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लखनऊ, 30 सितम्बर 2021

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद उत्तर प्रदेश के आईएएस अधिकारी मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन के समर्थन में सामने आए हैं, जिन पर धर्म परिवर्तन करवाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। ओवैसी ने आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार राजनीतिक फायदे के लिए मुसलमानों को निशाना बना रही है।

ओवैसी ने कहा, “यूपी सरकार ने एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के छह साल पुराने वीडियो की ‘जांच’ करने के लिए एक एसआईटी का गठन किया। वीडियो को संदर्भ से बाहर किया गया है और उस समय का है जब यह सरकार सत्ता में नहीं थी। यह धर्म के आधार पर जबरदस्त और लक्षित उत्पीड़न है।”

भाजपा सरकार पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए उन्होंने आगे कहा, “यदि पैरामीटर यह है कि कोई भी अधिकारी धार्मिक गतिविधि से जुड़ा नहीं होना चाहिए, तो कार्यालयों में सभी धार्मिक प्रतीकों/छवियों के उपयोग पर रोक लगाएं। अगर घर में केवल आस्था की चर्चा करना अपराध है, तो सार्वजनिक धार्मिक उत्सव में भाग लेने वाले सभी अधिकारियों को दंडित करें।”

जाने-माने शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद भी आईएएस अधिकारी का समर्थन करने के लिए सामने आए हैं।

उन्होंने कहा, “हर व्यक्ति को अपने घर में इबादत करने का अधिकार है। अगर यह आईएएस अधिकारी अपने घर में एक विशेष तरीके से इबादत करता है, तो उसके लिए क्यों आजमाया जाना चाहिए? हर मामले में एसआईटी जांच उचित नहीं है क्योंकि सभी को धर्म की आजादी है।”

योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में जबरन और अवैध धर्मांतरण के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।

यूपी एटीएस ने अपने संगठनों के माध्यम से देश भर में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण में शामिल होने के आरोप में 14 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि इसमें शामिल लोग निदोर्षो को धमकाने और इस्लाम कबूल करने का लालच देकर पैसे की पेशकश कर रहे थे।