नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को लोकसभा में सभी सांसदों से साल में कम से कम एक बार पूरी स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की। उन्होंने कहा, “यहां कई सदस्य ‘ओवरवेट’ हैं, और हम आप सभी के स्वास्थ्य की चिंता करते हैं।” स्वास्थ्य मंत्री ने यह बयान प्रश्नकाल के दौरान दिया, जब स्वास्थ्य से जुड़े पूरक प्रश्नों पर चर्चा हो रही थी।
स्वास्थ्य जांच पर जोर
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नड्डा से कहा कि वे केवल सांसदों ही नहीं, बल्कि जनता को भी नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए प्रेरित करें। इस पर मंत्री ने जवाब दिया कि जनता की जांच तो जरूरी है ही, लेकिन सांसदों को भी अपनी नियमित मेडिकल जांच करानी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार आयुष्मान आरोग्य मंदिर अभियान के तहत 30 साल से अधिक उम्र के सभी नागरिकों के लिए निशुल्क स्वास्थ्य जांच का कार्यक्रम चला रही है, जिसमें उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग की जाती है।
देश में बढ़ रही बीमारियां
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अब तक 35 करोड़ लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। इनमें से—
4.2 करोड़ लोग उच्च रक्तचाप से पीड़ित पाए गए।
2.6 करोड़ लोगों में मधुमेह की पुष्टि हुई।
1.18 करोड़ लोगों में कैंसर के लक्षण मिले।
इसके अलावा, सरकार ने टीबी उन्मूलन के लिए भी एक नई मशीन का उपयोग शुरू किया है, जो एक साथ 32 नमूनों की स्क्रीनिंग कर सकती है।
आयुष्मान भारत योजना पर चर्चा
भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने शिकायत की कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद कई मरीजों को अस्पतालों में बिस्तर की कमी या दस्तावेजों की अनुपस्थिति का बहाना बनाकर इलाज से वंचित किया जाता है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 63 करोड़ से अधिक लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त उपचार की सुविधा मिल रही है। उन्होंने सांसदों से अनुरोध किया कि यदि उनके पास ऐसी कोई शिकायत हो, तो सरकार तुरंत कार्रवाई करेगी।
पटना एम्स के नए निदेशक की नियुक्ति जल्द
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सांसद मीसा भारती ने एम्स पटना में निदेशक पद खाली होने का मुद्दा उठाया। इस पर नड्डा ने जवाब दिया कि किसी कारणवश निदेशक को हटाया गया था, और जल्द ही नए निदेशक की नियुक्ति की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के बयान के बाद यह स्पष्ट है कि स्वास्थ्य जांच केवल आम जनता ही नहीं, बल्कि सांसदों के लिए भी जरूरी है। सरकार आयुष्मान भारत योजना और बीमारियों की स्क्रीनिंग को प्रभावी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने सभी से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की, ताकि गंभीर बीमारियों को समय रहते रोका जा सके।v



