Russia Nuclear Drill: पुतिन के परमाणु अभ्‍यास से सहमी दुनिया, जमीन, हवा, समुद्र से मिसाइलों की बारिश

Russia Nuclear Drill: पुतिन के परमाणु अभ्‍यास से सहमी दुनिया, जमीन, हवा, समुद्र से मिसाइलों की बारिश

मास्‍को, सुपरपावर रूस ने यूक्रेन में जारी तनाव के बीच शनिवार को जमीन, हवा और समुद्र से महाविनाशक मिसाइलों की बारिश का अभ्‍यास करके पूरी दुनिया को दहशत में डाल दिया। रूसी मिसाइलों में परंपरागत मिसाइलों के साथ- साथ दो हाइपरसोनिक मिसाइलें भी शामिल थीं जिनका तोड़ अभी दुनिया में किसी भी देश के पास नहीं है। ये रूसी मिसाइलें दुनिया के किसी भी कोने में परमाणु बम गिराने में सक्षम हैं जिससे किसी भी शहर को पलभर में राख के ढेर में बदला जा सकता है।

रूस के इस परमाणु शक्ति प्रदर्शन के दौरान देश के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन और बेलारूस का तानाशाह लुकाशेंको भी क्रेमलिन में मौजूद था। इस अभ्‍यास की शुरुआत में रूस ने देश के पश्चिमोत्‍तर इलाके में स्थित रूसी अड्डे से मिसाइल दागी। इसके कुछ सेकंड बाद ही बैरंट सागर में एक पनडुब्‍बी की मदद से दूसरी मिसाइल को लांच किया गया। इन दोनों ही मिसाइलों ने हजारों किलोमीटर दूर स्थित अपने लक्ष्‍य को निशाना बनाया। इन मिसाइलों में विस्‍फोटक नहीं थे इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई।

जानें किन मिसाइलों का रूस ने किया परीक्षण
रूस ने जिन मिसाइलों परीक्षण किया उनमें यार्स मोबाइल अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल, सिनेवा (समुद्र से लांच की जाने वाली बलिस्टिक मिसाइल), टीयू-95 बॉम्‍बर की मदद से हवा से दागे जाने वाली क्रूज मिसाइल, कैलिबर (सबमरीन से लांच की जाने वाली क्रूज मिसाइल), इस्‍कंदर जमीन से लांच की जाने वाली क्रूज मिसाइल शामिल हैं। इसके अलावा रूस ने अपनी ब्रह्मास्‍त्र कहे जाने वाली हाइपरसोनिक मिसाइलों किंझल और जिरकॉन का भी परीक्षण करके दुन‍िया को सख्‍त संदेश दिया। किंझल को जहां मिग 31 के फाइटर जेट से वहीं जिरकॉन को जंगी जहाज से दागा गया।

 

रूस के रक्षा मंत्रालय ने इन मिसाइलों के परीक्षण के वीडियो को जारी किया है। एक वीडियो में रूसी जनरल वलेरी गेरासिमोव पुतिन से कहते नजर आ रहे हैं, ‘इस अभ्‍यास का मुख्‍य मकसद रणनीतिक आक्रामक बल को प्रशिक्षण देना है ताकि दुश्‍मन की हार को हर तरीके से गारंटी दी जा सके।’ रूसी राष्‍ट्रपति कार्यालय ने कहा कि उत्‍तरी और काला सागर में मौजूद जंगी जहाजों और सबमरीन ने कैलिबर क्रूज मिसाइल और जिरकॉन हाइपरसोनिक मिसाइलों से समुद्र और जमीन पर मौजूद लक्ष्‍यों को निशाना बनाया।

मिग-31 के विमानों ने दागी किंझल हाइपरसोनिक मिसाइल
इसके अलावा रूसी सैनिकों ने इस्‍कंदर जमीन आधारित क्रूज मिसाइलों को दक्षिणी रूस के कापुस्‍तीन यार परीक्षण स्‍थल से दागा गया। रूसी रक्षा मंत्रालय ने एक वीडियो जारी करके दिखाया कि किस तरह से मिग-31 के विमानों ने किंझल हाइपरसोनिक मिसाइल से जमीनी लक्ष्‍य को निशाना बनाया। आरएस-24 यार्स थर्मोन्‍यूक्लियर अंतरमहाद्वीपीय बलिस्टिक मिसाइल को भी परीक्षण के दौरान देखा गया। रूसी राष्‍ट्रपति कार्यालय ने कहा कि सभी मिसाइलों ने अपने लक्ष्‍य को निशाना बनाने में सफलता हासिल की।

जिरकॉन का तोड़ किसी देश के पास नहीं
रूस के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक जिरकॉन मिसाइल ध्‍वनि की 7 गुना रफ्तार या मैक 7 की गति से हमला करने में सक्षम है। रूस की योजना अपनी सेना को हाइपरसोनिक मिसाइलों से लैस करने की है। रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने वर्ष 2018 में कहा था कि यह मिसाइल दुनिया के किसी भी हिस्‍से पर हमला कर सकती है और अमेरिका के बनाए डिफेंस सिस्‍टम को भी चकमा दे सकती है। माना जाता है कि यह मिसाइल 1000 किमी तक अपने दुश्‍मन को तबाह करने की ताकत रखती है।


जानें कितनी खतरनाक है इस्कंदर मिसाइल

रूस के इस्कंदर मिसाइल सिस्टम में शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हैं। इसे साल 2006 में रूसी सेना में कमीशन किया गया था। यह सिस्टम वर्तमान में रूसी सेना, आर्मीनियाई सेना और अल्जीरियाई सेना में कमीशन है। यह मिसाइल 480 से 700 किलोग्राम तक परमाणु और गैर परमाणु वॉरहेड को लेकर जा सकती है। इसकी मिसाइलें मैक 5.9 की स्पीड से उड़ान भर सकती हैं।

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