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लखनऊ, 28 सितम्बर 2021

उत्तर प्रदेश में सामूहिक धर्मातांतरण कराने वाले गैंग से राज्य के वरिष्ठ आइएएस अधिकारी मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन के जुड़ाव से जुड़े मामले को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पूरे मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। इस मामले में जांच के लिए गृह विभाग ने एसआइटी गठित की है। एसआईटी अपनी रिपोर्ट सात दिन में शासन को प्रेषित करेगा। गृह एवं गोपन विभाग ने ट्वीट के माध्यम कानपुर के आईएएस इफ्तखारुद्दीन के मामले में शासन द्वारा एसआईटी से जांच के आदेश दिए गए हैं। एसआईटी के अध्यक्ष डीजी सीबीसीआईडी जीएल मीणा होंगे एवं सदस्य एडीजी जोन भानु भास्कर होंगे। एसआईटी अपनी रिपोर्ट सात दिन में शासन को प्रेषित करेगा। इस प्रकरण पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी बेहद नाराजगी जताई थी।

कानपुर में वरिष्ठ आइएएस अधिकारी मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन की तैनाती के दौरान मंडलायुक्त के सरकारी आवास पर मतातरंण से जुड़ी तकरीरों के कई वीडियो मीडिया पर वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआइटी का गठन किया गया है।

कानपुर के इस प्रकरण को यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी बेहद गंभीरता से लिया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “कानपुर तथा उन्नाव दौरे के समय मुझे कुछ लोगों ने इस प्रकरण के बारे में जानकारी दी। अभी मैं इसके बारे में और पता कर रहा हूं। यह गंभीर प्रकरण है। हम इसकी तह में जाएंगे और गंभीरता से मामले की जांच कराएंगे। अगर इसमें आइएएस अफसर से जुड़ा कुछ भी सामने आता है तो हम कार्रवाई जरूर कराएंगे।”

कानपुर के पुलिस कमिश्नर, असीम अरुण ने कहा कि “वरिष्ठ आइएएस इफ्तिखारुद्दीन से जुड़े कई वायरल वीडियो संज्ञान में आए हैं। जांच कराई जा रही है।”

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अध्यक्ष पद पर लखनऊ में तैनात मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन लम्बे समय तक कानपुर में रहे। कानपुर में मंडलायुक्त के साथ ही वह श्रम आयुक्त भी रहे। इस दौरान उनके सरकारी आवास पर मतांतरण की काफी तकरीरें होने का प्रकरण सामने आ रहा है। मतांतरण को लेकर वरिष्ठ आइएएस अफसर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन से जुड़े कई वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हैं। इन वीडियो में उनकी मौजूदगी में मतांतरण गैंग के लोग इस्लाम के फायदे बताते दिख रहे हैं। इसी में कई समर्थक मतांतरण की बातें कर रहे हैं।

मोम्मद इफ्तिखारुद्दीन 17 फरवरी 2014 से 22 अप्रैल 2017 तक कानपुर के मंडलायुक्त रहे। वह श्रमायुक्त का पदभार संभाल चुके हैं। उनसे जुड़े जो आधा दर्जन वीडियो वायरल हो रहे हैं। वह उस समय तो कानपुर के मंडलायुक्त थे।