सोनिया गांधी ने मनरेगा में निकाली चार कमियां, बोलीं- इनको जल्‍द पूरा किया जाए, अनुराग ठाकुर और गिरिराज सिंह ने किया पलटवार

सोनिया गांधी ने मनरेगा में निकाली चार कमियां, बोलीं- इनको जल्‍द पूरा किया जाए, अनुराग ठाकुर और गिरिराज सिंह ने किया पलटवार

नई दिल्ली, कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को संसद में केंद्र सरकार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS) को लेकर निशाना साधा। उन्होंने इसमें चार कमियां बताईं और इसके लिए उचित बजट आवंटन सुनिश्चित करने का आग्रह किया। साथ ही काम के 15 दिनों के भीतर मजदूरों को मजदूरी का भुगतान करने की मांग की। इसे लेकर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और गिरिराज सिंह ने पलटवार किया। दोनों ने कांग्रेस नेता पर मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। यह भी कहा कि उनकी बातों में थोड़ी भी सच्चाई नहीं है।

सोनिया गांधी ने लोकसभा में मनरेगा में बजट आवंटन और मजदूरी के भुगतान का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि देश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। इसके बाद भी चालू वर्ष के लिए मनरेगा का बजट 2020 की तुलना में 35 प्रतिशत कम है। सोनिया गांधी ने कहा, “मनरेगा का कुछ साल पहले कई लोगों ने मजाक उड़ाया था। इसने कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान करोड़ों गरीब परिवारों को समय पर मदद प्रदान की और सरकार को बचाने में सकारात्मक भूमिका निभाई। फिर भी मनरेगा के लिए बजटीय आवंटन में लगातार कटौती की जा रही है।”

सोनिया गांधी ने आगे कहा, “मैं केंद्र से आग्रह करती हूं कि मनरेगा के लिए बजट का उचित आवंटन किया जाए। काम के 15 दिनों के भीतर मजदूरों को मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाए और भुगतान में देरी के मामले में कानूनी रूप से मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। राज्यों की वार्षिक कार्य योजना बिना किसी देरी के निर्धारित की जाए।”.

सोनिया गांधी ने यह भी कहा, “राज्यों से कहा गया कि उनका वार्षिक श्रम बजट तब तक स्वीकृत नहीं होगा जब तक कि वे सोशल ऑडिट और लोकपाल की नियुक्ति से संबंधित शर्तों को पूरा नहीं करते। सोशल ऑडिट को प्रभावी बनाया जाना चाहिए, लेकिन कमियों के आधार पर इसके लिए पैसे रोककर मजदूरों को दंडित नहीं किया जा सकता है।” सोनिया के इस बायन पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और अनुराग ठाकुर ने जवाब दिया।

हमें आईना दिखाने की जरूरत नहीं : गिरिराज- गिरिराज सिंह ने सोनिया गांधी को जवाब देते हुए कहा, “माननीय सदस्य द्वारा उठाया गया मुद्दा सच्चाई से कोसों दूर है। साल 2013-14 (यूपीए सरकार) में मनरेगा के लिए बजटीय आवंटन ₹ 33,000 करोड़ था, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में यह ₹ 1.12 लाख करोड़ तक पहुंच गया। हमें आईना दिखाने की जरूरत नहीं है।”

यूपीए सरकार के दौरान बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ- सोनिया गांधी को जवाब देते हुए अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि मनरेगा योजना में यूपीए सरकार के दौरान बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ, जिसे मोदी सरकार ने समाप्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में मनरेगा के तहत बनाई गई संपत्तियों की जियो-टैगिंग शुरू की गई और श्रमिकों को उनके जन धन खातों में सीधे भुगतान किया गया। उनके इस बयान पर कांग्रेस नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। फिर उन्होंने कहा कि जब एक केंद्रीय मंत्री ने सोनिया गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दे पर तुरंत प्रतिक्रिया दी तो विपक्ष की आलोचना करना विडंबना है।

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