UP Election first Phase: जानिए क्यों नोएडा के वोट प्रतिशत पर टिका है पूरा सियासी गुणा-भाग

नोएडा : विधानसभा चुनाव के पहले चरण (UP Election first Phase) के लिए आज मतदान है। वोट डालने के लिए कितने मतदाता निकलेंगे, इसका जोड़-घटाव व अनुमान लगने शुरू हो गए हैं। बात अगर नोएडा (Noida) सीट की करें तो यहां पर अब तक हुए चुनाव में मतदान प्रतिशत (Voting Percentage) 50 के पार नहीं गया है। अबकी बार यह प्रतिशत बढ़े यही सभी दल सोच रहे हैं। बीजेपी से लेकर सपा, कांग्रेस, बीएसपी, आप तक सभी को मत प्रतिशत बढ़ने में ही अपने बेहतरी व जीत की उम्मीद नजर आ रही हैं। आखिर सभी राजनीतिक दल क्यों चाहते हैं कि मतदान बढ़े।

बीजेपी
पिछला चुनाव बीजेपी प्रत्याशी ने एक लाख से ज्यादा वोटों से जीता था। अबकी बार उनके सामने लीड बरकरार रखने की चुनौती है। इसलिए बीजेपी की चाहत है कि इस सीट पर मत प्रतिशत बढ़े और लीड भी ज्यादा हो या कम से कम बरकरार रहे। संगठन पिछले चुनाव का जब भी आकलन करता है तो पदाधिकारी यह कहते हुए सुनाई देते हैं कि अगर मतदान और हुआ होता तो लीड और बड़ी होती।

सपा
पिछले चुनाव में नंबर-2 पर रही सपा संगठन का यह दावा है कि इस बार उसके पक्ष में माहौल है। माहौल परिणाम में बदले इसके लिए वोटिंग का ज्यादा होना जरूरी है। सपा संगठन के पदाधिकारी मानते हैं कि पिछले चुनाव में पार्टी का वोटर कम निकला था। अबकी बार मतदान बढ़ना पक्ष में होने का दावा है। वोटर को बूथ तक निकालने के लिए तैयारी भी की है।

कांग्रेस
पिछला चुनाव (2017 में) कांग्रेस सपा के साथ गठबंधन में लड़ी थी। 2012 के चुनाव में 25 हजार से ज्यादा वोट उस समय कांग्रेस के प्रत्याशी को मिले थे। कांग्रेस संगठन का मानना है कि उसका एक वोट बैंक है जो पिछले चुनाव में सपा के साथ नहीं गया और शांत रहा। उसके पिछले चुनाव में पार्टी की उतनी मजबूती नहीं थी। इस बार और मजबूती का दावा है। इस आधार पर मतदान प्रतिशत बढ़ना अपने पक्ष में आने का गणित कांग्रेस का है।

बसपा
2012 के चुनाव में 49 हजार से ज्यादा वोट बसपा को इस सीट पर हासिल हुए थे। 2017 के चुनाव में 27 हजार 365 वोट इस सीट पर मिले। बसपा संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि पिछले चुनाव में उसका कैडर वोटर नहीं निकला। इस वजह से कम वोट मिले। अबकी बार उन वोटर्स को निकालने के साथ ही नया वोट बैंक भी जोड़ने का दावा है। इसलिए वोट बैंक बढ़ने पर पदाधिकारी चुनाव अपने पक्ष में मान रहे हैं।

आप
पहली बार विधानसभा चुनाव में उतरी आप पार्टी के पदाधिकारी मान रहे हैं कि उनका कोई वोट बैंक नहीं है। दावा है कि दिल्ली के केजरीवाल मॉडल पर जनता उनके तरफ ही है। परिवर्तन के लिए मतदाता निकलेगा। इस लिहाज से मत प्रतिशत बढ़ना आप के भी गणित में शामिल है।

अब तक के चुनाव में मतदान प्रतिशत में
1993-

जेवर-47.12

दादरी -56.19

1996-

दादरी-45.01

2002-

जेवर -50.09

जेवर-52.20

दादरी -43.84

2007-

जेवर-46.63

दादरी-42.29

2012-
जेवर-62.05

नोएडा-49.98

दादरी-58.03

2017-

जेवर-65.46

नोएडा-48.57

दादरी -60.13

 

 

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