उन्नाव, जनपद की भगवंतनगर की जनसभा में शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह और आखिलेश के संबंधों पर निशाना साधा तो प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव पर करारा तंज कसा। कहा, करहल के मंच पर पिता नाम ही भूल गए और नेता चिल्लाते रह गए, इतना ही नहीं सभी ने देखा कि सबसे बड़ी दुर्गति शिवपाल की हो गई है। दरअसल, गुरुवार को सैफई से रथ पर सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव एक साथ करहल गए थे और मुलायम सिंह ने जनसभा को संबोधित किया था। इसी पर जनसभा में मुख्यमंत्री का तंज केंद्रित रहा।
उन्नाव की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपको आश्चर्य होगा कि करहल में भाजपा जीत के लिए मजबूती के साथ खड़ी है। कल आपने देखा होगा कि जिस दिन समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने नामांकन किया था तो उस दिन कहा था मैं दोबारा अब सर्टिफिकेट लेने ही आऊंगा और उसके बीच नहीं अाउंगा। लेकिन, जैसे ही भाजपा से प्रो. एसपी सिंह बघेल प्रत्याशी हुए तो अखिलेश भागकर पांचवें दिन वहां पहुंच गए। फिर उनको लगा जनता के सामने झूठ की दाल नहीं गलेगी तो फिर वहां नेताजी मुलायम सिंह जी को भी लेकर चले गए। मुलायम सिंह जी मंच पर गए और कहा ठीक है भाइयो बहनों अाप जो काम करहल में कर रहे अच्छा कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी के नेता चिल्लाते रह गए थे, कह रहे थे आप बोलिये न इनको वोट दें। उन्होंने कहा कि जिसको यहां कि जनता जिताना चाहती है जिता दीजिए। यानि उन्हें नाम भी नहीं मालूम था, पिता और पुत्र में ऐसा संबंध है।
मुख्यमंत्री ने कहा- अच्छा बताओ पुत्र अपने पिता का पैर कहां छुएगा घर पर छुएगा या मंच पर छुएगा। क्या दिखाने की बात है, घर पर बोल चाल नहीं होती और मंच पर दिखाने के लिए बाप का पैर छू रहे हैं। इसमें तो सबसे बड़ी दुर्गति तो उस बेचारे शिवपाल की हो गई है, जो प्रदेश का नेता था कल बेचारे को कुर्सी नहीं मिली तो सोफे के हत्थे पर बैठा हुआ था, वहां भी देखकर लगता था कि कब कोई हटा दे। तो ये समाजवादी कुनबे के हाल हैं, जिनको स्वयं पर विश्वास न हो तो उनपर प्रदेश की जनता कैसे विश्वास कर सकती है।

बताते चलें कि गुरुवार को मैनपुरी करहल में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव बेटे सपा प्रमुख अखिलेश यादव के लिए जनसभा को संबोधित करने गए थे। सैफई से रथ पर मुलायम सिंह यादव के साथ अखिलेश यादव और प्रसपा प्रमुख शिवपाल सिंह यादव भी सवार था। रथ के अंदर सोफे पर बैठे मुलायम सिंह यादव और पीछे खड़े शिवपाल यादव और बाद में सोफे के हत्थे पर बैठे होने की फाेटो इंटरनेट मीडिया के वाट्सएप आैर फेसबुक पर वायरल हुई थी। इसके साथ ही जनसभा में सपा संरक्षक मुलायम सिंह के अखिलेश का नाम भूल जाने और पास खड़े सपा नेता द्वारा अखिलेश का नाम लेकर वोट मांगने के लिए याद दिलाने का वाक्या सुर्खियों में आ गया था। वहीं रथ के अंदर की फोटो को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने चुटकी भी ली थी और ट्वीटर अकाउंट पर पोस्ट डालते हुए लिखा था कि चाचा को न चुनाव में न रथ में सीट..।




