Online bahis kullanıcılarının %54’ü haftada en az bir kez canlı bahis oynamaktadır; bu oran bahsegel giriş platformunda %63’tür.

Engellemelerden etkilenmemek için bettilt sık sık kontrol ediliyor.

Bahsegel güncel giriş bahsegel bettilt

OECD raporları, kullanıcıların %52’sinin “kayıp limiti” belirleyen platformları tercih ettiğini göstermektedir; paribahis bu özelliği destekler.

bahsegel giriş bettilt bahsegel bahsegel giriş bahsegel bahsegel giriş bahsegel bettiltguncel.com bettilturk-turk.click bettilt bettilt bahsegel bahsegel bettilt bahsegel giriş

Gharauni Certificate: सीएम योगी कल 10 लाख ग्रामीणों को सौपेंगे घरौनी, आवास पर मालिकाना हक दिलाएगा ये प्रमाण पत्र

Gharauni Certificate: सीएम योगी कल 10 लाख ग्रामीणों को सौपेंगे घरौनी, आवास पर मालिकाना हक दिलाएगा ये प्रमाण पत्र

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदत्यिनाथ शनिवार को राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्‍व योजना के तहत 10 लाख से अधिक ग्रामीणों को डिजिटल माध्यम से उनके आवास का मालिकाना हक दिलाने वाला दस्तावेज (ग्रामीण आवासीय अभिलेख यानी घरौनी प्रमाण पत्र) सौंपेंगे।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया गया कि इस चरण में योगी कल एक कार्यक्रम में 10,81,062 ग्रामीणों को घरौनी सौंपेगे। इस योजना का लाभ पाने वाले ग्रामीणों को घरौनी प्रमाण पत्र मिलने से काफी राहत मिलेगी। इससे उनके लिए बैंक से लोन प्राप्त करना आसान हो जाएगा। अन्य आवश्यक सेवाओं को प्राप्त करने में भी घरौनी के दस्तावेज उनके काम आ सकेंगे।

गौरतलब है कि राज्य सरकार स्वामत्वि योजना के तहत सभी 75 जनपदों में घरौनियां तैयार किए जाने का कार्य बड़ी तेजी से कर रही है। सरकार ने अभिलेखों को तैयार करने के लिए 1,10313 ग्रामों को चन्हिति किया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 24 अप्रैल, 2020 से शुरू की गई स्वामत्वि योजना का लाभ उप्र सरकार द्वारा राज्य की ग्रामीण जनता को भी दिलाने के लिये इस योजना के तहत 20 जून तक प्रदेश के कुल 68641 गांवों में ड्रोन सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। इनमें से 23287 ग्रामों में कुल 3,42,8305 घरौनियां तैयार हो चुकी हैं। योजना के तहत ग्रामीण आवासीय अभिलेखों का नर्मिाण हो जाने पर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सम्पत्ति संबंधी विवाद काफी कम हो जाएंगे।

सरकार का दावा है कि स्वामत्वि का अभिलेख बन जाने पर न्यायालय में चल रहे विवादों का निस्‍तारण जल्द होगा। आबादी क्षेत्र का प्रारंभिक डाटा मिलने पर सरकार विकास की योजनाओं को आसानी से संचालित करा सकेगी। इन अभिलेखों के तैयार हो जाने पर ग्रामीण क्षेत्रों में वत्तिीय तरलता एवं वत्तिीय सुदृढ़ता के साथ ही विकास की प्रक्रिया को भी गति मिलेगी।

गौरतलब है कि राज्य सरकार स्वामत्वि योजना के तहत प्रदेश में 23 दिसम्बर 2021 तक 5 चरणों में कुल 15940 गांवों में 23,47,243 घरौनियों का वितरण कर चुकी है। सरकार ने पहले चरण में 11 अक्टूबर 2020 को 346 ग्रामों में 41731, दूसरे चरण में 25 दिसम्बर 2020 को 229 ग्रामों में 10041, तीसरे चरण में 12 फरवरी 2021 को 1001 ग्रामों में 157224, चतुर्थ चरण में 24 अप्रैल 2021 को 427 ग्रामों में 53424 और पांचवें चरण में 23 दिसम्बर 2021 को 13937 ग्रामों में 2084823 घरौनियों का वितरण किया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Popular

More like this
Related

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: उत्तर प्रदेश बनेगा ‘ग्लोबल मैनपावर हब’

सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास...

प्रेमानंद महाराज के आश्रम पर सवाल: एक बेटे की मौत, दूसरा कहां है?

Premanand Maharaj Ashram Controversy: वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के...

ममता बनर्जी ने भी किया CJP का समर्थन, अभिजीत दिपके के साथ कौन-कौन से दल?

CJP Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे...