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नई दिल्ली, 3जनवरी, 2021

राज्यपाल बदनोर की ओर से समन भेजे जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, ‘मोबाइल टावरों की मरम्मत की जा सकती है, लेकिन दिल्ली बॉर्डर पर मरने वाले किसानों को वापस नहीं लाया जा सकता है.’

पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनोर ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को तलब किया है. इस पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पंजाब में कानून और व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्यपाल, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के ‘झूठे प्रोपेगैंडा’ में फंस गए.

असल में, राज्यपाल वीपी सिंह बदनोर ने बुधवार को राज्य के दोनों शीर्ष अधिकारियों को तलब किया था और उनसे पंजाब में चल रहे किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान 1,600 से अधिक मोबाइल टावरों को हुए नुकसान की रिपोर्ट देने को कहा था.

राज्यपाल के इस कदम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, ‘मोबाइल टावरों की मरम्मत की जा सकती है, लेकिन दिल्ली बॉर्डर पर मरने वाले किसानों को वापस नहीं लाया जा सकता है.’

बीजेपी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवा पार्टी “पंजाब में कानून व्यवस्था पर झूठा प्रोपेगैंडा” कर रही है और यह उसकी एक “पाखंडी रणनीति” है.

मुझसे रिपोर्ट नहीं मांगीः अमरिंदर सिंह

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर कहा, ‘दुर्भाग्यपूर्ण है कि वीपी सिंह बदनोर ‘झूठे प्रोपेगैंडा’ में फंस गए और मुझसे प्रत्यक्ष रिपोर्ट मांगने के बजाए मेरे अधिकारियों को तलब किया.’

राज्यपाल ने पंजाब सरकार से इस तरह के कृत्यों को रोकने और संचार के लिए बुनियादी ढांचों की सुरक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई करने को कहा था.

राजभवन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि राज्यपाल ने मुख्य सचिव और डीजीपी को इन मामलों पर रिपोर्ट मांगने और इस पर अपनी ‘गंभीर चिंताओं’ से अवगत कराने का फैसला किया है.

इस बीच, किसान आंदोलन की वजह से राज्य में 1,600 से ज्यादा जियो टावर में तोड़फोड़ की गई. रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने पिछले महीने के अंत में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और डीजीपी को चिट्ठी लिखकर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा पंजाब में जियो नेटवर्क साइटों पर तोड़फोड़ की घटनाओं में उनके हस्तक्षेप की मांग की थी.