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लखनऊ, 10 नवंबर 2021

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 नवम्‍बर को सुल्तानपुर में कूडेभार स्थित एयरस्ट्रिप पर दोपहर 2:30 बजे इस एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस प्रस्तावित कार्यक्रम की पुष्टि कर दी है। उनके सामने भारतीय वायु सेना के आधुनिक लड़ाकू विमान एयरस्ट्रिप पर उतरेंगे और यहीं से उड़ान भरेंगे। आपात स्थितियों में इस एयर स्ट्रिप का उपयोग ये विमान कभी भी कर सकेंगे। गौरतलब है कि इसके पहले इससे पहले आगरा एक्सप्रेस-वे और यमुना एक्सप्रेस-वे पर विमान उतर चुके हैं।

उत्‍तर प्रदेश की सियासत में एक्‍सप्रेस-वे पर विमानों का उतरना भी मुद्दा बनता रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव अक्‍सर अपने समय में बने आगरा एक्‍सप्रेस वे पर विमान उतरने का हवाला देते हुए इसकी विश्‍व स्‍तरीय गुणवत्‍ता का दावा करते हैं। अब पूर्वांचल एक्‍सप्रेस वे के लोकार्पण के मौके पर पीएम मोदी के सामने यहां बनी एयर स्ट्रिप पर फाइटर प्लेन उतरेंगे। इसके लिए कूरेभार थाने में एयर ट्रैफिक सिग्नल कंट्रोलर लगा ट्रक खड़ा कर दिया गया है। कितने बजे, कितने फाइटर प्लेन उतरेंगे, सेना के अधिकारियों ने इसे गोपनीय रखा है।

इस बारे में उत्‍तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने मीडिया को बताया कि वे वायुसेना से अनुरोध करेंगे कि वो जल्द नई एयर स्ट्रिप पर फाइटर प्लेन उतारकर टेस्ट करें। उन्‍होंने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर बनी हवाई पट्टी पर किसी भी तरह का विमान उतारा जा सकता है। भारतीय वायुसेना इससे पहले आगरा एक्सप्रेस-वे पर मिराज 2000, जैगुआर, सुखोई 30 और सुपर हरक्यूलस जैसे जहाज सफलतापूर्वक उतार चुकी है। कहा जा रहा है कि इन हवाई पट्टियों से भारतीय लड़ाकू विमान पाकिस्तान और चीन पर तुरंत एक्शन ले सकते हैं।

हादसे रोकने को एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम

301 किमी के एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित यात्रा के लिए कई पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है। हादसे का सबब बनने वाले पशुओं को रोकने के लिए दोनों तरह फेंसिंग की गई है। इसके अलावा इन आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए कई टीमें एक्सप्रेस पर तैनात की गई हैं। दुर्घटना की स्थिति में हर पैकेज में लाइफ सपोर्ट सिस्टम युक्त दो-दो एंबुलेंस तैनात की गई हैं। सैनिक कल्याण बोर्ड ने यहां सुरक्षा कर्मी तैनात किए हैं। 20 पेट्रोलिंग वाहन तैनात किए गए हैं। क्रैश बैरियर भी लगाए गए हैं।

फिलहाल टोल मुक्‍त रहेगा सफर

लखनऊ से गाजीपुर तक का पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे 16 नवंबर से जनता के लिए खुल जाएगा। इसके जरिए 301 किमी का सफर करीब 3.50 घंटे में पूरा हो जाएगा। सरकार को इस एक्सप्रेसवे के जरिए टोल के रूप में 202 करोड़ रुपये सालाना मिलेंगे। अभी तो कुछ दिन यह सफर मुफ्त रहेगा। टोल टैक्स वसूलने का काम निजी कंपनी को दिया गया है। यह कंपनी जल्द प्रति किमी के हिसाब से टोल की दरें तय करेगी और दोनों छोर पर बने टोल प्लाजा से आने-जाने पर टोल टैक्स लगेगा। माना जा रहा है कि इसकी दरें लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे की दरों के आसपास ही रहेंगी। इस नवनिर्मित एक्सप्रेसवे पर फिलहाल रोजाना 15 से 20 हजार वाहन गुजरेंगे। यह तादाद धीमे-धीमे और बढ़ेगी। यूपीडा की कोशिश है कि पूर्वी यूपी व बिहार से आने वाले लोग दिल्ली नोएडा जाने के लिए इस एक्सप्रेसवे के अलावा लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे व यमुना एक्सप्रेसवे का भी इस्तेमाल करें। इससे इस एक्सप्रेस वे का अधिकतम उपयोग हो सकेगा। इसके साथ ही टोल के जरिए यूपीडा की आमदनी भी बढ़ेगी। लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे की तरह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स में 25 प्रतिशत की छूट मिलेगी। लोकार्पण के साथ नवनिर्मित एक्सप्रेसवे आम जनता के लिए खुल जाएगा।