ये तो जुमलेबाजी बजट है.. बजट पर विपक्षियों का रिएक्शन, राहुल गाँधी बोले- गोली के घावों के लिए ये महज बैंड एड

नई दिल्ली, केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट 2025-26 को लेकर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर जमकर हमला बोला।

बजट से क्यों नाराज हैं- केजरीवाल 
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि सरकार का बजट आम जनता के बजाय अमीर अरबपतियों के कर्ज माफ करने पर केंद्रित है। उन्होंने सरकार से मिडिल क्लास के होम लोन और व्हीकल लोन में छूट देने और इनकम टैक्स व जीएसटी की दरें आधी करने की मांग की थी, जो पूरी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि बजट आम जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा।

कुंभ में मौतों का सही आंकड़ा जरूरी- अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने बजट को लेकर कहा कि महाकुंभ में हुई भगदड़ और उसमें मारे गए लोगों का सही आंकड़ा आना बजट के आंकड़ों से ज्यादा जरूरी है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार खुद को हिंदुओं की पार्टी कहती है, लेकिन हिंदुओं के सबसे बड़े पर्व के लिए उचित प्रबंध नहीं कर पाई। उन्होंने सरकार द्वारा जारी मृतकों की संख्या को झूठा करार देते हुए सवाल किया कि आखिर भगदड़ रोकने के लिए क्या व्यवस्थाएं की गई थीं?

तेजस्वी बोले- बिहार को फिर ठगा गया, ये जुमलेबाजी बजट
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस बजट को पूरी तरह “जुमलेबाजी” करार दिया। उन्होंने कहा कि बिहार को इस बजट में कुछ नहीं मिला, न विशेष पैकेज, न विशेष राज्य का दर्जा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार बिहार को लगातार ठगने का काम कर रही है। पटना और बिहटा हवाई अड्डे को लेकर सरकार ने कई वादे किए, लेकिन कोई ठोस योजना सामने नहीं आई।

राहुल गांधी बोले- यह सिर्फ बैंड-एड बजट
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बजट पर कटाक्ष करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में है, लेकिन सरकार ने कोई बड़ा और क्रांतिकारी कदम नहीं उठाया। उन्होंने सरकार को “विचारों से दिवालिया” करार देते हुए कहा कि यह बजट गंभीर आर्थिक घावों पर सिर्फ एक छोटा सा बैंड-एड लगाने जैसा है।

बजट 2025-26 को लेकर विपक्षी दलों ने मध्यम वर्ग, किसानों और राज्यों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है। वहीं, सरकार इस बजट को विकासोन्मुखी और संतुलित बता रही है। बजट को लेकर राजनीतिक बहस जारी है और इसके दीर्घकालिक प्रभावों पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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