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सांसदों की सैलरी बढ़ी: अब कुल पैकेज 2.81 लाख रुपये, समझें पूरा ब्रेकअप

सांसदों की सैलरी बढ़ी: अब कुल पैकेज 2.81 लाख रुपये, समझें पूरा ब्रेकअप

नई दिल्ली: देश के सांसदों की सैलरी में बढ़ोतरी कर दी गई है। केंद्र सरकार ने सोमवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी, जिसके मुताबिक, 1 अप्रैल 2025 से सांसदों को बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा। पहले सांसदों को 1 लाख रुपये महीना वेतन मिलता था, जिसे अब बढ़ाकर 1.24 लाख रुपये कर दिया गया है। हालांकि, विभिन्न भत्तों को मिलाकर उनकी कुल सैलरी 2.81 लाख रुपये तक पहुंच जाती है।

क्या-क्या मिलेगा सांसदों को?
नई वेतन संरचना के अनुसार, सांसदों को वेतन के अलावा निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, कार्यालय भत्ता और कई अन्य सुविधाएं मिलेंगी। यहां सांसदों की सैलरी का पूरा ब्रेकअप दिया गया है:

मासिक वेतन: 1.24 लाख रुपये

निर्वाचन क्षेत्र भत्ता: 87,000 रुपये (पहले 70,000 रुपये था)

कार्यालय खर्च भत्ता: 75,000 रुपये (पहले 60,000 रुपये था)

दैनिक भत्ता: संसदीय सत्र या समिति की बैठक में शामिल होने पर 2,500 रुपये प्रति दिन

वन-टाइम फर्नीचर अलाउंस: 1.25 लाख रुपये

34 फ्री हवाई टिकट (परिवार के लिए भी मान्य)

फ्री रेलवे पास

50,000 यूनिट मुफ्त बिजली और 4 लाख लीटर पानी

फोन-इंटरनेट भत्ता: लोकसभा सांसदों को सालाना 1,50,000 मुफ्त कॉल, राज्यसभा सांसदों को 50,000 मुफ्त कॉल

सड़क यात्रा के लिए भत्ता

मंत्रियों को क्या मिलेगा?
मंत्रियों के वेतन और भत्ते की बात करें तो उनके वेतन में भी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन उन्हें सांसदों की तरह कुछ भत्ते नहीं मिलते।

मासिक वेतन: 1.24 लाख रुपये

निर्वाचन क्षेत्र भत्ता: 87,000 रुपये

मासिक भत्ता: 75,000 रुपये

कुल वेतन और भत्ता: 2.86 लाख रुपये (पहले 2.30 लाख रुपये था)

मंत्रियों को सांसदों की तरह कार्यालय खर्च भत्ता और वन-टाइम फर्नीचर अलाउंस नहीं मिलता।

पूर्व सांसदों की पेंशन भी बढ़ी
पूर्व सांसदों की न्यूनतम पेंशन को भी बढ़ाकर 31,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है, जो पहले 25,000 रुपये थी। इसके अलावा, हर अतिरिक्त साल की सेवा के लिए पेंशन बढ़ोतरी को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया गया है।

सांसदों की सैलरी में 5 साल बाद बढ़ोतरी
मोदी सरकार ने 2018 में नियम लागू किया था कि हर 5 साल में सांसदों की सैलरी और भत्तों की समीक्षा की जाएगी। इसी नियम के तहत अब 2025 में बढ़ोतरी की गई है। 2018 में सांसदों की सैलरी 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये की गई थी।

2020 में कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने एक साल के लिए सांसदों की सैलरी में 30% की कटौती की थी। अब यह कटौती खत्म कर दी गई है और सैलरी को मुद्रास्फीति के हिसाब से बढ़ा दिया गया है।

1966 से अब तक कितना बदला सांसदों का वेतन?
अगर पुराने समय की बात करें तो 1966 में सांसदों को सिर्फ 500 रुपये महीना वेतन मिलता था। धीरे-धीरे महंगाई बढ़ने के साथ वेतन भी बढ़ता गया। पिछले 70 सालों में सांसदों की सैलरी में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।

नई बढ़ोतरी के बाद सांसदों की मासिक सैलरी 1.24 लाख रुपये हो गई है, लेकिन भत्तों को मिलाकर यह 2.81 लाख रुपये प्रति माह तक पहुंच जाती है। इसके अलावा, पूर्व सांसदों की पेंशन भी बढ़ा दी गई है। सरकार का कहना है कि यह संशोधन मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए किया गया है और हर 5 साल में इसकी समीक्षा होती रहेगी।

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