाला फंडिंग पर जिस तरह रोक लगाई है और सीमा पार से आए दिन होने वाली घुसपैठ की घटनाओं को काफी कम कर दिया है, उससे आतंकी संगठनों और पाकिस्तान में बैठे उनके आकाओं में बौखलाहट है. उन्हें ये डर सता रहा है कि फ़ोन या सैटेलाइट का इस्तेमाल  सुरक्षित नहीं है. ऐसे में अलग अलग नाम से सोशल मीडिया पर एकाउंट बनाये गए हैं, लेकिन भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की उनकी हर गतिविधि पर पैनी नजर है.

आईएसआई भारत में गड़बड़ी फैलाने के इरादे से ‘लोन वुल्फ अटैक’  पर भी जोर दे रही है यानी युवाओं आत्मघाती हमलों के लिए भड़काना.

पिछले तीन महीने में 100 से अधिक ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स का पता लगाया गया है जहां भारत विरोधी कंटेंट वाले वीडियो पोस्ट किए जाते हैं. साथ ही युवाओं को भड़काने वाले मैसेज दिए जाते हैं.