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मायावती ने आगरा हमले की तुलना गेस्ट हाउस कांड से की, दलितों के इस्तेमाल का लगाया आरोप, अखिलेश से की मांग

मायावती ने आगरा हमले की तुलना गेस्ट हाउस कांड से की, दलितों के इस्तेमाल का लगाया आरोप, अखिलेश से की मांग

लखनऊ: बसपा प्रमुख मायावती ने आगरा में सपा सांसद रामजीलाल सुमन के घर पर हुए हमले की तुलना 1995 के लखनऊ गेस्ट हाउस कांड से की है। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर दलित नेताओं को राजनीति में मोहरे की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।

आगरा हमले को बताया गेस्ट हाउस कांड जैसा
मायावती ने कहा कि जिस तरह 1995 में सपा सरकार के दौरान उनके साथ हिंसक घटना हुई थी, उसी तरह आगरा में भी दलित समाज के नेता पर हमला किया गया है। उन्होंने इस मामले पर अखिलेश यादव से पश्चाताप करने की मांग की है।

बता दें कि बुधवार को करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने आगरा में समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के घर पर हमला कर दिया था। यह हमला उनकी उस टिप्पणी के बाद हुआ, जिसमें उन्होंने राज्यसभा में राणा सांगा को गद्दार कहा था। इस बयान से नाराज करणी सेना के सदस्यों ने उनके घर पर तोड़फोड़ की।

मायावती ने सपा पर लगाया दलितों के इस्तेमाल का आरोप
बसपा प्रमुख ने इस घटना के बहाने समाजवादी पार्टी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा केवल दलित नेताओं को आगे करके अपनी राजनीति चमकाने में लगी रहती है, लेकिन असल में उनकी कोई परवाह नहीं करती। उन्होंने अखिलेश यादव से मांग की कि वे सपा के पुराने रिकॉर्ड को देखें और गेस्ट हाउस कांड पर माफी मांगें।

क्या था गेस्ट हाउस कांड?
2 जून 1995 को लखनऊ के स्टेट गेस्ट हाउस में बसपा प्रमुख मायावती पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हमला किया था। उस समय यूपी में सपा-बसपा गठबंधन की सरकार थी, जिसमें मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे। बसपा ने जब सरकार से समर्थन वापस लेने का फैसला किया, तो सपा के कुछ विधायक और कार्यकर्ता मायावती के ठहरने के स्थान पर पहुंच गए और उनके साथ दुर्व्यवहार किया।

इस हमले के दौरान बीजेपी के कुछ नेता वहां पहुंचे और मायावती को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद सरकार गिर गई और बसपा ने सपा से हमेशा के लिए दूरी बना ली।

सपा-बसपा का गठबंधन और फिर अलगाव
1995 के बाद सपा और बसपा के रास्ते अलग हो गए, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में दोनों दल फिर एक साथ आए। हालांकि, इस गठबंधन को कोई खास सफलता नहीं मिली। चुनाव के बाद बसपा ने सपा से नाता तोड़ लिया।

मायावती ने तब मुलायम सिंह यादव और अन्य नेताओं के खिलाफ दर्ज गेस्ट हाउस कांड के मुकदमे भी वापस ले लिए थे, लेकिन अब फिर से इस घटना की याद दिलाकर उन्होंने अखिलेश यादव से जवाब मांगा है।

आगरा हमले पर सियासत तेज
रामजीलाल सुमन के घर पर हमले को लेकर देशभर में राजनीति तेज हो गई है। सपा इसे दलित नेता पर हमला बता रही है, जबकि बसपा ने इसे अपने पुराने जख्मों से जोड़ लिया है। मायावती के बयान के बाद अब राजनीतिक माहौल और गर्माने की संभावना है।

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