IND vs ENG: वर्ल्ड कप, वानखेड़े और सेमीफाइनल… क्या टीम इंडिया इस बार मिटा पाएगी पुराने दर्द की याद?

IND vs ENG: वर्ल्ड कप, वानखेड़े और सेमीफाइनल… क्या टीम इंडिया इस बार मिटा पाएगी पुराने दर्द की याद?

द फ्रंट डेस्क: टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम सेमीफाइनल तक पहुंच चुकी है और अब उसका मुकाबला इंग्लैंड से होना है। यह मैच मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि इसी मैदान पर टीम इंडिया के साथ सेमीफाइनल की कुछ कड़वी यादें जुड़ी हुई हैं। ऐसे में इस मुकाबले को सिर्फ फाइनल की टिकट ही नहीं, बल्कि पुराने जख्म भरने के मौके के तौर पर भी देखा जा रहा है।

सेमीफाइनल से पहले बढ़ीं फैंस की धड़कनें

5 मार्च यानी आज शाम जब भारतीय टीम मैदान पर उतरेगी तो करोड़ों फैंस की निगाहें इसी मुकाबले पर टिकी होंगी। टूर्नामेंट में अब तक टीम इंडिया का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है, लेकिन इसके बावजूद टीम सेमीफाइनल तक पहुंचने में सफल रही है। अब सामने है इंग्लैंड की चुनौती। फाइनल में जगह बनाने के लिए भारतीय टीम को यहां अपने खेल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। इसके पीछे सिर्फ मौजूदा मुकाबले की अहमियत नहीं, बल्कि वानखेड़े से जुड़ी पुरानी यादें भी हैं जो आज तक क्रिकेट प्रेमियों के मन में ताजा हैं।

10 साल पुरानी हार की याद

क्रिकेट फैंस को साल 2016 का टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल जरूर याद होगा। उस समय भारत का सामना वेस्टइंडीज से हुआ था और मुकाबला इसी मैदान पर खेला गया था। उस मैच में विराट कोहली की शानदार 89 रन की नाबाद पारी के दम पर भारत ने 195 रन का बड़ा लक्ष्य खड़ा किया था। हालांकि इसके बाद गेंदबाजी और फील्डिंग में हुई कुछ गलतियों का फायदा उठाते हुए वेस्टइंडीज ने यह लक्ष्य हासिल कर लिया और भारत का फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया। वेस्टइंडीज ने बाद में टूर्नामेंट का खिताब भी जीत लिया था। यही वह हार है जिसे भारतीय फैंस आज तक याद करते हैं।

फिर उसी मैदान पर सेमीफाइनल

कई साल बाद टी20 वर्ल्ड कप फिर भारत में आयोजित हो रहा है और एक बार फिर टीम इंडिया सेमीफाइनल में पहुंची है। दिलचस्प बात यह है कि मुकाबला फिर उसी वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाना है। तब भी भारत खिताब का मजबूत दावेदार था और इस बार भी टीम से बड़ी उम्मीदें हैं। हालांकि इंग्लैंड की टीम को हल्के में लेना आसान नहीं होगा क्योंकि उसने भी टूर्नामेंट में कई कठिन मुकाबलों से गुजरते हुए यहां तक का सफर तय किया है।

इंग्लैंड से जुड़ी एक और पुरानी याद

वानखेड़े और सेमीफाइनल का एक और इतिहास भी भारतीय क्रिकेट से जुड़ा है। साल 1987 में भारत ने पहली बार वनडे वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी। उस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में भी मुकाबला मुंबई के इसी मैदान पर खेला गया था। उस मैच में भारत का सामना इंग्लैंड से हुआ था। उस समय टीम इंडिया मौजूदा चैंपियन थी और खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी, लेकिन इंग्लैंड ने सेमीफाइनल में भारत को हराकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया था। अब कई साल बाद एक बार फिर सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड आमने-सामने हैं। ऐसे में सवाल यही है कि क्या इतिहास खुद को दोहराएगा या फिर इस बार टीम इंडिया वानखेड़े की पुरानी यादों को जीत में बदल देगी।

तीसरे मौके पर क्या बदलेगी किस्मत?

क्रिकेट के इतिहास में वानखेड़े स्टेडियम ने कई यादगार मैच देखे हैं। अब एक और बड़ा मुकाबला यहां होने जा रहा है। भारतीय टीम के पास मौका है कि वह इंग्लैंड को हराकर फाइनल में जगह बनाए और साथ ही इस मैदान से जुड़ी पुरानी हारों की कसक भी खत्म कर दे। अब देखना दिलचस्प होगा कि सेमीफाइनल की इस टक्कर में टीम इंडिया इतिहास बदलती है या फिर एक बार फिर इंग्लैंड भारतीय उम्मीदों पर पानी फेर देता है।

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