नई दिल्ली। प्रसिद्ध पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moosewala) की हत्या को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने पंजाब से लेकर दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन किया है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल से मुलाकात की है। उन्होंने एनआईए या सीबीआई से मामले की जांच कराने की मांग की है।
सुखबीर बादल ने कहा कि अगर पंजाब सरकार ने सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा वापस लेने का फैसला नहीं लिया होता तो आज वह जिंदा होते। अकाली दल ने इस मामले में केंद्रीय स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की है। हमें पता चला है कि वारदात को अंजाम देने के लिए एके-94 राइफल का इस्तेमाल किया गया था। हम मांग करते हैं कि पंजाब सरकार को तुरंत बर्खास्त किया जाए। सीएम भगवंत मान मुख्यमंत्री पद के लायक नहीं हैं।
परिजनों को किया जा रहा पोस्टमॉर्टम के लिए मजबूर
पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह वारिंग ने कहा कि मूसेवाला के परिवार को पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार के लिए मजबूर किया जा रहा है। डीजीपी ने कल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि इसके गैंगस्टरों से संबंध थे। परिवार ने कहा कि उनका और उनके बेटे का इस तरह अपमान नहीं किया जाना चाहिए। उनका ऐसा कोई संबंध नहीं था। डीजीपी को माफी मांगनी चाहिए।
मांगें पूरी होने पर होगा पोस्टमॉर्टम
अमरिंदर सिंह वारिंग ने कहा कि परिवार ने मांग की कि एक मौजूदा हाईकोर्ट के जज के तहत एक समिति बनाई जाए। एनआईए-सीबीआई की मदद ली जाए। जब खतरे की आशंका थी और इसे सार्वजनिक किया गया था तो सुरक्षा क्यों वापस ले ली गई थी? उन्होंने कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि पोस्टमॉर्टम तभी किया जाएगा जब सभी 3 मांगें पूरी होंगी।




