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महंगाई दर का आया नया अनुमान, रेटिंग एजेंसी ने किया इस किल्‍लत से खबरदार

महंगाई दर का आया नया अनुमान, रेटिंग एजेंसी ने किया इस किल्‍लत से खबरदार

नई दिल्‍ली, कच्‍चे तेल की कमी और ऊंची कीमत भारत जैसे बड़े इम्‍पोर्ट्स के यहां महंगाई बढ़ा सकती है। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स (S&P Global Ratings) ने कहा है कि रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War) से एशिया-प्रशांत देशों में भारत, थाईलैंड जैसे बड़े तेल आयातक सबसे ज्‍यादा परेशान होंगे।

अगले वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 7.8 फीसद रहेगी

S&P का अनुमान है कि 1 अप्रैल, 2022 से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy Groth rate) 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। इसके अलावा अर्थव्यवस्था के 2023-24 और 2024-25 में क्रमशः 6 प्रतिशत और 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है।

महंगाई दर 5.4 फीसदी रहने का अनुमान 

एजेंसी के मुताबिक चालू कारोबारी साल में महंगाई दर 5.4 फीसदी रहने का अनुमान है। नोट में कहा गया है कि एशिया-प्रशांत (एपीएसी) क्षेत्र के बैंकों का रूस के साथ सीधा संपर्क है जो संघर्ष के प्रभाव को कम करेगा, लेकिन हाल-फिलहाल का तनाव आर्थिक जोखिम को बढ़ाएगा। यूक्रेन संघर्ष का सबसे बड़ा जोखिम बाजार में अस्थिरता और कमोडिटी की ऊंची कीमतें हैं। तेल और गैस के बड़े आयात के साथ उभरती अर्थव्यवस्थाएं सबसे अधिक जोखिम में हैं।

भारत तेल जरूरत का 85 प्रतिशत पूरा करने के लिए विदेशी खरीद पर निर्भर

बता दें कि भारत अपनी तेल जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत पूरा करने के लिए विदेशी खरीद पर निर्भर है। यानि एशिया में तेल की ऊंची कीमतों का सबसे ज्‍यादा असर भारतीय इकोनॉमी पर पड़ सकता है। 24 फरवरी से यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद आपूर्ति बाधित होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतें बीते सप्ताह 140 डॉलर प्रति बैरल के करीब हैं, जो 14 साल के उच्च स्तर पर थीं। हालांकि उसके बाद तेल कीमतें लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं। भारत और थाईलैंड बड़े तेल आयातक हैं और बड़े एशिया-प्रशांत देशों में सबसे अधिक ईंधन बाहर से मंगाते हैं।

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