नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के तीसरे दिन विपक्षी दलों ने प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ की घटना को लेकर सरकार से जवाब मांगा, जिससे सदन में भारी हंगामा हुआ। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई।
लोकसभा अध्यक्ष ने दी नसीहत
हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने नाराजगी जताते हुए कहा, “अगर जनता ने आपको नारेबाजी के लिए भेजा है तो यही करिए, वरना सदन चलने दीजिए।” उन्होंने सांसदों को याद दिलाया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में इस मुद्दे का जिक्र हुआ था, और वे इस पर चर्चा कर सकते हैं, लेकिन प्रश्नकाल में बाधा डालना उचित नहीं है।
महाकुंभ भगदड़ पर जवाब की मांग
विपक्षी दलों ने प्रयागराज महाकुंभ में मची भगदड़ को लेकर सरकार से मौतों का सही आंकड़ा जारी करने की मांग की। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार ने मृतकों की संख्या को छिपाया है। इस मुद्दे को लेकर सदन में ‘प्रधानमंत्री जवाब दो’ और ‘मोदी सरकार शेम शेम’ जैसे नारे लगे।
प्रश्नकाल में हंगामे पर सख्त रुख
लोकसभा अध्यक्ष ने साफ किया कि प्रश्नकाल महत्वपूर्ण समय होता है, जिसमें सरकार से जवाबदेही तय की जाती है। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वे अपनी सीटों पर बैठें और चर्चा में भाग लें। हालांकि, विपक्ष अपनी मांगों पर अड़ा रहा और सदन में लगातार हंगामा जारी रहा।
महाकुंभ भगदड़ में 30 मौतों का दावा
मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज महाकुंभ में मची भगदड़ में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई थी। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है और मृतकों की सही संख्या सार्वजनिक करने की मांग कर रहा है। वहीं, सरकार का कहना है कि उचित जांच के बाद ही आधिकारिक आंकड़े जारी किए जाएंगे।
संसद में इस हंगामे के चलते कार्यवाही कई बार बाधित हुई। अब देखना होगा कि सरकार इस मुद्दे पर विपक्ष को संतोषजनक जवाब देती है या नहीं।




