द फ्रंट डेस्क : एशियन गेम्स 2026 के भारत-पाकिस्तान गोल्ड मेडल मैच में भी दोनों टीमों के कप्तानों के बीच हैंडशेक नहीं हुआ। टॉस के दौरान भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर ने पाकिस्तान के कप्तान साहिबजादा फरहान से हाथ नहीं मिलाया। इसके साथ ही भारत-पाकिस्तान क्रिकेट में नो-हैंडशेक का सिलसिला आगे बढ़ गया। भारत और पाकिस्तान के बीच एशियन गेम्स 2026 का गोल्ड मेडल मुकाबला 3 अक्टूबर को खेला जा रहा है। टॉस भारत के पक्ष में रहा और श्रेयस अय्यर ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टॉस के बाद दोनों कप्तानों के बीच सामान्य तौर पर होने वाला हैंडशेक देखने को नहीं मिला। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पिछले साल एशिया कप के दौरान भारत-पाकिस्तान मैच के बाद भी भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी टीम के साथ हाथ नहीं मिलाया था। इसके बाद दोनों टीमों के बीच होने वाले मुकाबलों में भी हैंडशेक को लेकर लगातार चर्चा होती रही है।
384 दिन से नहीं हुआ भारत-पाकिस्तान खिलाड़ियों के बीच हैंडशेक
भारत और पाकिस्तान के बीच नो-हैंडशेक की चर्चा 14 सितंबर 2025 से शुरू हुई थी। उस दिन एशिया कप में दोनों टीमें आमने-सामने थीं। मैच के दौरान भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा से हाथ नहीं मिलाया था। मैच खत्म होने के बाद भी भारतीय टीम पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाए बिना ड्रेसिंग रूम में लौट गई थी। इसके बाद से दोनों टीमों के बीच जब भी मुकाबला हुआ, हैंडशेक का मुद्दा सुर्खियों में रहा। अब 3 अक्टूबर 2026 को एशियन गेम्स के फाइनल में भी यही स्थिति देखने को मिली। इस तरह भारत-पाकिस्तान क्रिकेट में नो-हैंडशेक को लेकर चर्चा लगातार जारी है।
एशिया कप से एशियन गेम्स तक जारी रहा नो-हैंडशेक
14 सितंबर 2025 के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कई मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें एशिया कप के मुकाबले और 2026 टी-20 वर्ल्ड कप का मैच भी शामिल रहा। इन मुकाबलों में हैंडशेक को लेकर अलग-अलग मौकों पर चर्चा हुई। एशियन गेम्स का फाइनल भी इससे अलग नहीं रहा। श्रेयस अय्यर और साहिबजादा फरहान के बीच टॉस के दौरान हैंडशेक नहीं हुआ। हालांकि, दोनों टीमों का बहुपक्षीय टूर्नामेंट में खेलना जारी है। भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट संबंधों और बहुपक्षीय टूर्नामेंटों में भागीदारी को लेकर भारत का रुख अलग रहा है।
भारत सरकार का पाकिस्तान के साथ क्रिकेट पर क्या रुख है?
भारत सरकार की ओर से पहले स्पष्ट किया जा चुका है कि बहुपक्षीय अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में पाकिस्तान के साथ खेलने को लेकर भारत को आपत्ति नहीं है और टीम अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं के नियमों के अनुसार ऐसे मुकाबलों में हिस्सा लेगी। वहीं, भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज को लेकर अलग स्थिति रही है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज नहीं हुई है। यानी एशियन गेम्स, एशिया कप या वर्ल्ड कप जैसे बहुपक्षीय टूर्नामेंटों में दोनों टीमें एक-दूसरे के खिलाफ खेल सकती हैं, लेकिन द्विपक्षीय सीरीज का आयोजन अलग विषय है।
भारत-पाकिस्तान के बीच गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला
एशियन गेम्स 2026 का यह मुकाबला सिर्फ भारत-पाकिस्तान मैच नहीं, बल्कि गोल्ड मेडल के लिए फाइनल है। इस मैच को जीतने वाली टीम एशियन गेम्स में क्रिकेट का गोल्ड मेडल अपने नाम करेगी, जबकि हारने वाली टीम को सिल्वर मेडल मिलेगा। भारतीय टीम एशियन गेम्स की मौजूदा चैंपियन है। भारत ने 2022 एशियन गेम्स में क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीता था। ऐसे में टीम इंडिया की कोशिश अपने खिताब को बरकरार रखने की होगी। दूसरी ओर पाकिस्तान की टीम गोल्ड मेडल जीतने के लिए मैदान पर उतरी है। भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले को लेकर पहले से ही काफी उत्सुकता है और फाइनल में दोनों टीमों के आमने-सामने होने से मुकाबले का रोमांच और बढ़ गया है।




