संभल की अदालत ने राहुल गांधी को भेजा नोटिस, 4 अप्रैल को पेश होने के आदेश

संभल की अदालत ने राहुल गांधी को भेजा नोटिस, 4 अप्रैल को पेश होने के आदेश

संभल: उत्तर प्रदेश के संभल की एक स्थानीय अदालत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने या आगामी 4 अप्रैल को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए हैं। यह नोटिस हिंदू शक्ति दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता द्वारा दायर एक याचिका पर जारी किया गया है। याचिका में राहुल गांधी के 15 जनवरी को दिए गए एक कथित बयान को आपत्तिजनक बताया गया है, जिससे लोगों की भावनाएं आहत होने का दावा किया गया है।

राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 15 जनवरी को दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय के उद्घाटन के दौरान पार्टी नेताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि उनकी लड़ाई सिर्फ भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) और आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) से ही नहीं, बल्कि ‘इंडियन स्टेट’ (भारतीय राज व्यवस्था) से भी है। इस बयान पर सिमरन गुप्ता ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे देशभर में लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने पहले जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने 23 जनवरी को चंदौसी अदालत में याचिका दायर की।

अदालत ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब
इस मामले में अपर जिला न्यायाधीश (एडीजे)-द्वितीय निर्भय नारायण सिंह की अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए राहुल गांधी को नोटिस जारी किया है। अदालत ने कांग्रेस नेता को निर्देश दिया है कि वे या तो 4 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश हों या फिर लिखित रूप में अपना जवाब दाखिल करें।

राजनीतिक बयानबाजी बनी विवाद का कारण
राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा था कि भाजपा और आरएसएस ने देश की लगभग सभी संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है और अब उनकी लड़ाई केवल इन संगठनों से नहीं, बल्कि संपूर्ण ‘इंडियन स्टेट’ से भी है। इस बयान को लेकर कई राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। सत्ताधारी दल के नेताओं ने इसे देश की संस्थाओं के खिलाफ बयानबाजी करार दिया, जबकि कांग्रेस समर्थकों ने इसे लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बताया।

आगे की कार्रवाई
राहुल गांधी को अब इस मामले में अदालत के सामने अपना पक्ष रखना होगा। अगर वे तय समय पर अदालत में पेश नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इस मामले पर देश की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है, और देखना होगा कि कांग्रेस नेता इस नोटिस का क्या जवाब देते हैं।

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