बेंगलुरु: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक 21 से 23 मार्च तक कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आयोजित की जाएगी। यह बैठक चन्नेनहल्ली स्थित जनसेवा विद्या केंद्र परिसर में होगी, जिसमें संघ की वार्षिक रिपोर्ट पर चर्चा के साथ-साथ आगामी अभियानों की रूपरेखा तय की जाएगी। इस बार बैठक के एजेंडे में हिंदू जागरण का मुद्दा भी प्रमुख रहेगा।
कल प्रचार प्रमुख करेंगे प्रेस ब्रीफिंग
बैठक से पहले बुधवार, 19 मार्च को दोपहर 12.30 बजे संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर प्रेस ब्रीफ करेंगे। इस दौरान वे बैठक के एजेंडे और प्रमुख मुद्दों पर जानकारी साझा करेंगे। यह प्रेस वार्ता भी जनसेवा विद्या केंद्र में ही आयोजित होगी।
22 मार्च को सहसरकार्यवाह देंगे बयान, अंतिम दिन सरकार्यवाह करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस
संघ की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार,
- 21 मार्च को सुबह 8:30 बजे बैठक की शुरुआत होगी।
- 22 और 23 मार्च को दोपहर 12:30 बजे प्रेस ब्रीफिंग होगी।
- 22 मार्च को संघ के सहसरकार्यवाह मीडिया को संबोधित करेंगे।
- 23 मार्च को संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले अंतिम प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
बैठक में प्रमुख मुद्दों पर होगी चर्चा
RSS के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर के अनुसार, इस बैठक में संघ की वार्षिक रिपोर्ट (2024-25) पर चर्चा की जाएगी। साथ ही,
- हिंदू जागृति से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
- देश के वर्तमान सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य का विश्लेषण किया जाएगा।
- आगामी अभियानों और कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी।
- विजयादशमी 2025 पर RSS के 100 साल पूरे होने के अवसर पर किए जाने वाले कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
- संघ की यह बैठक सालाना स्तर पर होती है और इसे संघ का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला मंच माना जाता है।
मोहन भागवत और शीर्ष नेतृत्व रहेंगे शामिल
संघ की इस महत्वपूर्ण बैठक में सरसंघचालक मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी सह सरकार्यवाह, संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकारिणी के सदस्य शामिल होंगे। इसके अलावा, प्रांत और क्षेत्र स्तर के 1480 से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी भी संभावित है।
RSS के 100 वर्ष पूरे होने पर विशेष चर्चा
RSS इस साल विजयादशमी (दशहरा) के दिन अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर को ध्यान में रखते हुए, बैठक में शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों और अभियानों की विस्तृत योजना पर भी विचार किया जाएगा।
संघ की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च बैठक
RSS की यह अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा संघ की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था मानी जाती है। इसमें संघ की भविष्य की रणनीति, गतिविधियां और कार्ययोजनाएं तय की जाती हैं। इस बैठक के निर्णयों का संघ के कार्यकर्ताओं और संगठनों पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
RSS की तीन दिवसीय बैठक 21 मार्च से बेंगलुरु में शुरू हो रही है, जिसमें हिंदू जागरण, संघ की वार्षिक रिपोर्ट और RSS के 100 वर्ष पूरे होने पर विशेष योजना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। बैठक में सरसंघचालक मोहन भागवत सहित संघ के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति रहेगी। इससे पहले 19 मार्च को प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर बैठक के बारे में प्रेस ब्रीफिंग देंगे।




