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पिथौरागढ़, 20 सितम्बर 2021

भारत और नेपाल की सेनाओं के बीच सैन्य अभ्यास पिथौरागढ़ (Pithoragarh) में शुरू हो गया है. 14 दिनों तक चलने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास में दोनों मुल्कों के 650 जवान शिरकत कर रहे हैं. कोरोना संकट के बाद दोनों देशों के बीच ये पहला सैन्य अभ्यास है. भारत और नेपाल के बीच 2006 में सूर्य किरण अभियान के तहत सैन्य अभ्यास का आगाज हुआ था. बीते साल कोरोना के कारण सैन्य अभ्यास नहीं हो पाया था. लेकिन कोरोना से हालात काबू में आने के बाद सूर्य किरण अभियान फिर शुरू हो गया है. पिथौरागढ़ में 6 गढ़वाल रेजीमेंट के मैदान में संयुक्त सैन्य अभ्यास का शानदार आगाज किया गया. भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल एसएस महल ने सैन्य अभ्यास को हरी झंडी दिखाई. दोनों मुल्कों के बीच रिश्ते होंगे और अधिक मजबूत.

सूर्य किरण अभियान के तहत भारत और नेपाल के बीच बारी-बारी से सैन्य अभ्यास होता है. दोनों मुल्कों के बीच अब तक 14 सैन्य अभ्यास हो चुके हैं. 15 वें सैन्य अभ्यास में दोनों देशों के जवान आंतकवाद और आपदा से लड़ने के गुर तो साझा करेंगे ही, साथ ही युद्द की आधुनिक तकनीक भी एक-दूसरे से सीखेंगे. यही नहीं सैन्य हथियारों के बारे में भी दोनों मुल्कों के सैनिक अपनी जानकारियां सांझा करेंगे. भारतीय सेना का मानना है कि इस तरह के सैन्य अभ्यास से दोनों मुल्कों के रिश्ते और अधिक मजबूत होंगे. भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल एसएस महल का कहना है कि भारत और नेपाल के बीच रिश्तों की डोर पारम्परिक तौर पर जुड़ी है, लेकिन इस तरह से संयुक्त सैन्य अभ्यासों से रिश्तों में मजबूती आएगी. साथ ही महल का कहना है कि दोनों देशों की सेनाओं को इस अभ्यास से काफी कुछ जानने को मिलेगा

पहाड़ी इलाके में होने वाला सैन्य अभ्यास दोनों मुल्कों के जवानों लिए काफी फायदेमंद बताया जा रहा है. 14 दिनों तक चलने वाले सैन्य अभ्यास में दोनों मुल्कों के जवानों को काफी कुछ नया सीखने को मिलेगा, जिसका सीधा फायदा दोनों देशों के सुरक्षा तंत्र को मिलेगा