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गुजरात में PM मोदी: DefExpo22 में कहा-‘पहले हम कबूतरों को छोड़ते थे और अब चीते छोड़े जाते हैं’

गुजरात में PM मोदी: DefExpo22 में कहा-‘पहले हम कबूतरों को छोड़ते थे और अब चीते छोड़े जाते हैं’

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी(Prime Minister Narendra Modi) 19-20 अक्टूबर तक गुजरात के दौरे पर हैं। वे करीब 15,670 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। हफ्तेभर के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दूसरा लंबा दौरा है। इससे पहले वे 9 से 11 अक्टूबर तक गुजरात के दौरे पर थे। गुजरात विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। बस उनकी तारीखों का ऐलान होना बाकी हैं। ऐसे में मोदी के गुजरात के धुआंधार दौरों ने चुनावी सरगर्मियों को बढ़ा दिया है। जानिए मोदी के गुजरात दौरे की पूरी डिटेल्स…

पहले कबूतरों को छोड़ते थे, हम चीतों को छोड़ते हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को भारत-पाकिस्तान सीमा के पास उत्तरी गुजरात में बनने वाले एक नए एयरबेस की आधारशिला रखी और कहा कि यह देश की सुरक्षा के लिए एक प्रभावी केंद्र के रूप में उभरेगा। गुजरात की राजधानी गांधीनगर में डिफेंस एक्सपो 2022 का उद्घाटन करने के बाद बोलते हुए मोदी ने यह भी कहा कि रक्षा बल 101 और वस्तुओं की सूची जारी करेंगे, जिन्हें आयात नहीं किया जाएगा। रक्षा संबंधी 411 सामान स्थानीय स्तर पर ही खरीदा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे ​​भारतीय रक्षा उद्योग को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। पीएम ने कहा कि यह एक अभूतपूर्व डेफएक्सपो है, क्योंकि पहली बार केवल भारतीय कंपनियां ही इसमें भाग ले रही हैं।  उन्होंने कहा कि उत्तरी गुजरात के बनासकांठा के दीसा में बनने वाला हवाई अड्डा देश की सुरक्षा के लिए एक प्रभावी केंद्र के रूप में उभरेगा। मोदी ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय रक्षा उत्पादों का निर्यात आठ गुना बढ़ा है। देश ने एक लंबा सफर तय किया है। पहले हम कबूतरों को छोड़ते थे और अब हम चीतों को छोड़ते हैं।

महात्मा मंदिर, गांधीनगर में DefExpo22 का उद्घाटन 
गुजरात दौरे की शुरुआत पीएम मोदी ने महात्मा मंदिर, गांधीनगर में DefExpo22 का उद्घाटन से की। पढ़िए क्या बोले मोदी-

गुजरात की धरती पर सशक्त, सामर्थ्य और आत्मनिर्भर भारत के इस महोत्सव में आप सभी का हार्दिक स्वागत है। देश के प्रधानमंत्री के रूप में आपका स्वागत करना जितना गौरवपूर्ण है, उतना ही गौरवपूर्ण इस धरती के बेटे के रूप में आप सभी का स्वागत करने का गर्व है। इसमें युवा संकल्प भी है, युवा सामर्थ्य भी है। इसमें विश्व के लिए उम्मीद भी है, मित्र देशों के लिए सहयोग के अवसर भी हैं।

नए भारत की भव्य तस्वीर
मोदी ने कहा-DefExpo-2022 का ये आयोजन नए भारत की ऐसी भव्य तस्वीर खींच रहा है, जिसका संकल्प हमने अमृतकाल में लिया है। इसमें राष्ट्र का विकास भी है, राज्यों का सहभाग भी है। इसमें युवा शक्ति भी है, युवा सपने भी हैं। हमारे देश में डिफेंस एक्स्पो पहले भी होते रहे हैं, लेकिन इस बार का डिफेंस एक्स्पो अभूतपूर्व है। एक नई शुरुआत का प्रतीक भी है। ये देश का ऐसा पहला डिफेंस एक्स्पो है जिसमें केवल भारतीय कंपनियां ही भाग ले रही हैं, केवल मेड इन इंडिया रक्षा उपकरण ही हैं। डिफेंस एक्सपो 2022 पेश कर रहा है ‘नए भारत’ की वह अद्भुत तस्वीर, जिसका संकल्प हमने अमृत आह्वान में लिया था।

दुनिया की भारत से अपेक्षाएं
मोदी ने कहा-आज ग्लोबलाइजेशन के दौर में मर्चेंट नेवी की भूमिका का विस्तार हुआ है। दुनिया की भारत से अपेक्षाएं बढ़ी हैं। मैं विश्व को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि आपकी अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए भारत हर कोशिश और प्रयास करता रहेगा, हम कभी पीछे नहीं हटेंगे। ये डिफेंस एक्स्पो भारत के प्रति वैश्विक विश्वास का प्रतीक भी है। इतने सारे देशों की उपस्थिति के जरिए, विश्व का बहुत बड़ा सामर्थ्य गुजरात की इस धरती पर जुट रहा है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि जब भारत इस दुनिया के सपनों को साकार करने की ओर बढ़ रहा है, 53 अफ्रीकी देश उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। सरकार में आने के बाद हमने डीसा में ऑपरेशनल बेस बनाने का फैसला लिया और हमारी सेनाओं की ये अपेक्षा आज पूरी हो रही है। ये क्षेत्र अब देश की सुरक्षा का एक प्रभावी केंद्र बनेगा।

स्पेस में संभावनाएं
मोदी ने कहा-Space में भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए भारत को अपनी इस तैयारी को और बढ़ाना होगा। हमारी डिफेंस फोर्सेस को नए Innovative Solutions खोजने होंगे। Space में भारत की शक्ति सीमित न रहे और इसका लाभ भी केवल भारत के लोगों तक ही सीमित न हो, ये हमारा मिशन भी है और विजन भी है। रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में, भारत और अफ्रीकी देशों के बीच विकसित सहयोग और सहक्रियाओं ने हमारे पारस्परिक संबंधों को अभी तक नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। 

8 साल पहले तक भारत की पहचान
मोदी ने कहा-रक्षा क्षेत्र में भारत Intent, Innovation और Implementation के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। आज से 8 साल पहले तक भारत की पहचान दुनिया के सबसे बड़े डिफेंस इंपोर्टर के रूप में होती थी। लेकिन न्यू इंडिया ने Intent दिखाया, इच्छाशक्ति दिखाई और मेक इन इंडिया आज रक्षा क्षेत्र की सक्सेस स्टोरी बन रहा है। पिछले 5 वर्षों में हमारा रक्षा निर्यात 8 गुना बढ़ा है। भारतीय नौसेना ने INS-विक्रांत जैसे अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर को अपने बेड़े में शामिल किया है। ये इंजीनियरिंग का विशाल और विराट मास्टरपीस कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने स्वेदशी तकनीक से बनाया है।

गुजरात के लिए खुला खजाना
19 अक्टूबर: गांधीनगर के महात्मा मंदिर सम्मेलन और प्रदर्शनी केंद्र में डिफेंसएक्सपो22 का उद्घाटन। अडालज में मिशन स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ। जूनागढ़ में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास। इंडिया अर्बन हाउसिंग कॉन्क्लेव 2022 का उद्घाटन और राजकोट में कई प्रमुख परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास। राजकोट में अभिनव निर्माण कार्य प्रणालियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन।

20 अक्टूबर: सुबह करीब 9:45 बजे प्रधानमंत्री केवड़िया में मिशन लाइफ का शुभारंभ करेंगे। दोपहर करीब 12 बजे प्रधानमंत्री केवड़िया में मिशन प्रमुखों के 10वें सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इसके बाद दोपहर करीब 3:45 बजे वे व्यारा में विभिन्न विकास पहलों का शिलान्यास करेंगे।

प्रधानमंत्री गांधीनगर में: प्रधानमंत्री रक्षा प्रदर्शनी 22 का उद्घाटन करेंगे। ‘पाथ टू प्राइड’ थीम के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा यह एक्सपो, अब तक आयोजित भारतीय रक्षा एक्सपो में सबसे बड़ी भागीदारी का साक्षी बनेगा। पहली बार, यह विशेष रूप से भारतीय कंपनियों के लिए आयोजित एक रक्षा प्रदर्शनी का भी साक्षी बनेगा, जिसमें विदेशी ओईएम की भारतीय सहायक कंपनियां, भारत में पंजीकृत कंपनी का डिवीजन, एक भारतीय कंपनी के साथ संयुक्त उद्यम वाले प्रदर्शक शामिल हैं। यह आयोजन भारतीय रक्षा विनिर्माण कौशल के व्यापक दायरे और पैमाने का प्रदर्शन करेगा। एक्सपो में एक इंडिया पवेलियन और दस स्टेट पवेलियन होंगे। इंडिया पवेलियन में, प्रधानमंत्री हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा डिजाइन किए गए स्वदेशी ट्रेनर विमान- एचटीटी-40 का अनावरण करेंगे। विमान में अत्याधुनिक सामरिक प्रणालियां हैं और इसे पायलट अनुकूल सुविधाओं के साथ डिजाइन किया गया है। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री उद्योग और स्टार्टअप के माध्यम से अंतरिक्ष क्षेत्र में रक्षा बलों के लिए अभिनव समाधान विकसित करने के लिए मिशन डेफस्पेस का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री गुजरात में दीसा हवाई क्षेत्र की आधारशिला भी रखेंगे। यह फॉरवर्ड एयरफोर्स बेस देश के सुरक्षा ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा।

एक्सपो ‘भारत-अफ्रीका: रक्षा और सुरक्षा सहयोग के तालमेल के लिए रणनीति अपनाने’ विषय के तहत दूसरी भारत-अफ्रीका रक्षा वार्ता का भी साक्षी बनेगा। एक्सपो के दौरान दूसरे हिंद महासागर क्षेत्र+ (आईओआर+) कॉन्क्लेव का भी आयोजन किया जाएगा, जो प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास के लिए (सागर) के अनुरूप शांति, विकास, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए आईओआर+ देशों के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक संवाद हेतु एक मंच प्रदान करेगा। एक्सपो के दौरान, रक्षा के लिए पहली बार निवेशक बैठक भी आयोजित की जाएगी। इससे सौ से अधिक स्टार्टअप्स को मंथन 2022 में अपने नवाचारों को प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त होगा, जो कि आईडीईएक्स (रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार) का रक्षा नवाचार कार्यक्रम है। इस आयोजन में ‘बंधन’ कार्यक्रम के माध्यम से 451 साझेदारियों का भी शुभारंभ भी होगा।

अडालज में पीएम का कार्यक्रम: प्रधानमंत्री अडालज के त्रिमंदिर में मिशन स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का भी शुभारंभ करेंगे। इस मिशन की परिकल्पना कुल 10,000 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ की गई है। त्रिमंदिर में कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री लगभग 4260 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। मिशन गुजरात में नई कक्षाओं, स्मार्ट क्लास रूम, कंप्यूटर लैब की स्थापना और राज्य में स्कूलों के बुनियादी ढांचे के समग्र उन्नयन के माध्यम से शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद करेगा।

प्रधानमंत्री जूनागढ़ में: प्रधानमंत्री करीब 3580 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री मिसिंग लिंक के निर्माण के साथ ही तटीय राजमार्गों के सुधार की आधारशिला रखेंगे। इस परियोजना के पहले चरण में, 13 जिलों में 270 किलोमीटर से अधिक की कुल राजमार्ग लंबाई को कवर किया जाएगा। प्रधानमंत्री जूनागढ़ में दो जलापूर्ति परियोजनाओं और कृषि उत्पादों के भंडारण के लिए एक गोदाम परिसर के निर्माण की आधारशिला रखेंगे। पोरबंदर में प्रधानमंत्री श्री कृष्ण रुक्मणी मंदिर, माधवपुर के समग्र विकास की आधारशिला रखेंगे। वह पोरबंदर फिशरी हार्बर में सीवेज और जलापूर्ति परियोजनाओं व रखरखाव ड्रेजिंग की आधारशिला भी रखेंगे। गिर सोमनाथ में वह दो परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिसमें माधवाड़ में फिशिंग पोर्ट का विकास भी शामिल है।

प्रधानमंत्री राजकोट में: प्रधानमंत्री राजकोट में करीब 5860 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। वह इंडिया अर्बन हाउसिंग कॉन्क्लेव 2022 का भी उद्घाटन करेंगे, जिसमें भारत में आवास से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा, इसमें योजना, डिजाइन, नीति, विनियम, कार्यान्वयन, अधिक स्थिरता और समावेशिता की शुरुआत शामिल है। सार्वजनिक समारोह के बाद, प्रधानमंत्री नवीन निर्माण कार्यप्रणालियों पर एक प्रदर्शनी का भी उद्घाटन करेंगे।

सार्वजनिक समारोह के दौरान प्रधानमंत्री लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत बने 1100 से अधिक आवासों का लोकार्पण करेंगे। इन घरों की चाबियां भी लाभार्थियों को सौंपी जाएंगी। वह एक जलापूर्ति परियोजना ब्राह्मणी-2 बांध से नर्मदा नहर पंपिंग स्टेशन तक मोरबी-बल्क पाइपलाइन परियोजना को भी समर्पित करेंगे। उनके द्वारा समर्पित की जा रही अन्य परियोजनाओं में क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र, फ्लाईओवर ब्रिज और सड़क क्षेत्र से संबंधित अन्य परियोजनाएं शामिल हैं।

प्रधानमंत्री गुजरात में राष्ट्रीय राजमार्ग 27 के राजकोट-गोंडल-जेतपुर खंड के मौजूदा फोर लेन को छह लेन बनाने की आधारशिला रखेंगे। वह मोरबी, राजकोट, बोटाद, जामनगर और कच्छ में विभिन्न स्थानों पर लगभग 2950 करोड़ रुपये के जीआईडीसी औद्योगिक एस्टेट की आधारशिला भी रखेंगे। जिन अन्य परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी उनमें गढ़का में अमूल-फेड डेयरी प्लांट, राजकोट में इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण, दो जलापूर्ति परियोजनाएं और सड़कों एवं रेलवे क्षेत्र की अन्य परियोजनाएं शामिल हैं।

प्रधानमंत्री केवड़िया में: प्रधानमंत्री की संयुक्त राष्ट्र महासचिव, श्री एंटोनियो गुटेरेस के साथ एक द्वीपक्षीय बैठक करेंगे। इसके बाद, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, एकता नगर, केवड़िया में संयुक्त राष्ट्र महासचिव की उपस्थिति में प्रधानमंत्री द्वारा मिशन लाइफ का शुभारंभ किया जाएगा। प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित, इसके भारत के नेतृत्व में एक वैश्विक जन आंदोलन बनने की आशा है जिससे पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण के लिए व्यक्तिगत व सामूहिक कार्रवाई को प्रोत्साहन मिलेगा। मिशन लाइफ का उद्देश्य स्थिरता के प्रति हमारे सामूहिक दृष्टिकोण को बदलने के लिए त्रिस्तरीय रणनीति का पालन करना है। इसमें सबसे पहले व्यक्तियों को अपने दैनिक जीवन (मांग) में सरल लेकिन प्रभावी पर्यावरण के अनुकूल कार्यों का अभ्यास करने के लिए प्रेरित करना है; दूसरा, उद्योगों और बाजारों को बदलती मांग (आपूर्ति) के लिए तेजी से प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाना और; तीसरा दीर्घकालीन खपत और उत्पादन (नीति) दोनों का समर्थन करने के लिए सरकार और औद्योगिक नीति को प्रभावित करना शामिल है।

प्रधानमंत्री मिशन प्रमुखों के 10वें सम्मेलन में भी भाग लेंगे, जिसका आयोजन 20-22 अक्टूबर 2022 तक केवडिया में विदेश मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। यह सम्मेलन दुनिया भर से भारतीय मिशनों के 118 प्रमुखों (राजदूतों और उच्चायुक्तों) को एक मंच पर लाएगा। तीन दिनों में होने वाले 23 सत्रों के माध्यम से, इस सम्मेलन में समकालीन भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक वातावरण, कनेक्टिविटी, भारत की विदेश नीति प्राथमिकताओं आदि जैसे मुद्दों पर विस्तृत आंतरिक चर्चा करने का अवसर प्रदान मिलेगा। मिशनों के प्रमुख वर्तमान में उनसे संबंधित राज्यों को भारत के प्रमुख मिशनों जैसे कि आकांक्षात्मक जिलों, एक जिला एक उत्पाद, अमृत सरोवर मिशन, से संबंधित अन्य लोगों के साथ स्वयं का परिचय कराने के लिए इन राज्यों के दौरे पर हैं।

प्रधानमंत्री व्यारा में: प्रधानमंत्री व्यारा, तापी में 1970 करोड़ रुपए से अधिक की कई विकास पहलों की आधारशिला रखेंगे। वह सापुतारा से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक की सड़क के सुधार के साथ ही संपर्क रहित मार्गों के निर्माण का भी शिलान्यास करेंगे। जिन अन्य परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी उनमें तापी और नर्मदा जिलों में 300 करोड़ रुपये से अधिक की जलापूर्ति परियोजनाएं भी शामिल हैं।

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