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खत्म हुआ इंतजार! कोलकाता से सड़क के रास्ते भुवनेश्वर आएगा बीजू पटनायक का डकोटा विमान, जानिए क्या है तैयारी

खत्म हुआ इंतजार! कोलकाता से सड़क के रास्ते भुवनेश्वर आएगा बीजू पटनायक का डकोटा विमान, जानिए क्या है तैयारी

भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के प्रतिष्ठित डकोटा विमान को कोलकाता से वापस लाने को तैयार हो गई है। भारतीय हवाई प्राधिकरण यानी एएआई ने इस मकसद के लिए भुवनेश्वर के हवाई अड्डा परिसर में करीब एक एकड़ से अधिक भूमि राज्य सरकार को सौंपने को तैयार हो गई है। यह विमान कोलकाता से भुवनेश्वर सड़क मार्ग से आएगा। इस विमान को दो साल पहले भी ओडिशा लाने की योजना बनी थी, मगर कोरोना महामारी की वजह से अटक गई। विमान की लंबाई 64 फुट 8 इंच और चौड़ाई 95 फुट है। 

ओडिशा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विमान को ओडिशा ले जाने का प्रयास दो साल पहले भी हुए इसके लिए टेंडर भी मंगाए गए, लेकिन COVID-19 महामारी ने योजना को रोक दिया। प्रशासन इस बार प्रक्रिया को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है, क्योंकि एएआई ने अपनी हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में इसके लिए स्मारक स्थापित करने को 1.1 एकड़ जमीन पट्टे पर देने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। यहीं पर इस विमान को प्रदर्शनी के लिए रखा जाएगा। 

विमान को पहले नष्ट किया जाएगा, भुवनेश्वर में फिर जोड़ा जाएगा  
ओडिशा में गृह विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, विमान 64.8 फुट लंबा है। इसके पंख 95 फीट तक फैले हुए हैं। यह कोलकाता हवाई अड्डे से भुवनेश्वर के लिए सड़क मार्ग से लाया जाएगा। इसे संभवत: कोलकाता में ही उस स्थिति में नष्ट किया जाएगा कि बाद में भुवनेश्वर लाकर फिर से उसी तरह जोड़ा जा सके। इस दौरान जो चीजें खराब हो गई हैं या टूट-फूट गई हैं, उन्हें नए सिरे से लगाया जाएगा। बता दें कि बीजू पटनायक एक समाज सुधारक और राजनेता होने के साथ-साथ कुशल पायलट भी थे। उन्होंने देश की आजादी से पहले विमानों को उड़ाया और हाई रिस्क वाले कुछ मिशन को अंजाम दिया। 

कोलकाता में सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खड़ा है विमान 
भुवनेश्वर में उनके नाम वाले बीजू पटनायक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (बीपीआईए) के निदेशक प्रसन्ना प्रधान ने बताया कि एएआई ने प्रतिष्ठित नेता को श्रद्धांजलि के रूप में स्मारक बनाने के लिए अपनी जमीन दी है। डकोटा विमान को जनता के दर्शन के लिए स्मारक के तौर पर रखा जाएगा। प्रधान ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विमान में काफी उतार-चढ़ाव आया है। इतिहासकार अनिल धीर ने कहा कि पटनायक को डकोटा विमानों का बहुत शौक था। पूर्व सीएम ने अप्रैल 1947 में देश में उथल-पुथल की अवधि के दौरान इंडोनेशिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री सुतन सजहरीर और उपराष्ट्रपति मोहम्मद हट्टा को बचाने के लिए इस विशेष विमान का इस्तेमाल किया था। यह विमान वर्तमान में नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, कोलकाता पर खड़ा है। 

इंडोनेशिया की सरकार ने दो बार सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया 
इंडोनेशिया सरकार ने इसका आभार जताते हुए उपलब्धि के तौर पर बीजू पटनायक को दो बार अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भूमिपुत्र’ से सम्मानित किया था। पटनायक ने सक्रिय राजनीति में आने से पहले कलिंग एयरलाइंस की स्थापना की थी। यह कोलकाता से संचालित होती थी। निजी एयरलाइंस ने तब डकोटा सहित लगभग एक दर्जन हवाई जहाजों का संचालन किया था। तब इसके कुछ पायलट, जिनमें ओडिशा के वर्तमान सीएम नवीन पटनायक के पिता भी शामिल हैं, ब्रिटिश शासन के तहत रॉयल इंडियन एयर फोर्स के सदस्य भी थे। इतिहासकार अनिल धीर के अनुसार, बीजू पटनायक ने कई बार गुप्त रूप से भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को एक स्थान से दूसरे सुरक्षित स्थान तक भी पहुंचाया था। 

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