वक्फ (संशोधन) विधेयक के खिलाफ जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन, बांग्लादेश की हसीना अच्छी लेकिन हिंदुस्तान का हुसैन नही…

वक्फ (संशोधन) विधेयक के खिलाफ जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन, बांग्लादेश की हसीना अच्छी लेकिन हिंदुस्तान का हुसैन नही…

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 13 मार्च 2025 को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 के खिलाफ एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। इस प्रदर्शन में विभिन्न मुस्लिम संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी दलों के नेताओं ने भाग लिया, जिन्होंने सरकार पर वक्फ संपत्तियों को हड़पने का आरोप लगाया और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।

AIMPLB का विरोध और आरोप

AIMPLB के प्रवक्ता सैयद कासिम रसूल इलियास ने कहा कि यह विधेयक मुस्लिम समुदाय की वक्फ संपत्तियों, मस्जिदों, कब्रिस्तानों, दरगाहों, मठों और मदरसों पर कब्जा करने और उन्हें नष्ट करने के इरादे से लाया गया है। उन्होंने इसे मुस्लिम समुदाय के धार्मिक और सामाजिक अधिकारों का हनन बताया और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।

विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने सरकार पर वक्फ संपत्तियों को लूटकर अपने उद्योगपति दोस्तों को देने का आरोप लगाया और कहा कि अगर वे जेपीसी सदस्यों की राय नहीं सुनने वाले थे तो उन्होंने जेपीसी क्यों बनाई।

सिख समुदाय का समर्थन

सिख पर्सनल लॉ बोर्ड के संयोजक प्रो. जगमोहन सिंह ने कहा कि इस कानून को रोकने के लिए एक बार फिर से बॉर्डर सील करने पड़े तो करेंगे। हम संदेश देंगे कि मुसलमानों की लड़ाई हमारी लड़ाई है।

भाजपा का पक्ष

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि भू-माफिया के हाथों से निकालकर गरीबों के हाथ में देना ही देश के हर मुसलमान और देश के हर नागरिक की मांग है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग भू-माफियाओं के इशारों पर कठपुतली की तरह नाच रहे हैं और उन्हें विरोध के नाम पर अपनी दुकान चलाने के बजाय गरीबों और मुसलमानों के हित में सोचने की कोशिश करनी चाहिए।

आंदोलन की दिशा

AIMPLB और अन्य मुस्लिम संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि यह विधेयक पारित हुआ, तो राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मुस्लिमों का मामला नहीं है बल्कि मुल्क के संविधान का मामला है और इसके खिलाफ हर हाल में मुखालफत करनी है।

इस प्रकार, वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन ने सरकार और मुस्लिम संगठनों के बीच तनाव को उजागर किया है, जो आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है।

Share post:

Popular

More like this
Related