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इन 5 कारणों की वजह से भूपेंद्र सिंह चौधरी बनाए गए यूपी बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष

इन 5 कारणों की वजह से भूपेंद्र सिंह चौधरी बनाए गए यूपी बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष

लखनऊ: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने यूपी बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान कर दिया है। भूपेंद्र सिंह चौधरी को यूपी के नए प्रदेश अध्यक्ष की कमान मिली है। वह उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री हैं, वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य भी हैं। बुधवार को जब उन्हें दिल्ली बुलाया गया उसके बाद से ही यह कयास लगाए जाने लगे की गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष के लिए उनके नाम पर मुहर लगेगी, आखिरकार वैसा ही हुआ।

इन कारणों की वजह से बनाए गए प्रदेश अध्यक्ष 

  • भूपेंद्र सिंह चौधरी को यूपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के पीछे का सबसे अहम कारण है कि बीजेपी की नजर लोकसभा चुनाव में पश्चिमी यूपी की 7 सीटों पर टिकी हुई है। सपा और रालोद गठबंधन के बाद भाजपा को यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में भी पश्चिमी यूपी में खासा मेहनत करनी पड़ी थी। लिहाजा लोकसभा चुनाव 2024 से पहले भूपेंद्र चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर बड़ा दांव चला है।
  • भूपेंद्र सिंह चौधरी को गृहमंत्री अमित शाह का काफी करीबी माना जाता है। उनको यूपी प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के पीछे यह भी एक अहम कारण माना जा रहा है।
  • इस सियासी बिसात में संगठन का लंबा तजुर्बा उन्हें रहा है। इसी के साथ जाट बिरादरी और राजनीतिक अनुभव तक प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए उनके पक्ष में रहा।
  • भूपेंद्र चौधरी वर्ष 2007 से 2012 तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय मंत्री रहे हैं। इसी के साथ वह 2011 से 2018 तक तीन बार पश्चिमी यूपी के क्षेत्रीय अध्यक्ष भी रहे हैं। लिहाजा उन्हें उस क्षेत्र का काफी अनुभव है।
  • माना जा रहा है कि इस तरह से भूपेंद्र सिंह चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की वजह यह भी है कि लगातार दूसरी बार पिछड़े वर्ग के नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने से पश्चिम से पूर्वांचल तक ओबीसी वोट बैंक में अच्छा संदेश जाएगा। इसी के चलते बीजेपी ने उन पर यह दांव चला है।

अभी तक ऐसा रहा है भूपेंद्र चौधरी का सफर
आपको बता दें कि  भूपेंद्र चौधरी को 10 जून 2016 को उत्तर प्रदेश विधान परिषद का सदस्य चुना गया था। उनका जन्म 1966 में मुरादाबाद जिले के थाना छजलैट इलाके के ग्राम महेंद्री सिंकदरपुर में हुआ था। उनकी शुरुआती शिक्षा गांव के ही प्राथमिक स्कूल में हुई और फिर उन्होंने मुरादाबाद के आरएन इंटर कॉलेज से 12वीं की परीक्षा पास की। छात्र जीवन में ही वह विश्व हिंदू परिषद से जुड़े और फिर वर्ष 1991 में उन्‍होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली, इसके दो साल बाद 1993 में वह भजापा की जिला कार्यकारिणी के सदस्य बन गए। वर्ष 2006 में उन्हें भाजपा ने मुरादाबाद का क्षेत्रीय मंत्री बनाया, इसके बाद 2012 में पार्टी का क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया गया, 2016 में चौधरी भूपेंद्र सिंह को भारतीय जनता पार्टी ने  एमएलसी नामित किया। वर्ष 2017 में भाजपा की सरकार बनी तो चौधरी भूपेंद्र सिंह को पंचायतीराज का अध्यक्ष बनाकर राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया।

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