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महाकुंभ 2025 का भव्य समापन: आस्था, भक्ति और दिव्यता का ऐतिहासिक संगम, करीब 66 करोड़ लोगों ने लगाई डुबकी

महाकुंभ 2025 का भव्य समापन: आस्था, भक्ति और दिव्यता का ऐतिहासिक संगम, करीब 66 करोड़ लोगों ने लगाई डुबकी

प्रयागराज। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर संगम नगरी प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का भव्य समापन हुआ। अंतिम शाही स्नान में करीब 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में डुबकी लगाई। इस वर्ष 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की गंगा में स्नान कर पुण्य अर्जित किया। अपार जनसैलाब ने इस आयोजन की दिव्यता और भव्यता को एक बार फिर प्रमाणित किया।

वायुसेना के एयर शो ने बढ़ाई शोभा
महाशिवरात्रि पर्व को और यादगार बनाने के लिए भारतीय वायुसेना ने ऐतिहासिक एयर शो का प्रदर्शन किया। सुखोई, एएन-32 और चेतक हेलीकॉप्टरों ने आकाश में अद्भुत कलाबाजियां दिखाईं। विमानों की गर्जना के साथ श्रद्धालु “हर हर महादेव” और “हर हर गंगे” के जयघोष करने लगे।

सुरक्षा और प्रबंधन का अद्भुत संयोजन
उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि महाकुंभ का आयोजन भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और तकनीकी दृष्टि से एक ऐतिहासिक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से पूरे आयोजन की निगरानी की गई। रेलवे और परिवहन विभाग के बेहतरीन समन्वय से लाखों श्रद्धालुओं का सुगम आवागमन सुनिश्चित किया गया।

भक्ति, मंत्रोच्चार और आस्था का महासंगम
महाशिवरात्रि स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र स्नान कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मेला क्षेत्र में हर तरफ मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और श्रद्धालुओं की उमंग देखने को मिली। उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन ने कुंभ के सफल आयोजन के लिए सराहनीय कार्य किया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

महाकुंभ 2025: इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज
महाकुंभ 2025 न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और प्रशासनिक उत्कृष्टता का भी उदाहरण बना। श्रद्धालुओं की भक्ति, वायुसेना के भव्य प्रदर्शन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के चलते यह आयोजन इतिहास में स्वर्णिम अध्याय बन गया।

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