Online bahis kullanıcılarının %54’ü haftada en az bir kez canlı bahis oynamaktadır; bu oran bahsegel giriş platformunda %63’tür.

Engellemelerden etkilenmemek için bettilt sık sık kontrol ediliyor.

Bahsegel güncel giriş bahsegel bettilt

OECD raporları, kullanıcıların %52’sinin “kayıp limiti” belirleyen platformları tercih ettiğini göstermektedir; paribahis bu özelliği destekler.

bahsegel giriş bettilt bahsegel bahsegel giriş bahsegel

SP प्रत्याशी डिंपल यादव ने मैनपुरी से रचा इतिहास, जानिए इस बड़ी बढ़त में चाचा शिवपाल का कितना रहा योगदान

SP प्रत्याशी डिंपल यादव ने मैनपुरी से रचा इतिहास, जानिए इस बड़ी बढ़त में चाचा शिवपाल का कितना रहा योगदान

मैनपुरी: उत्तर प्रदेश की मैनपुरी लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की पत्नी डिंपल यादव की जीत हुई। सपा उम्मीदवार डिंपल को अखिलेश यादव के करहल विधानसभा क्षेत्र से अधिक वोट शिवपाल सिंह यादव के जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र से मिले हैं। इससे साफ जाहिर है कि चाचा शिवपाल यादव अपना दम दिखाने में कामयाब रहे हैं। डिंपल को जसवंतनगर सीट से ज्यादा वोट मिलने के पीछ कोई और नहीं बल्कि चाचा का ही बहुत बड़ा योगदान है। इसी वजह से नेताजी के निधन के बाद एक बार फिर मैनपुरी का गढ़ सपा के पास बना है। फिलहाल मैनपुरी उपचुनाव में डिंपल यादव 118906 वोटों से आगे चल रही हैं।

करहल से भी अधिक वोट डिंपल को चाचा के गढ़ से है मिले
उपचुनाव के प्रचार प्रसार में सबसे ज्यादा फोकस चाचा शिवपाल पर ही किया जा रहा था कि क्या जसवंतनगर से डिंपल को भारी वोटों की संख्या मिलेंगे की नहीं। गुरुवार को शुरू हुई गिनती के बाद से स्थिति साफ हो गई और उनको करहल से भी ज्यादा वोट चाचा के गढ़ से मिले हैं। मैनपुरी में सबसे ज्यादा सुर्खियां उन्होंने ही बटोरी है। इतना ही नहीं चुनाव के दौरान ही सरकार ने जेड श्रेणी सुरक्षा को वाई श्रेणी में बदल दिया तो हर किसी ने इसको मैनपुरी उपचुनाव में उनके स्टैंड से जोड़कर देखा।

रिवर फ्रंट घोटाले में शुरू हुई जांच के बाद भी नहीं रूके थे चाचा
सुरक्षा के बाद लखनऊ के रिवर फ्रंट घोटाले में शिवपाल की भूमिका की जांच फिर से शुरू होने और लखनऊ में उनका आलीशान बंगला खाली कराए जाने की तैयारी की खबरें भी आने लगी लेकिन यह सब किनारे रखकर चाचा शिवपाल ने बहू के पक्ष में लगातार मैदान में डटे रहे और उनके समर्थन के लिए लोगों से अपील करते रहे। इसी कारण वश साफ देखा जा सकता है कि डिंपल यादव ने वोटों में पहले ही बढ़त बना ली थी और उन्होंने जसवंतनगर सीट से इतने वोट मिलने से इतिहास रच दिया है।

अखिलेश यादव की सटीक रणनीति ने जिताई डिंपल को जीत
प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल की कोशिशें और अखिलेश की सटीक रणनीति के साथ समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन से उपजी सहानुभूति का असर यह रहा कि जसवंतनगर में डिंपल को सबसे बड़ी लीड मिली है। राजनीतिक जानकारों का कहना तो यह भी है कि चाचा शिवपाल ने बहू को झोली में इस सीट से इतने वोट डाल दिए हैं जितने उन्हें खुद भी नहीं मिले थे। मैनपुरी में जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा योगदान रहा है।    

डिंपल की जीत पर बोले चाचा शिवपाल- नेताजी के आदर्शों की है जीत
समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार व नेताजी की बहू डिंपल यादव की जीत को लेकर चाचा शिवपाल का कहना है कि नेताजी के आर्दशों की जीत है। उन्होंने जो विकास कार्य क्षेत्र में किए हैं, उसी के चलते यहां बड़ा अंतर संभव हो पाया है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव में अधिकारियों के दम पर बीजेपी ने जीत का प्रयास भी किया क्योंकि जो भी मंत्री आते थे वह कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न का प्रयास करते थे। इसी कारणवश कहा था कि यहां किसी की रंगबाजी नहीं चलेगी। सपा ने एक साथ मिलकर उपचुनाव में काम किया है और इसी तरह से आगे भी करती रहेगी।

Share post:

Popular

More like this
Related