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आखिर क्यों नवजोत सिंह सिद्धू के साथ बंद कैदियों की बदलनी पड़ी बैरक, पढ़ें पूरा मामला

आखिर क्यों नवजोत सिंह सिद्धू के साथ बंद कैदियों की बदलनी पड़ी बैरक, पढ़ें पूरा मामला

Navjot Singh Sidhu: पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू का पटियाला जेल में अपनी बैरक में बंद अन्य कैदियों से विवाद हो गया है. बैरक के कैदियों ने सिद्धू  पर गलत बर्ताव का आरोप लगाया है. वहीं सिद्धू का कहना है कि साथी कैदी बिना उनकी अनुमति के उनकी कैंटीन कार्ड पर खरीददारी कर ली है. जिस वजह से अन्य कैदियों को सिद्धू की बैरक से हटा दिया गया है.

दरअसल सिद्धू  रोडवेज मामले में पटियाला सेंट्रल जेल में एक साल की सजा काट रहे है. सिद्धू का मिजाज साथी कैदियों को परेशानी में डाल दिया है. बैरक में उनके साथ बंद कैदियों ने जेल अधिकारियों से अपनी बैरक बदलने की मांग की जिसके बाद उनके बैरक बदल दिए गए है. वहीं जेल अधिकारियों के पूछताछ करने पर सिद्धू ने बताया कि उनके कैंटीन कार्ड पर बैरक के कैदियों ने बिना अनुमति के सामान खरीदा था तो उन्हें ऐसा करने से मना किया था.

सिद्धू के साथ अब दो कैदी

वहीं दूसरी ओर बैरक के कैदियों का कहना है कि सिद्धू उन लोगों के साथ सही बर्ताव नहीं करते हैं. हालांकि जेल अधिकारियों ने इस मामले को सुलझाते हुए तीनों कैदियों को अलग बैरक में भेज दिया है. वहीं दस नंबर बैरक में सिद्धू के साथ दो अन्य कैदियों को रखा गया है.

बता दें के पहले रोडरेज मामले में सिद्धू को मार्च 2018 में 1,000 रुपये के जुर्माने के साथ छोड़ दिया गया था. हालांकि अब सिद्धू को आईपीसी की धारा 323 के तहत अधिकतम संभव सजा दी गई है. अदालत ने 15 मई 2018 को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें सिद्धू को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया गया था और उसे इस मामले में तीन साल की जेल की सजा सुनाई गई थी. इस केस में सिद्धू को पीड़ित गुरनाम सिंह को स्वेच्छा से चोट पहुंचाने का दोषी ठहराया गया था.

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