Online bahis kullanıcılarının %54’ü haftada en az bir kez canlı bahis oynamaktadır; bu oran bahsegel giriş platformunda %63’tür.

Engellemelerden etkilenmemek için bettilt sık sık kontrol ediliyor.

Bahsegel güncel giriş bahsegel bettilt

OECD raporları, kullanıcıların %52’sinin “kayıp limiti” belirleyen platformları tercih ettiğini göstermektedir; paribahis bu özelliği destekler.

bahsegel giriş bettilt bahsegel bahsegel giriş bahsegel bahsegel giriş bahsegel bettiltguncel.com bettilturk-turk.click bettilt bettilt bahsegel bahsegel bettilt bahsegel giriş

देहरादून, 15 अक्टूबर 2021

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को छोड़कर राज्य में अन्य सभी पार्टियों का एजेंडा केवल चुनाव है और वह प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए ईमानदारी से काम कर रहे हैं। धामी ने यहां ‘पीटीआई भाषा’ को दिए साक्षात्कार कहा, भाजपा को छोड़कर सभी पार्टियां उत्तराखंड में चुनाव के लिए काम कर रही हैं। ये साढ़े चार साल गायब रहती हैं और अंत में चुनाव के समय आकर अपनी घोषणाएं करना शुरू कर देती हैं, इसलिए उनका एजेंडा केवल चुनाव है। उन्होंने कहा, हमारा एजेंडा केवल चुनाव नहीं है। हम प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए ईमानदारी से काम कर रहे हैं। (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी जी ने हमें ‘विजन-2025’ दिया है। जब 2025 में राज्य 25 वर्ष का होगा, तब यह हर क्षेत्र में आगे होगा और हिंदुस्तान का एक आदर्श राज्य होगा। उन्होंने (मोदी ने) स्वयं कहा है और वह इसके लिए प्रयासरत हैं। हम इसे साकार बनाने के लिए प्रयासरत हैं। इसके लिए हम सभी का आशीर्वाद चाहते हैं, जो मिल भी रहा है।

दलित नेता यशपाल आर्य के भाजपा छोड़कर कांग्रेस में जाने के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे भाजपा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, हमारी पार्टी एक लोकतांत्रिक और संगठन आधारित पार्टी है। हमारी पार्टी ‘देश प्रथम, पार्टी द्वितीय और व्यक्ति अंतिम’ के सिद्धांत पर काम करती है और हमारा लक्ष्य प्रदेश को आगे बढाना है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता इस आधार पर काम नहीं करते कि कौन आता है और कौन जाता है तथा वे इस आधार पर काम करते हैं कि देश और प्रदेश के लिए क्या अच्छा है।

कांग्रेस के दल-बदल को बढ़ावा नहीं देने, लेकिन भाजपा की ऐसी गतिविधियों का जवाब देने से न चूकने संबंधी पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए धामी ने कहा, ”एक तरफ हरीश रावत कहते हैं कि हम दल-बदल को बढ़ावा नहीं देंगे और दूसरी तरफ वह ऐसा कर भी रहे हैं। कांग्रेस महासचिव रावत ने कहा था कि कांग्रेस दल-बदल को बढ़ावा नहीं देती और उत्तराखंड के लिए इसे अशुभ मानती है लेकिन अगर भाजपा दल-बदल की गेंद से हमारे साथ खेलेगी, तो हम भी चूकेंगे नहीं।

जाइए और पसंद के नहीं हैं तो उनके लिए अपने मानक बना देते हैं। किसान आंदोलन के कारण चुनावों में भाजपा को नुकसान पहुंचने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर धामी ने सीधा जवाब नहीं दिया और कहा कि वह एक सैनिक परिवार के होने के साथ ही स्वयं एक किसान भी हैं। उन्होंने कहा, सभी किसान हमारे भाई हैं और हम आपस में मिलते-जुलते और बात करते रहते हैं। हम एक परिवार है। चुनाव एक अलग विषय है। मैं उनके बीच से हूं और मुझे लगता है कि वे ऐसा सोचेंगे भी नहीं।

चारधाम प्रबंधन देवस्थानम बोर्ड को भंग किए जाने को लेकर पुरोहितों के आंदोलन के बारे में धामी ने कहा कि वह स्वयं सबसे बात कर रहे हैं और इस संबंध में वरिष्ठ भाजपा नेता मनोहर कांत ध्यानी की अध्यक्षता में बनी समिति सभी पक्षों को सुनकर नवंबर तक अपनी रिपोर्ट दे देगी। पलायन के मुददे पर धामी ने कहा कि वन अनुसंधान संस्थान के पूर्व निदेशक एस एस नेगी की अध्यक्षता में बने पलायन आयोग ने इस पर काम किया है और कई रिपोर्ट तैयार की हैं। उन्होंने कहा, हम पलायन रोकने के लिए स्वरोजगार जैसी योजनाएं लाकर नए सिरे से काम कर रहे हैं ताकि लोगों को काम मिले, उनकी आजीविका चल सके।

अपने 100 दिन के कार्यकाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी कोशिश रही है कि नौकरशाही सही से काम करे और लोगों की समस्याओं का निस्तारण हो। उन्होंने कहा कि घोषणाएं करने से पहले उन्होंने संबंधित विभागों से आकलन कराया और उसके बाद वित्त विभाग से परामर्श लिया, जिससे उनके लाभ लोगों को जल्द मिलने लगे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से ज्यादा प्रभावित हुए पर्यटन, स्वास्थ्य, परिवहन और सांस्कृतिक क्षेत्रों के लिए उन्होंने पैकेज घोषित किए।

धामी ने भरोसा जताया कि चुनाव के परिणाम भाजपा के अनुकूल रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के केंद्र में आने के बाद से उत्तराखंड के लिए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, चारधाम आल वेदर रोड, हवाई संपर्क, भारत माला परियोजना और भव्य केदारपुरी निर्माण, 250 करोड़ रुपए के बदरीनाथ मास्टर प्लान सहित चारों धामों के लिए 700 करोड़ रुपए से ज्यादा के काम समेत कई ऐतिहासिक कार्य हुए हैं और इसका लाभ भाजपा को मिलेगा।