बिहार में बीजेपी का मास्टरस्ट्रोक: कैबिनेट विस्तार से चुनावी समीकरण साधने की कोशिश

बिहार में बीजेपी का मास्टरस्ट्रोक: कैबिनेट विस्तार से चुनावी समीकरण साधने की कोशिश

बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने सियासी बढ़त लेने के लिए कैबिनेट विस्तार का दांव चला है। नीतीश कुमार की सरकार में सात नए चेहरों को शामिल किया गया, जो पूरी तरह से बीजेपी कोटे से हैं। यह कदम साफ संकेत देता है कि बीजेपी ने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधते हुए अपने संगठन को चुनावी मुकाबले के लिए मजबूत करने की योजना बनाई है।

जातीय समीकरण साधने की रणनीति
बीजेपी ने कैबिनेट विस्तार में जातीय संतुलन को खास तवज्जो दी है। पार्टी ने अगड़ी जातियों से राजपूत, भूमिहार और मारवाड़ी समुदाय के नेताओं को मंत्री बनाया है, जबकि पिछड़ी जातियों से कुर्मी, कुशवाहा, केवट और तेली समाज के नेताओं को जगह दी गई है। इस रणनीति के जरिए बीजेपी ने बिहार की प्रमुख जातियों को साधने का प्रयास किया है, ताकि आगामी चुनाव में उसे अधिक से अधिक समर्थन मिल सके।

नीतीश सरकार में बीजेपी का बढ़ता प्रभाव
इस विस्तार के बाद अब बिहार सरकार में बीजेपी कोटे के कुल 21 मंत्री हो गए हैं, जबकि जेडीयू के 13 मंत्री ही हैं। यह पहली बार है जब बिहार सरकार में बीजेपी की इतनी मजबूत स्थिति बनी है। इससे यह भी स्पष्ट हो गया कि नीतीश कुमार ने अपने कोटे के मंत्रियों की संख्या बढ़ाने की बजाय बीजेपी को अधिक जगह देकर गठबंधन में अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर दिया है।

अन्य राज्यों में सफलता का फॉर्मूला
बीजेपी इससे पहले गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा में भी चुनाव से पहले कैबिनेट विस्तार कर चुकी है, और इन राज्यों में इसे जबरदस्त सफलता भी मिली थी। गुजरात में 2021 में पूरी कैबिनेट बदलकर बीजेपी ने 2022 का चुनाव ऐतिहासिक जीत के साथ जीता था। यूपी में भी चुनाव से ठीक पहले सात नए मंत्रियों को शामिल कर पार्टी ने सत्ता में वापसी की थी। अब वही रणनीति बिहार में अपनाई गई है।

क्या बिहार में भी खिलेगा कमल?
बीजेपी ने बिहार चुनाव से पहले जिस तरह से कैबिनेट विस्तार किया है, उससे साफ है कि पार्टी पूरे आत्मविश्वास के साथ चुनावी मैदान में उतर रही है। हालांकि, यह रणनीति कितनी कारगर होगी, यह चुनाव के नतीजे ही बताएंगे। लेकिन वर्तमान सियासी समीकरणों को देखते हुए बीजेपी ने बड़ी सोच के साथ यह फैसला लिया है, जो उसे आगामी चुनाव में मजबूत स्थिति में ला सकता है।

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