Greater Noida Bus Fire: ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। दिल्ली से महोबा जा रही एक स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के वक्त बस यात्रियों से भरी हुई थी और कई यात्री सो रहे थे। आग लगने के बाद बस के अंदर धुआं भर गया, जिसके चलते यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई। हादसे में 9 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
दिल्ली से महोबा जा रही थी बस
जानकारी के मुताबिक, हादसे का शिकार हुई स्लीपर बस दिल्ली से उत्तर प्रदेश के महोबा जा रही थी। बस का रजिस्ट्रेशन नंबर BR32 PA8647 बताया गया है और यह राज कल्पना ट्रैवल्स की बस थी। यह ट्रैवल कंपनी यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश के अलग-अलग रूटों पर बस सेवा संचालित करती है। हादसे के समय बस में बड़ी संख्या में यात्री मौजूद थे। ज्यादातर यात्री रात होने की वजह से अपनी सीटों पर सो रहे थे। इसी दौरान अचानक बस में आग लग गई और यात्रियों को संभलने का ज्यादा मौका नहीं मिल पाया। कुछ यात्रियों ने समय रहते बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली, लेकिन कई लोग अंदर फंस गए।
दयानतपुर गांव के पास अचानक लगी आग
यह हादसा यमुना एक्सप्रेसवे पर दयानतपुर गांव के पास हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बस में अचानक आग लगी और आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं। ड्राइवर ने आग का पता चलने के बाद बस को एक्सप्रेसवे पर रोकने की कोशिश की। बस रुकते ही यात्रियों में बाहर निकलने की होड़ मच गई। कुछ ही देर में बस धुएं और आग की लपटों से घिर गई। रात के समय हुई इस घटना के कारण यात्रियों के लिए स्थिति और मुश्किल हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल टीमों ने राहत और बचाव अभियान शुरू किया।
9 यात्रियों की मौत, कई घायल
बस में आग लगने के बाद यात्रियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित बाहर निकलने की थी। प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के मुताबिक, आग के साथ बस के अंदर तेजी से धुआं भरने लगा था। धुएं के कारण यात्रियों को सांस लेने और बाहर निकलने में परेशानी हो रही थी। कुछ यात्रियों ने बस की खिड़कियों से बाहर छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। एक यात्री ने बताया कि उसे किसी ने जगाकर बस में आग लगने की जानकारी दी। इसके बाद लोग घबराकर बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। एक अन्य यात्री ने बताया कि हालात इतने खराब थे कि वह अपना सामान तक नहीं निकाल पाईं और सिर्फ फोन लेकर किसी तरह बस से बाहर निकल सकीं।
इस भीषण हादसे में अब तक 9 यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है। आग की चपेट में आने से कई अन्य यात्री घायल हुए हैं। घायलों को तत्काल अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। हादसे के बाद प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू की गई। बस के पूरी तरह जल जाने के कारण अंदर मौजूद यात्रियों तक पहुंचना भी राहत एवं बचाव टीमों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने घटनास्थल पर राहत कार्य तेज किया।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
प्रारंभिक जांच में बस में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने की आशंका जताई गई है। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगी। पुलिस और संबंधित विभाग हादसे के अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रहे हैं। यह भी देखा जा रहा है कि आग बस के किस हिस्से से शुरू हुई और कितनी तेजी से पूरे वाहन में फैली। इसके अलावा बस में मौजूद सुरक्षा उपकरणों और आपातकालीन निकास व्यवस्था की भी जांच की जा सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की सटीक वजह और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। उस समय बस आग की तेज लपटों में घिरी हुई थी। फायर ब्रिगेड ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत और बचाव टीमों ने बस में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। आग बुझने के बाद बस पूरी तरह जल चुकी थी और उसका अधिकांश हिस्सा मलबे में बदल गया था। बाद में क्रेन की मदद से जली हुई बस को घटनास्थल से हटाया गया। पुलिस ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं और हादसे की जांच शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री योगी ने लिया हादसे का संज्ञान
ग्रेटर नोएडा में हुए इस दर्दनाक हादसे का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के बेहतर और उचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है। प्रशासन की ओर से हादसे में घायल यात्रियों के इलाज और मृतकों की पहचान समेत अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
बस हादसे ने खड़े किए सुरक्षा पर सवाल
यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी इस आग ने लंबी दूरी की निजी बसों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रात के समय चलने वाली स्लीपर बसों में बड़ी संख्या में यात्री सो रहे होते हैं, ऐसे में आग जैसी आपात स्थिति में बाहर निकलना बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इस हादसे में भी कई यात्रियों को खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचानी पड़ी। ऐसे में बसों में इमरजेंसी एग्जिट, अग्निशमन यंत्र, दरवाजों की व्यवस्था और ड्राइवर-कंडक्टर की आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारी जैसे पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। अब पुलिस और प्रशासन की जांच से यह स्पष्ट होगा कि बस में सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया गया था और आग लगने के बाद राहत-बचाव में किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।




