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पंजाब विधानसभा चुनाव 2022: महिलाओं के लिए घोषणाओं पर जोर, टिकट देने से कतरा रहीं पार्टियां

पंजाब विधानसभा चुनाव 2022: महिलाओं के लिए घोषणाओं पर जोर, टिकट देने से कतरा रहीं पार्टियां

चंडीगढ़, पंजाब में महिला मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की होड़ लगी हुई है, लेकिन जहां तक टिकट देने की बात है, तो पार्टियां इससे कतरा रही हैं। आप आदमी पार्टी ने 18 वर्ष से अधिक आयु वाली महिलाओं को हर माह एक हजार रुपये देने का वादा किया है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल ने नीले कार्ड धारक (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों की महिलाओं को प्रति माह दो हजार रुपये देने की बात कही है, लेकिन महिलाओं को टिकट देने में दोनों का हाथ तंग है।

शिअद ने अभी तक 91 उम्मीदवार घोषित किए हैं, इनमें से सिर्फ ही तीन महिला उम्मीदवार हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी ने अब तक घोषित 73 उम्मीदवारों में से छह महिलाओं को टिकट दी है। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक टिकटों का बंटवारा नहीं किया है। अब इनके फैसले पर सबकी नजर है।

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश में महिलाओं को 40 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की है, लेकिन पंजाब कांग्रेस में इस पर कोई बात नहीं हो रही। हालांकि, कांग्रेस ने निकाय व नगर काउंसिल के चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया था। यह फैसला पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कार्यकाल में हुआ था। पंजाब कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी का कहना है कि टिकटों पर अंतिम फैसला स्क्रीनिंग कमेटी को ही लेना है, लेकिन सभी वर्गों को उनका अधिकार मिलेगा। कमेटी के सामने यह बात रखी जाएगी।

भारतीय जनता पार्टी पहली बार 23 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लडऩे जा रही है। वर्तमान में पंजाब विधानसभा में सात महिला विधायक हैं। इसमें से तीन आम आदमी पार्टी (रुपिंदर कौर रूबी अब कांग्रेस में) और चार कांग्रेस पार्टी की थीं। दो महिला विधायक कैबिनेट मंत्री हैं। राज्य में 99.02 लाख महिला मतदाता हैं।

कांग्रेस पर दबाव

महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने का सबसे अधिक दबाव सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी पर है। क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने ही निकाय चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया। ऐसे में देखना होगा कि क्या कांग्रेस विधानसभा चुनाव में भी उसी सोच को आगे लेकर जा सकती है या नहीं। क्योंकि प्रियंका गांधी के 40 प्रतिशत आरक्षण वाले मुद्दे पर पंजाब कांग्रेस में कोई कुछ नहीं बोल रहा। भाजपा के महासचिव डा. सुभाष शर्मा का कहना है, भाजपा ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों का सम्मान किया है और आगे भी करती रहेगी।

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