Online bahis kullanıcılarının %54’ü haftada en az bir kez canlı bahis oynamaktadır; bu oran bahsegel giriş platformunda %63’tür.

Engellemelerden etkilenmemek için bettilt sık sık kontrol ediliyor.

Bahsegel güncel giriş bahsegel bettilt

OECD raporları, kullanıcıların %52’sinin “kayıp limiti” belirleyen platformları tercih ettiğini göstermektedir; paribahis bu özelliği destekler.

bahsegel giriş bettilt bahsegel bahsegel giriş bahsegel bahsegel giriş bahsegel

नुपुर शर्मा को गिरफ्तारी से राहत, नए एफआईआर पर भी रोक, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई की 5 बड़ी बातें

नुपुर शर्मा को गिरफ्तारी से राहत, नए एफआईआर पर भी रोक, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई की 5 बड़ी बातें

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा (Nupur Sharma) को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सुनवाई करते हुए नुपुर शर्मा की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि नूपुर शर्मा को पैगंबर मुहम्मद पर उनकी टिप्पणियों को लेकर उनके खिलाफ नौ मामलों में गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। अदालत ने विभिन्न राज्यों से उनके खिलाफ कई प्राथमिकियों को एक में मिलाने के उनके अनुरोध पर राय मांगा है। सुप्रीम कोर्ट 10 अगस्त को नूपुर शर्मा के अनुरोध पर विचार करेगा और तब तक कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जा सकता है।

इन राज्यों से मांगा जवाब

नुपुर शर्मा पर कई राज्यों में पैगंबर मोहम्मद पर अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर केस दर्ज हुआ है। नुपुर शर्मा (Nupur Sharma) ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई है कि सभी राज्यों के केस एक जगह ट्रांसफर कर दिए जाएं। दिल्ली, महाराष्ट्र, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और असम ऐसे राज्य हैं जिन्हें उनके मामले में जवाब देने के लिए कहा गया है।

कोर्ट के आदेश के बाद उनकी जान को खतरा

नूपुर शर्मा के वकील मनिंदर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 1 जुलाई को कोर्ट के सख्त आदेश के बाद से उन्हें अपनी जान को खतरा हो रहा है। कोर्ट में वकील ने कहा कि उनकी सुरक्षा के लिए लगातार खतरा बढ़ रहा है। पिछली बार सुप्रीम कोर्ट में जो कुछ भी हुआ वह हो सकता है। लेकिन अब एक वास्तविक खतरा है। बंगाल में भी उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। वकील ने कहा कि 1 जुलाई के आदेश के बाद अजमेर दरगाह के एक कर्मचारी ने वीडियो पर उसका गला काटने की धमकी दी और यूपी के एक अन्य निवासी ने उसे गाली दी और उसे सिर काटने की धमकी दी।

वकील ने कहा कि बंगाल में और एफआईआर दर्ज की गई हैं। कोलकाता पुलिस ने उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया है, जिसके कारण वह अपनी तत्काल गिरफ्तारी और विभिन्न उच्च न्यायालयों में एफआईआर को रद्द करने की मांग करने के अवसर से इनकार करती है। सिंह ने तर्क दिया कि एक ही अपराध के लिए कई प्राथमिकी कैसे नहीं हो सकती हैं, इस पर पहले से ही कानून हैं।”

सुनवाई के दौरान क्या कहा न्यायालय ने?

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि 1 जुलाई को हमने याचिकाकर्ता को अन्य कानूनी उपायों की मांग करने की स्वतंत्रता दी थी। लेकिन अब वह बताती है कि उसके लिए अन्य कानूनी उपायों की तलाश करना असंभव हो गया है। और उसके जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा करने की तत्काल आवश्यकता है।

क्या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने पहले?

1 जुलाई की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नूपुर शर्मा को अपनी टिप्पणियों से तनाव पैदा करने के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। न्यायाधीशों ने कहा था कि जिस तरह से उसने पूरे देश में भावनाओं को प्रज्वलित किया है। देश में जो हो रहा है उसके लिए यह महिला अकेले जिम्मेदार है। वह वास्तव में एक ढीली जुबान है और उसने टीवी पर सभी प्रकार के गैर-जिम्मेदाराना बयान दिए हैं और पूरे देश को आग लगा दी है। फिर भी, वह 10 साल की वकील होने का दावा करती है … उसे तुरंत अपनी टिप्पणियों के लिए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Popular

More like this
Related

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: उत्तर प्रदेश बनेगा ‘ग्लोबल मैनपावर हब’

सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास...

प्रेमानंद महाराज के आश्रम पर सवाल: एक बेटे की मौत, दूसरा कहां है?

Premanand Maharaj Ashram Controversy: वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के...

ममता बनर्जी ने भी किया CJP का समर्थन, अभिजीत दिपके के साथ कौन-कौन से दल?

CJP Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे...