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सुशीला का संघर्ष: 4 साल पहले खत्म हो चुका था करियर, फिर जिद के आगे हार मान गई मुश्किलें…

सुशीला का संघर्ष: 4 साल पहले खत्म हो चुका था करियर, फिर जिद के आगे हार मान गई मुश्किलें…

स्पोर्ट्स डेस्क. कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 (Commonwealth Games 2022) में जूडो की प्लेयर सुशीला देवी ने सिल्वर मेडल जीता है। महिला जूडो प्लेयर ने 48 किलोग्राम वेट कैटगरी में रजत पदक जीता है। फाइनल में सुशीला देवी को साउथ अफ्रीका की मिचेला व्हाइटबोई से हार मिली। कॉमनवेल्थ गेम्स की बात करें तो चौथे दिन की समाप्ति तक भारत को कुल 9 मेडल मिले हैं। जिसमें 3 गोल्ड मेडल, 3 सिल्वर मेडल और 3 ब्रान्ज मेडल शामिल हैं। 27 साल की सुशीला देवी ने 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भी सिल्वर मेडल जीता था हालांकि उसके बाद उनके करियर को मानो किसी की नजर लग गई थी। फिर भी सारी मुसीबतों को पीछे छोड़ते हुए सुशीला ने सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया है।

2018 में खत्म हो चुका था करियर
जूडो प्लेयर सुशीला देवी चोट के कारण लंबे समय तक परेशान रहीं और उन्होंने 2018 में खेल छोड़ने तक का बन बना लिया था। हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण उन्हें लगभग पूरे साल खेल से दूर रहना पड़ा। यह वो वक्त था जब सुशीला के सामने कई चुनौतियां थीं। वे पूरी तरह से टूट चुकी थीं और सब कुछ छोड़कर 3 महीने के लिए गांव चली गईं। हालांकि सुशीला ने हार नहीं मानी। ऐसी भी परिस्थिति आई कि सुशीला को अपनी कार तक बेचनी पड़ गई। वे बताती हैं कि तब उन्हें लगा कि उनका जूडो करियर खत्म हो गया है। फिर कहीं से आशा की एक किरण दिखी जिसके सहारे सुशीला ने फिर से प्रैक्टिस शुरू कर दी।

हांगकांग ओपन से की वापसी
सुशीला देवी ने हार नहीं मानी और फिर से जूडो की तैयारियों में जुट गईं। 2018 में ही उन्होंने शानदार वापसी की और हांगकांग ओपेन में सिल्वर मेडल जीता। 2019 के हांगकांग ओपन में सुशीला ने सिल्वर जीता। इस तरह से शानदारी वापसी करते हुए सुशीला ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर गईं। हालांकि वे ओलंपिक में मेडल नहीं जीत पाईं। माना जा रहा था कि कॉमनवेल्थ गेम्स में सुशीला देवी फिर से करिश्मा करेंगी और उन्होंने कर भी दिखाया। लगभग 8 साल के बाद कॉमनवेल्थ में सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने खुद के लिए कॉमनवेल्थ पदकों की संख्या 2 कर ली है।

स्पोर्ट्स फैमिली की हैं सुशीला
सुशीला देवी का परिवार स्पोर्ट्स के काफी जुड़ा हुआ है। उनके अंकल डिनिक सिंह इंटरनेशनल जूडो प्लेयर रहे हैं। बाद में वे रेफरी भी बने। सुशीला के भाई शिलाक्षी सिंह ने सुशीला का परिचय खेलों की दुनिया से कराया। 2019 में ही वापसी करते हुए सुशीला ने साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। सुशीला की तरह कॉमनवेल्थ गेम्स के 5वें दिन भारत के खिलाड़ी मेडल के लिए उतरेंगे। ट्रै एंड फील्ड से इवेंट शुरू होंगे। वेटलिफ्टिंग में भी कई पदक दांव पर रहेंगे।

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