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कभी मुलायम सिंह के सिक्योरिटी में थे , आज हैं अखिलेश के प्रतिद्वंदी, पढ़िए करहल से बीजेपी उम्मीदवार का पुलिस से सांसद तक का सफर

कभी मुलायम सिंह के सिक्योरिटी में थे , आज हैं अखिलेश के प्रतिद्वंदी, पढ़िए करहल से बीजेपी उम्मीदवार का पुलिस से सांसद तक का सफर

नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए रविवार (20 फरवरी) को यूपी के 16 जिलों की 59 सीटों पर मतदान हो रहा है और इसमें मैनपुरी भी शामिल है। मैनपुरी जिले की करहल विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी चुनाव लड़ रहे हैं। करहल विधानसभा सीट पर चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है क्योंकि बीजेपी ने केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल को उम्मीदवार बनाया है।

एसपी बघेल कभी मुलायम की सिक्योरिटी में थे: एसपी सिंह बघेल पुलिस में सब इंस्पेक्टर थे और जब मुलायम सिंह यादव 1989 में पहली बार मुख्यमंत्री बने तब उन्हें मुलायम सिंह यादव की सिक्योरिटी में लगा दिया गया। धीरे-धीर एसपी सिंह बघेल मुलायम सिंह यादव के खास बनते चले गए। फिर बाद में जब 1991 में कल्याण सिंह राज्य के मुख्यमंत्री बने, एसपी सिंह बघेल को कल्याण सिंह की सिक्योरिटी में लगाया गया। लेकिन 1993 में एसपी सिंह बघेल ने पुलिस की नौकरी से इस्तीफा देकर समाजवादी पार्टी जॉइन कर ली।

आगरा के कॉलेज में प्रोफेसर की नौकरी की: बघेल ने समाजवादी पार्टी ज्वाइन की। मुलायम सिंह यादव ने उनके फैसले से खुश होकर उन्हें समाजवादी यूथ ब्रिगेड का प्रेसिडेंट बना दिया। हालांकि इसके बाद बघेल ने मिलिट्री साइंस में पीएचडी की और आगरा के ही कॉलेज में प्रोफेसर की नौकरी करने लगे।

पांच बार बने सांसद: 1996 में लोकसभा चुनाव होने वाले थे और एसपी सिंह बघेल ने मुलायम सिंह यादव से इटावा की जलेसर सीट से टिकट मांगा। मुलायम ने टिकट के लिए मना किया तो एसपी सिंह बघेल मायावती के पास पहुंच गए और वहां से टिकट लेकर चुनाव लड़ा। हालांकि बघेल चुनाव हार गए। उसके बाद एसपी सिंह बघेल ने 1998 के लोकसभा चुनाव में फिर से मुलायम सिंह यादव से टिकट मांगा और मुलायम सिंह यादव ने इस बार इटावा की जालेसर सीट से उन्हें टिकट दे दिया और एसपी सिंह बघेल चुनाव जीतकर संसद पहुंच गए। 1999 और 2004 के लोकसभा चुनाव में भी मुलायम सिंह ने एसपी सिंह बघेल को जालेसर सीट से टिकट दिया और वह जीतकर संसद पहुंचे।

बीएसपी से चौथी बार बने सांसद: साल 2010 में एसपी सिंह बघेल को मुलायम सिंह यादव ने पार्टी से निष्कासित कर दिया जिसके बाद एसपी सिंह बघेल फिर से एक बार मायावती के पास पहुंचे और मायावती ने तीन बार के सांसद बघेल को राज्यसभा भेज दिया। बघेल ने 2014 का लोकसभा चुनाव भी लड़ा लेकिन चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। जिसके बाद 2015 में उन्होंने बीजेपी ज्वाइन कर ली। बीजेपी ज्वाइन करने के बाद बघेल को 2017 विधानसभा चुनाव में फिरोजाबाद की टूंडला विधानसभा सीट से पार्टी ने उम्मीदवार बनाया और बघेल चुनाव जीतकर योगी सरकार में मंत्री बन गए।

2019 के लोकसभा चुनाव में जब समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का गठबंधन था उस समय बीजेपी ने एसपी सिंह बघेल को आगरा से उम्मीदवार बनाया और एसपी सिंह बघेल पांचवी बार सांसद बन गए। 2021 के मंत्रिमंडल विस्तार में एसपी सिंह बघेल मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री बनाए गए।

2022 के विधानसभा चुनाव में एसपी सिंह बघेल को बीजेपी ने एक बार फिर करहल विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है। करहल में एसपी सिंह बघेल का मुकाबला समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से है।

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