द फ्रंट डेस्क: भारतीय जनता पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी ने कुल 9 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। इनमें बिहार से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अलावा ओडिशा से प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और पश्चिम बंगाल से वरिष्ठ नेता राहुल सिन्हा को मैदान में उतारा गया है। राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा करते समय भाजपा ने सामाजिक और राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखने की कोशिश की है। कई राज्यों में ऐसे नेताओं को मौका दिया गया है जो संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं और जिनका अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत प्रभाव माना जाता है।
छह राज्यों से नौ उम्मीदवारों का ऐलान
भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए छह राज्यों से अपने नौ उम्मीदवार घोषित किए हैं। इनमें बिहार की सीटों को सबसे ज्यादा अहम माना जा रहा है क्योंकि यहां कुल पांच सीटों पर चुनाव होना है। पार्टी ने अपने हिस्से की दो सीटों पर नितिन नबीन और प्रदेश संगठन से जुड़े नेता शिवेश कुमार को उम्मीदवार बनाया है। वहीं एनडीए गठबंधन की ओर से उपेंद्र कुशवाहा को संयुक्त उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा है। गठबंधन सहयोगी जनता दल (यूनाइटेड) के हिस्से में दो सीटें आने की संभावना है। ऐसे में पांचवीं सीट के लिए एनडीए और विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल के बीच मुकाबला रोचक हो सकता है।
नितिन नबीन को राज्यसभा भेजने के पीछे क्या वजह?
नितिन नबीन को राज्यसभा भेजने के पीछे भाजपा की स्पष्ट राजनीतिक रणनीति मानी जा रही है। जब से उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है, तब से यह माना जा रहा था कि पार्टी उन्हें संसद में लाना चाहेगी। दरअसल, राष्ट्रीय स्तर पर संगठन का नेतृत्व करने के लिए संसद में मौजूद रहना राजनीतिक रूप से अहम माना जाता है। इससे उन्हें राष्ट्रीय राजनीति और संसदीय कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। नितिन नबीन फिलहाल विधायक हैं और राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से पहले बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। भाजपा ने बिहार की दूसरी सीट के लिए वरिष्ठ नेता रहे मुनि लाल के पुत्र शिवेश कुमार को उम्मीदवार बनाया है। मुनि लाल सासाराम से सांसद रह चुके हैं और केंद्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।

असम, छत्तीसगढ़ और बंगाल में नए चेहरों को मौका
असम में भाजपा ने दो नए चेहरों को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। इनमें राज्य सरकार में मंत्री जोगेन मोहन और विधायक तेराश गोवाला शामिल हैं। राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी ने सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर इन नामों का चयन किया है। छत्तीसगढ़ में भाजपा ने कुर्मी समुदाय से आने वाली महिला नेता लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। वे लंबे समय से पार्टी संगठन में सक्रिय रही हैं और कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने वरिष्ठ नेता राहुल सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है। राहुल सिन्हा लंबे समय तक प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव के रूप में काम कर चुके हैं और संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
महाराष्ट्र में सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश
भाजपा ने अपनी दूसरी सूची में महाराष्ट्र से चार उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, महिला नेता माया चिंतामन इवनाते और ओबीसी नेता रामराव वडकुटे शामिल हैं। पार्टी ने इन उम्मीदवारों के जरिए अलग-अलग सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है। सूची में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी और मराठा समुदाय के नेताओं को शामिल किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा की यह रणनीति आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है, जिससे विभिन्न सामाजिक समूहों में पार्टी की पकड़ मजबूत हो सके और संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूती मिले।




