पटना: बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट पर मुकाबला लगातार दिलचस्प होता जा रहा है। जेडीयू के मौजूदा MLC नीरज कुमार एक बार फिर चुनाव मैदान में हैं, जबकि जन सुराज ने डॉ. अनुज सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। इस बीच जेडीयू विधायक अनंत सिंह के अनुज सिंह के समर्थन में खुलकर सामने आने से मुकाबले ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। गुरुवार, 1 अक्टूबर को अनुज सिंह ने पटना में समर्थकों के साथ नामांकन रैली निकाली। इस दौरान अनंत सिंह भी उनके साथ नजर आए। रैली में बड़ी संख्या में समर्थक जुटे और वाहनों का काफिला भी दिखाई दिया। हालांकि, जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर इस कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे। वह उसी दिन दरभंगा में पार्टी के एक अन्य उम्मीदवार के नामांकन कार्यक्रम में शामिल हुए।
अनुज सिंह की रैली से क्यों दूर रहे प्रशांत किशोर?
प्रशांत किशोर के पटना की जगह दरभंगा में रहने को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग चर्चाएं हैं। एक चर्चा यह है कि अनंत सिंह की मौजूदगी से खुद को अलग रखना जन सुराज की उस राजनीतिक छवि के अनुरूप हो सकता है, जिसमें पार्टी आपराधिक छवि वाले नेताओं से दूरी की बात करती रही है। हालांकि, प्रशांत किशोर ने अनंत सिंह के अनुज सिंह को समर्थन देने पर सवाल पूछे जाने पर कहा कि पूरा बिहार जन सुराज का समर्थन कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अनंत सिंह ने समर्थन कर दिया तो इसमें क्या बड़ी बात है। इस बयान के बाद अनंत सिंह के समर्थन और जन सुराज की राजनीति को लेकर बहस तेज हो गई है।
अनुज सिंह को टिकट देने के समय पर भी उठे सवाल
पटना स्नातक सीट पर जेडीयू और जन सुराज के बीच मुकाबला उस समय और चर्चा में आया, जब जेडीयू ने नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया और इसके बाद जन सुराज ने अनुज सिंह के नाम का ऐलान किया। अनंत सिंह पहले अनुज सिंह को जेडीयू से टिकट दिए जाने की पैरवी कर रहे थे। जेडीयू की ओर से नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद अनुज सिंह जन सुराज के टिकट पर चुनाव मैदान में उतर गए। इसी घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह चर्चा है कि जन सुराज ने जेडीयू के उम्मीदवार के ऐलान के बाद अपनी रणनीति तय की। हालांकि, पार्टी की ओर से इसे किसी खास राजनीतिक रणनीति के तहत उठाया गया कदम बताया गया है या नहीं, यह अलग विषय है।
अनंत सिंह के समर्थन से मुकाबला हुआ दिलचस्प
पटना स्नातक सीट पर इस बार उम्मीदवारों के साथ-साथ अनंत सिंह की भूमिका भी चर्चा में है। जेडीयू विधायक का अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के बजाय जन सुराज प्रत्याशी के समर्थन में खड़ा होना पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। अनंत सिंह पहले भी नीरज कुमार के साथ अपने राजनीतिक मतभेदों का जिक्र कर चुके हैं। उनका कहना है कि नीरज कुमार ने चुनावों के दौरान कई बार उनका विरोध किया, लेकिन उस समय पार्टी की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। इसी आधार पर अनंत सिंह ने अपने मौजूदा रुख को लेकर भी सवाल उठाए हैं कि अगर पहले उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो अब उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों होगी।
अनंत सिंह के रुख पर JDU नेतृत्व की नजर
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के MLC चुनाव में JDU विधायक अनंत सिंह के जन सुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में खुलकर सामने आने के बाद मामला पार्टी नेतृत्व तक पहुंच गया है। अनंत सिंह ने JDU के मौजूदा MLC और पार्टी प्रत्याशी नीरज कुमार के समर्थन से इनकार करते हुए अनुज सिंह के पक्ष में खड़े होने का ऐलान किया है। 1 अक्टूबर को अनुज सिंह के नामांकन में भी अनंत सिंह शामिल हुए। JDU नेताओं ने कहा है कि मामले की जानकारी पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व को है और आगे का फैसला नेतृत्व स्तर पर लिया जाएगा। फिलहाल अनंत सिंह के खिलाफ किसी कार्रवाई की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
मदन सहनी बोले- चुनाव में लोग इधर-उधर होते रहते हैं
अनंत सिंह के रुख पर JDU नेता और मंत्री मदन सहनी ने कहा कि चुनाव के दौरान कुछ लोग इधर-उधर होते रहते हैं और इस मामले में अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व को लेना है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है और NDA उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित होगी। वहीं, अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई होगी या नहीं, इस पर पार्टी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है।
अब फैसले पर सबकी नजर
पटना स्नातक सीट पर फिलहाल मुख्य मुकाबला JDU के नीरज कुमार और जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह के बीच है। इस बीच JDU विधायक अनंत सिंह का अनुज सिंह के समर्थन में खुलकर आना चुनावी घटनाक्रम का अहम हिस्सा बन गया है। अब नजर इस बात पर है कि JDU नेतृत्व अनंत सिंह के रुख पर क्या फैसला लेता है और पार्टी के भीतर चल रहे इस मतभेद का आगे क्या असर सामने आता है।


