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भारत में बढ़ रही नींद की समस्या, 59% भारतीयों की नींद उड़ी: क्या है इसकी वजह ?

भारत में बढ़ रही नींद की समस्या, 59% भारतीयों की नींद उड़ी: क्या है इसकी वजह ?

वर्ल्ड स्लीप डे (World Sleep Day) से पहले किए गए एक सर्वे में चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। लोकल सर्कल्स (LocalCircles) द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार, 59% भारतीय छह घंटे से कम की नींद ले पा रहे हैं। यह समस्या केवल थकान तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे हाई ब्लड प्रेशर, हाइपरटेंशन, मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।

नींद की कमी के पीछे की वजहें
सर्वे में भाग लेने वाले 43,000 लोगों में से 15,689 ने अपनी नींद की अवधि पर जवाब दिया। आंकड़ों के मुताबिक, 39% लोग 6-8 घंटे की नींद ले रहे हैं, जबकि 39% लोग 4-6 घंटे और 20% लोग 4 घंटे से भी कम सो रहे हैं।

नींद टूटने की मुख्य वजहें इस प्रकार हैं:

रात में बार-बार वॉशरूम जाना – 72% लोगों ने इसे अपनी नींद में खलल की मुख्य वजह बताया।
अनियमित दिनचर्या और तनाव – ऑफिस का काम, परिवार की जिम्मेदारियां और अगले दिन की चिंता नींद को प्रभावित कर रही है।
शोर-शराबा और मच्छरों की परेशानी – बाहरी आवाजें और कीड़े-मकोड़े भी लोगों की नींद उड़ा रहे हैं।
मोबाइल और स्क्रीन का अधिक इस्तेमाल – देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल नींद की गुणवत्ता को खराब कर रहा है।
स्वास्थ्य पर पड़ रहा बुरा असर
नींद की कमी का असर केवल शारीरिक स्वास्थ्य पर ही नहीं बल्कि मानसिक सेहत और कार्यक्षमता पर भी पड़ रहा है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक:

नींद की कमी से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता घट जाती है।
कर्मचारियों की उत्पादकता प्रभावित होती है और गलतियां बढ़ जाती हैं।
लंबे समय तक नींद की कमी से हृदय रोग, डायबिटीज और मोटापे जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

नींद की गोलियों का बढ़ता दुरुपयोग
आजकल लोग जल्दी नींद लाने के लिए नींद की दवाइयों का सहारा लेने लगे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि ये दवाएं अस्थायी राहत देती हैं, लेकिन इनके दीर्घकालिक दुष्प्रभाव गंभीर हो सकते हैं। अधिक मात्रा में इनका सेवन करने से शरीर की सहनशक्ति बढ़ जाती है और व्यक्ति को ज्यादा खुराक की जरूरत पड़ती है, जिससे नशे की लत लग सकती है।

बेहतर नींद के लिए एक्सपर्ट्स की सलाह
नींद की गुणवत्ता सुधारने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं:

कैफीन और शराब का सेवन कम करें, खासकर रात में।
सोने का समय तय करें और रोजाना उसी समय पर सोने की आदत डालें।
रात को सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी से दूरी बनाएं।
आरामदायक गद्दे और तकिए का इस्तेमाल करें।
हल्की एक्सरसाइज और ध्यान (मेडिटेशन) को दिनचर्या में शामिल करें।

अगर इन आदतों को अपनाया जाए तो न केवल नींद की गुणवत्ता सुधर सकती है, बल्कि इससे शारीरिक और मानसिक सेहत भी बेहतर हो सकती है।

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