नई दिल्ली: बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में हलचल तेज हो गई है। 26 मार्च को दिल्ली में बिहार के एनडीए सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह बैठक बीजेपी सांसद संजय जायसवाल के आवास पर आयोजित की गई, जिसमें बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गिरिराज सिंह, चिराग पासवान, ललन सिंह, जीतन राम मांझी समेत बिहार एनडीए के लगभग सभी प्रमुख नेता मौजूद रहे। बैठक में आगामी चुनाव की रणनीति और सीट बंटवारे को लेकर चर्चा हुई।
एनडीए नेताओं की बैठक में क्या हुआ?
बैठक के दौरान बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सभी नेताओं से एकजुट होकर चुनाव लड़ने और जीतने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में बिहार एनडीए ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अच्छा प्रदर्शन किया था। अब 2025 के विधानसभा चुनाव में भी उसी ऊर्जा के साथ काम करना होगा ताकि फिर से एनडीए की सरकार बने।
जेपी नड्डा ने यह भी कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में गठबंधन को मजबूती से आगे बढ़ाना है। पीएम नरेंद्र मोदी का हाल ही में भागलपुर दौरा सफल रहा था, अब अगले महीने मधुबनी में होने वाले उनके कार्यक्रम को भी उसी स्तर पर सफल बनाना होगा।
सीट बंटवारे पर नहीं बनी सहमति
बैठक में बिहार एनडीए में सीट बंटवारे पर चर्चा तो हुई, लेकिन कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। हालांकि, घटक दलों ने अपनी मांगें रखनी शुरू कर दी हैं। चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने 40 सीटों की मांग की है, जबकि हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने भी करीब 40 सीटों की दावेदारी पेश की है।
अब तक बीजेपी और जेडीयू की ओर से सीट बंटवारे को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। एनडीए में शामिल राष्ट्रीय लोक मंच ने भी अभी तक सीटों पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि गठबंधन के बड़े दल किस तरह से सीटों का बंटवारा तय करते हैं।
अमित शाह के बिहार दौरे पर टिकी निगाहें
बैठक से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बिहार दौरे की भी घोषणा की गई। अमित शाह 29 मार्च को बिहार पहुंचेंगे और चुनाव की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। यह शाह का इस चुनाव से पहले बिहार का पहला दौरा होगा।
गृह मंत्री के पटना दौरे को लेकर बीजेपी ने अपने सभी सांसदों, प्रदेश प्रभारियों और अन्य वरिष्ठ नेताओं को पटना में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। अमित शाह इस बैठक में गठबंधन के नेताओं से फीडबैक लेंगे और उसी के आधार पर बीजेपी अपनी आगे की रणनीति तैयार करेगी।
चुनावी समीकरणों पर नजर
बिहार में इस बार का विधानसभा चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है। जहां एक ओर एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है, वहीं अब तक मुख्यमंत्री पद के लिए औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। विपक्षी महागठबंधन भी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।
एनडीए की इस बैठक को चुनावी तैयारी का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, सीट बंटवारे को लेकर जो माथापच्ची चल रही है, वह आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है। अब सभी की निगाहें अमित शाह की बैठक और उसमें लिए जाने वाले फैसलों पर टिकी होंगी।




