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देहरादून, 5 सितम्बर 2021

राज्य में पुलिस जवानों के ग्रेड-पे मामले की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि पुलिस जवानों के वर्दी किट और वर्दी भत्ते काट लिए गए. जिसपर अब जवानो में अंदरूनी आक्रोश देखने को मिल रहा है. जल्द जवानों के भत्ते मामले को न सुलझाया गया तो आक्रोश कहीं न कहीं आने वाले दिनों में सरकार से लेकर अधिकारियों के गले की फांस बन सकता है.

दरअसल, पुलिस मुख्यालय ने इस साल से पुलिस जवानों को वर्दी किट के एवज में वर्दी भत्ता देने का प्रस्ताव शासन को भेजा था. इस प्रस्ताव पर तो कोई कार्यवाही नहीं हुई, बल्कि शासन ने जवानों की वर्दी किट के साथ वर्दी धुलाई भत्ते में भी कटौती कर दी. इस नुकसान से पुलिस जवानों में रोष है. वैसे, पुलिस मुख्यालय फिर से शासन को प्रस्ताव भेज रहा है, ताकि पुलिस जवानों का हक न मारा जाए.

जवानों के भत्ते में कटौती

पुलिस जवानों को सालाना वर्दी भत्ता सहित वर्दी धुलाई भत्ते का जो शासनादेश जारी हुआ है उसके अनुसार, पुलिस कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल के समतुल्य जवानों को वर्दी भत्ता और वर्दी धुलाई भत्ता दोनों मिलाकर मात्र 2250 रुपये सालाना मिलेंगे. इस शासनादेश से पुलिस जवानों को बड़ा नुक्सान होने जा रहा है. दरअसल, बीते साल तक पुलिस जवानों को हर महीने 200 रुपये वर्दी धुलाई भत्ता मिलता था, जो सालाना 2400 रुपये होते थे. साथ ही पुलिस हेडक्वॉर्टर से वर्दी किट भी उपलब्ध करवाई जाती थी. इस साल मुख्यालय स्तर से शासन में एक प्रस्ताव भेजा गया था, जिसके तहत वर्दी किट के एवज में जवानों को हर साल 3500 रुपये दिए जाने का प्रस्ताव था. लेकिन शासन ने पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव के बिल्कुल उलट आदेश जारी कर दिया.

संशोधित शासनादेश की उम्मीद

इस मसले पर मुख्यालय प्रवक्ता नीलेश आनंद भरणे का कहना है कि शासन का आदेश कुछ त्रुटिवश हुआ है. शासन स्तर पर बातचीत चल रही है. जल्द ही संशोधित शासनादेश जारी होगा. जिसमें जवानों को उनका हक पूरा मिलेगा.