नई दिल्ली, 3जनवरी, 2021

कोरोना वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) को लेकर भारत का इंतजार अब खत्म हो गया है. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीनों के आपात इस्तेमाल को अंतिम मंजूरी दे दी है. डीसीजीआई ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया वी.जी. सोमानी ने कहा कि दोनों कंपनियों ने ट्रायल रन के आंकड़े जमा कर दिए हैं और दोनों को “सीमित उपयोग” के लिए मंजूरी दी जाती है.

सोमानी ने कहा, “यदि सुरक्षा से जुड़ी थोड़ी सी भी शंका होती तो हम कभी किसी भी चीज को अनुमति नहीं देंगे. दोनों वैक्सीन 100 प्रतिशत सुरक्षित है.”

भारत बायोटेक की वैक्सीन Covaxin को ‘ क्लिनिकल ट्रायल मोड ‘ में इमरजेंसी हालात में बहुत सावधानी के साथ इस्तेमाल की मंजूरी मिली है. इसका मतलब ये वैक्सीन लगाते वक्त वही सारे प्रोटोकॉल फॉलो होंगे जो क्लीनिकल ट्रायल करते वक्त होते हैं. इसमे ‘वैक्सीन देने के पैमाने और ना देने के पैमाने’ तय हैं. उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्ति को कोरोना हो चुका है तो उसको यह वैक्सीन नहीं दी जा सकती है.

कोविड-19 वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को बधाई देते हुए कहा कि सीरम इंस्टीटयूट और भारत बायोटेक की वैक्सीन को DCGI की मंजूरी मिलने के बाद कोरोना मुक्त राष्ट्र होने का रास्ता साफ हो गया है.

इससे पहले, वैक्सीन की सिफारिश के लिए बनाई गई सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने शनिवार को भारत बायोटेक के कोविड टीके कोवैक्सीन (Covaxin) को कुछ शर्तों के साथ आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी देने की सिफारिश की थी. सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की वैक्सीन कोविशील्ड (COVISHIELD) को एक्सपर्ट कमेटी ने शुक्रवार को हरी झंडी दे दी थी. कमेटी ने एक और दो जनवरी को बैठक की और भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) को मंजूरी पर विचार करने और इस पर अंतिम निर्णय के लिए सिफारिशें भेजी थीं.

कोवैक्सीन (Covaxin) को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के साथ मिलकर भारत बायोटेक द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है. पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन COVISHIELD के उत्पादन के लिए एस्ट्रेजेनेका के साथ करार किया है. SII दुनिया की सबसे बड़ी टीका निर्माता कंपनी है.