‘ना मुस्लिम मेरे लिए अछूत, ना हिंदुत्व से मेरा कोई सरोकार’, बोलीं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल

‘ना मुस्लिम मेरे लिए अछूत, ना हिंदुत्व से मेरा कोई सरोकार’, बोलीं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल

लखनऊ, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले अपना दल सोनेलाल की अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बड़ा बयान दिया है। अनुप्रिया पटेल ने हिंदुत्व और हिंदू जैसे मुद्दों से खुद को अलग बताया है। साथ ही साथ अनुप्रिया पटेल ने कहा कि उनके पार्टी की विचारधारा बीजेपी से अलग है। अनुप्रिया पटेल ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा कि मुस्लिम उम्मीदवार उनके लिए अछूत नहीं है। अनुप्रिया पटेल का ये बयान पहले चरण के मतदान से ठीक 3 दिन पहले आया है।

अनुप्रिया पटेल ने पीटीआई से कहा कि हां हम बीजेपी की विचारधारा से अलग हैं। लोग हमसे हिंदुत्व और अन्य मुद्दों पर सवाल पूछने का प्रयास कर रहे हैं और मैं उन सभी मुद्दों से खुद को अलग करती हूं और मेरी पार्टी धर्म की राजनीति नहीं करती है। हम सामाजिक न्याय के लिए खड़े हैं और यही हमारी विचारधारा है। अनुप्रिया पटेल ने आगे कहा कि हमने हमेशा समाज के हाशिए पर रहने वाले वर्गों के लिए काम किया है, चाहे वह सड़क पर हो या संसद में। यही हमारा सिद्धांत है और हम इसी पर टिके हैं।

बता दें कि अपना दल सोनेलाल 2014 के लोकसभा चुनाव से ही बीजेपी के साथ गठबंधन में है और 2022 के विधानसभा चुनाव में अपना दल ने पहली बार मुस्लिम उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया है। अपना दल सोनेलाल ने हैदर अली जो कांग्रेस की वरिष्ठ नेता बेगम नूर बानो के पोते हैं ,उन्हें आजम खान के बेटे के खिलाफ सुआर विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतारा है। अपना दल (एस) प्रमुख अनुप्रिया पटेल ने हैदर अली के सवाल पर कहा कि मुझे नहीं समझ आता कि क्यों सभी लोग उम्मीदवार को धर्म के चश्मे से देख रहे हैं। वह एक अच्छे युवा है और पढ़े लिखे हैं।

पिछले चुनाव में एनडीए की तरफ से एक भी मुस्लिम उम्मीदवार नहीं होने के सवाल पर अनुप्रिया पटेल ने कहा कि उनकी पार्टी उम्मीदवार को धर्म के चश्मे से नहीं देखती। हैदर अली अपना दल सोनेलाल और एनडीए के पहले मुस्लिम उम्मीदवार हैं।

अनुप्रिया पटेल ने कहा कि, “जब हमारी पार्टी के फाउंडर सोनेलाल पटेल जिंदा थे उस समय हमारी पार्टी के पहले विधायक हाजी मुन्ना प्रतापगढ़ सदर विधानसभा से जीते थे। कई मुस्लिम हमारी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बने हैं, इसलिए हमारी पार्टी के लिए मुस्लिम अछूत नहीं है और मैं उम्मीदवारों को धर्म के नजरिए से नहीं देखती।”

अनुप्रिया पटेल जोकि केंद्रीय मंत्री भी हैं, उन्होंने कहा कि “अपना दल (एस) ने हमेशा विचारधारा आधारित मुद्दे जैसे सामाजिक न्याय को प्रमुखता से उठाया है। पार्टी ने NEET परीक्षा में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे को भी बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के सामने उठाया था।

अनुप्रिया पटेल ने कहा कि, “मूड बहुत साफ है। हम उत्तर प्रदेश में सरकार वापस बनाएंगे। लोगों ने उत्तर प्रदेश में सुशासन और समावेशी विकास देखा है। मुझे लगता है कि हम राज्य में लोगों की अपेक्षाओं को काफी हद तक पूरा करने में सफल रहे हैं। जनता ने अच्छी कानून व्यवस्था देखी है और समावेशी विकास को देखा है और हमें जनता समर्थन करेगी।”

नेताओं के बीजेपी छोड़ने के सवाल पर अनुप्रिया पटेल ने कहा कि, “नेता चाहे किसी भी जाति के हो, चुनाव से पहले दूसरी पार्टियों में जाना एक आम चलन है।”

अपना दल ने अभी तक 13 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है जबकि 5 और उम्मीदवारों का ऐलान पार्टी कर सकती है। पिछले विधानसभा चुनाव में अपना दल ने 11 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 9 सीटें जीती थी। अपना दल के पास लोकसभा में दो सांसद भी हैं।

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