Online bahis kullanıcılarının %54’ü haftada en az bir kez canlı bahis oynamaktadır; bu oran bahsegel giriş platformunda %63’tür.

Engellemelerden etkilenmemek için bettilt sık sık kontrol ediliyor.

Bahsegel güncel giriş bahsegel bettilt

OECD raporları, kullanıcıların %52’sinin “kayıp limiti” belirleyen platformları tercih ettiğini göstermektedir; paribahis bu özelliği destekler.

bahsegel giriş bettilt bahsegel bahsegel giriş bahsegel bahsegel giriş bahsegel bettiltguncel.com bettilturk-turk.click bettilt bettilt bahsegel bahsegel bettilt bahsegel giriş

देहरादून, 19 अगस्त 2021

उत्तराखंड (Uttarakhand) में साढ़े चार किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड टू लेन मोटर टनल (Uttarakhand underground two lane motor tunnel) का काम चल रहा है. अगस्त 2023 तक ये टनल बनकर तैयार हो जाएगी. ये टनल उत्तराखंड की सबसे बड़ी मोटर टनल होगी. चाइना बॉर्डर (China Border) से लगे सीमांत उत्तरकाशी में यमुनोत्री नेशनल हाइवे पर सिलक्यारा और बड़कोट के बीच उत्तराखंड की सबसे लंबी और देश की सबसे बड़ी ब्यास (डायामीटर) वाली डबल लेन मोटर सुरंग का निर्माण युद्धस्तर पर चल रहा है. 4531 मीटर लंबी इस अत्याधुनिक सुरंग के निर्माण से गंगोत्री (Gangotri) और यमुनोत्रीधाम (Yamunotridham) के बीच की दूरी 26 किमी कम हो जाएगी. इससे यमनोत्री से गंगोत्री जाने में 45 मिनट की बचत होगी.

नेशनल हाईवे एन्ड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, एनएचआइडीसीएल (NHIDCL) के एक्सक्यूटिव डायरेक्टर कर्नल सन्दीप सुधेरा कहते हैं कि न्यू आस्टियन टनलिंग मेथड (एनएटीएम) से बनाई जा रही ये डबल लेन सुरंग अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी. इसका डिजाइन ऑस्ट्रिया में हो रहा है. इसका निर्माण अगस्त 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा. ये सुरंग देशभर में अब तक बनाई गई सभी सुरंगों में से सबसे अधिक डायमीटर वाली होगी. इसका डायमीटर 15.095 मीटर है, जबकि इसी मैथड से रोहतांग में बनाई गई अटल सुरंग भी इससे कम डायमीटर 13 मीटर की है.  सुरंग में आने-जाने के लिए अलग-अलग लेन होगी, जिनके बीच में 400 एमएम मोटी डिवाडर वाल होगी.  इससे दुर्घटना का खतरा नहीं होगा.

चारधाम यात्रा के मुख्य पड़ाव धरासू, जो गंगोत्री हाईवे पर एक छोटा सा मार्केट है, यहां से यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग शुरू होता है. धरासू से यमुनोत्री के अंतिम सड़क पड़ाव जानकीचट्टी की दूरी 106 किमी है. सर्दियों में बर्फबारी के कारण करीब सात हजार फीट की ऊंचाई वाले राड़ी टाप क्षेत्र में भारी बर्फबारी के कारण  यमुनोत्री राजमार्ग बाधित हो जाता है जिससे यमुना घाटी की एक बड़ी आबादी का जिला मुख्यालय उत्तरकाशी से संपर्क कट जाता है. इसके अलावा सिंगल लेन सड़क और घुमावदार मोड़ों के कारण यहां यात्रा सीजन में जाम और दुर्घटनाएं आम बात थी. चारधाम रोड परियोजना के तहत इस हिस्से में डबल लेन सुरंग बनाने की योजना बनी. इससे चौड़ीकरण होने पर बड़ी मात्रा में होने वाला पेड़ों का कटान भी बच गया. राड़ी टॉप के इस हिस्से में रोडोडेंड्रॉन का डेन्स फ़ॉरेस्ट है. यदि सड़क चौड़ीकरण का काम होता, तो हजारों पेडो की बलि देनी पड़ती. ये पर्यावरण के लिहाज से एक बड़ा नुकसान हेाता.

2019 में शुरू हुआ था टनल का निर्माण
इस टनल का निर्माण कार्य 17 जनवरी 2019 को शुरू हुआ.  एनएचआइडीसीएल के एक्सक्यूटिव डायरेक्टर कर्नल संदीप सुधेरा का कहना है कि करीब 54 फीसदी काम पूरा हो चुका है. अगस्त 2023 तक इसका निर्माण कार्य कम्प्लीट हो जाएगा. लूज रॉक होने के कारण सुरंग में काम करना बेहद कठिन हो रहा है. अभी तक काम के दौरान करीब 18 बार कई स्थानों पर निर्माण के दौरान सुरंग कॉलेप्स भी हुई, लेकिन, एक्सपर्ट इंजीनियरों की मदद से समय रहते इसे भांप लिया गया. काम लगातार जारी है.  सुरंग में अभी तक कोई दुर्घटना घटित नहीं हुई. अत्याधुनिक इस सुरंग में सबकुछ स्वचालित होगा. यमनोत्री और गंगोत्रीधाम यात्रा के लिहाज से इस सुरंग को वरदान माना जा रहा है.

 

सुरंग की कुछ विशेषताएं

1-एकीकृत सुरंग नियंत्रण प्रणाली (स्काडा)

2- वायु गुणवत्ता और वेग की निगरानी

3- क्लोज्ड-सर्किट टीवी

4-फायर डिटेक्शन सिस्टम (एलएचएस)

5-पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम

6-आपातकालीन कॉल सिस्टम (एसओएस)

7-आग की घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए उच्च दबाव जल धुंध प्रणाली

8-सुरंग के अंदर सुरक्षित ड्राइविंग की सुविधा के लिए स्वचालित प्रकाश नियंत्रण प्रणाली