नई दिल्ली, राणा सांगा को लेकर सड़क से संसद तक विवाद बढ़ता ही जा रहा है। शुक्रवार को राज्यसभा में इस मुद्दे पर जबरदस्त हंगामा हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जहां सांसद की सुरक्षा को बड़ा मसला बताया, वहीं केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह मुद्दा जाति और धर्म से नहीं जुड़ा है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने राणा सांगा को देश का हीरो बताया और उनके सम्मान की बात की।
राज्यसभा में गरमाया मामला
सपा सांसद रामजीलाल सुमन के बयान के बाद से यह विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने राणा सांगा को गद्दार बताते हुए कहा था कि उनके निमंत्रण पर ही बाबर हिंदुस्तान आया था। इस बयान पर बीजेपी सांसदों ने कड़ी आपत्ति जताई और माफी की मांग की।
राज्यसभा में इस मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी सांसदों के बीच तीखी बहस हुई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “हम राणा सांगा का सम्मान करते हैं। बीजेपी को इतिहास की सही जानकारी नहीं है। लेकिन इस विवाद के कारण सांसदों की सुरक्षा भी एक अहम मुद्दा बन गया है। किसी के घर पर हमला करना, बुलडोजर चलाना, हिंसा करना यह संविधान की भावना के खिलाफ है।”
रिजिजू ने दी सफाई, सभापति ने जताई चिंता
इस पर जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को जाति और धर्म से जोड़ रहा है, जबकि यह पूरी तरह से ऐतिहासिक संदर्भ से जुड़ा हुआ मामला है। उन्होंने कहा, “हम हिंसा का समर्थन नहीं करते, लेकिन इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करना गलत है।”
राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने भी इस मामले पर चिंता जताई और कहा कि सांसदों की सुरक्षा को लेकर उचित कदम उठाए जाने चाहिए।
राणा सांगा देश के हीरो – प्रमोद तिवारी
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने राणा सांगा का समर्थन करते हुए उन्हें देश का हीरो बताया। उन्होंने कहा, “हम हर उस महापुरुष का सम्मान करते हैं, जिसने देश के लिए संघर्ष किया है। राणा सांगा सिर्फ राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के वीर योद्धा थे।”
बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
बीजेपी नेता राधा मोहन अग्रवाल ने कांग्रेस पर साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस जानबूझकर इस विवाद को जातिगत रंग देने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “अगर रामजीलाल सुमन अपनी गलती मान लेते तो बात अलग थी, लेकिन उन्होंने जानबूझकर राणा सांगा का अपमान किया है।”
हंगामे के बाद कार्रवाई की मांग
इस पूरे विवाद को लेकर संसद के बाहर भी प्रदर्शन हुए। बीजेपी ने इस बयान पर रामजीलाल सुमन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जबकि सपा ने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।
राणा सांगा पर बयानबाजी के चलते राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। अब देखना होगा कि इस विवाद का क्या हल निकलता है और संसद में इस पर क्या कदम उठाए जाते हैं।




